गुना में जमीन विवाद में भाजपा नेता ने किसान की हत्या, बेटियों पर हमला और कपड़े फाड़ने की घटना
गुना, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के गुना जिले के गणेशपुरा गांव में एक भयानक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जमीन विवाद के चलते भाजपा नेता महेंद्र नागर और उनके साथियों ने किसान रामस्वरूप नागर पर हमला कर उसे जीप से कुचल दिया। इस हमले में किसान की पत्नी और मामा भी गंभीर रूप से घायल हुए। जब किसान की बेटियाँ और परिवार के अन्य सदस्य बचाने पहुंचे, तो आरोपितों ने उनकी भी पिटाई की और उनके कपड़े फाड़ दिए।
घटना की जानकारी के अनुसार, यह घटना फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गणेशपुरा गांव में हुई, जहां छह बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। रामस्वरूप नागर अपनी मामा राजेंद्र नागर की जमीन वापस लेने के लिए महेंद्र नागर से पैसे लेकर जमीन मांग रहे थे। इसी को लेकर रविवार दोपहर लगभग 1:30 बजे किसान अपने खेत की ओर जा रहे थे।
भाजपा नेता और उनके साथियों का हमला
घटना के समय भाजपा नेता महेंद्र नागर के साथ उनके पुत्र रामनारायण नागर, जितेंद्र नागर, कन्हैयालाल नागर, लोकेश नागर, नवीन नागर, हरीश नागर, नीतेश नागर, देवेंद्र नागर, हुकुम नागर, प्रिंस नागर, गौतम नागर और अन्य मौजूद थे। आरोपितों ने पहले रामस्वरूप नागर पर लाठी और डंडों से हमला किया और फिर अपनी जीप से उन्हें कुचल दिया। इस हमले में किसान के हाथ-पांव टूट गए।
जब किसान की बेटियाँ और परिवार के अन्य सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे, तो उनके साथ भी मारपीट की गई और उनके कपड़े फाड़ दिए गए। घटना के दौरान आरोपित महेंद्र नागर ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से हवाई फायर भी किया, जिससे वहां का माहौल और भयावह हो गया।
जिला अस्पताल में इलाज के दौरान किसान की मौत
घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान रामस्वरूप नागर की मौत हो गई। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ जारी है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
मृतक रामस्वरूप नागर के परिवार ने आरोपितों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। पोस्टमार्टम के लिए स्वजनों ने विरोध किया और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इस बीच, बमोरी विधायक ऋषि अग्रवाल कांग्रेस नेताओं के साथ अस्पताल पहुंचे और परिवार से मुलाकात कर कार्रवाई का भरोसा दिया।
घटना का पीछे का कारण
जानकारी के अनुसार, रामस्वरूप नागर के मामा राजेंद्र नागर की राजस्थान के पचलावड़ा गांव में छह बीघा जमीन थी। राजेंद्र ने उक्त जमीन कुछ रुपये लेकर महेंद्र नागर और उनके साथियों को दे दी थी। रामस्वरूप नागर ने पैसे देकर मामा की जमीन वापस लेने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया।
आरोपित महेंद्र नागर का राजनीतिक कनेक्शन
मुख्य आरोपित महेंद्र नागर भाजपा के फतेहगढ़ मंडल के बूथ क्रमांक 55, ग्राम गणेशपुरा के अध्यक्ष रहे हैं। इससे पहले महेंद्र नागर कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे, लेकिन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद महेंद्र नागर ने भी भाजपा ज्वाइन कर ली।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में महेंद्र नागर, जितेंद्र नागर, कन्हैयालाल नागर, लोकेश नागर, नवीन नागर, हरीश नागर, नीतेश नागर, देवेंद्र नागर, हुकुम नागर, प्रिंस नागर, गौतम नागर और अन्य पर मुकदमा दर्ज किया है। एसडीओपी विवेक अष्ठाना ने बताया कि एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ जारी है। अन्य आरोपितों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
स्थानीय और राजनीतिक प्रतिक्रिया
घटना ने पूरे गुना जिले में सनसनी मचा दी है। मृतक रामस्वरूप नागर कांग्रेस कार्यकर्ता थे। इस भयानक घटना के बाद स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा
इस घटना में खासकर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है। किसान की बेटियों के कपड़े फाड़ने की घटना सामाजिक और कानूनी रूप से गंभीर अपराध मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष
गुना की यह घटना केवल एक जमीन विवाद नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक असमानता की ओर इशारा करती है। आरोपी भाजपा नेता होने के बावजूद किसी को भी कानून से ऊपर नहीं होने देना चाहिए। मृतक के परिवार को न्याय मिलने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस को तुरंत प्रभावी कार्रवाई करनी होगी।
यह मामला न केवल गुना बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया और स्थानीय न्यूज़ पोर्टलों पर इस घटना ने गहरी संवेदना और गुस्सा पैदा किया है।

