🚨 GST Council Big Decision: Cigarette, Gutkha, Fast Food & Sugary Drinks Now at 40% GST – Check Full List
नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल (GST Council) की 56वीं बैठक में उपभोक्ताओं को झटका देने वाला बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने तंबाकू उत्पादों के साथ-साथ फास्ट फूड, शुगरी ड्रिंक्स और लग्जरी कारों पर जीएसटी दर (GST Rate) 28% से बढ़ाकर 40% कर दी है। नई दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी।
सरकार ने इन उत्पादों को ‘Sin और Luxury Goods’ की श्रेणी में डालते हुए टैक्स बढ़ाने का तर्क यह दिया है कि ये उत्पाद स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक हैं।
किन-किन उत्पादों पर लगेगा 40% GST?
अब निम्नलिखित उत्पादों पर सीधे 40% टैक्स देना होगा:
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🚬 सिगरेट, गुटखा, पान मसाला, जर्दा और अन्य तंबाकू उत्पाद
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🍔 फास्ट फूड और जंक फूड (Pizza, Burger, Fried Items आदि)
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🥤 कार्बोनेटेड और फ्लेवर्ड शुगरी ड्रिंक्स
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🚗 सुपर लग्जरी कारें और पर्सनल एयरक्राफ्ट
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🧂 एडेड शुगर वाले उत्पाद
सिगरेट और गुटखा होंगे और महंगे
सरकार के इस फैसले का सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए:
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अभी अगर एक सिगरेट पैकेट की कीमत ₹256 है, तो 40% GST लागू होने के बाद यह लगभग ₹280 तक पहुंच जाएगी।
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गुटखा, जर्दा और पान मसाले जैसे उत्पादों की कीमतें भी काफी तेजी से बढ़ेंगी।
ये सभी Sin Goods की कैटेगरी में आते हैं और पहले से ही इन पर सेस और हाई टैक्स लागू है।
नया नियम: अब रिटेल प्राइस (RSP) पर लगेगा टैक्स
पहले इन वस्तुओं पर टैक्स उनकी ट्रांजेक्शन वैल्यू (Transaction Value) पर तय होता था। लेकिन अब नियम बदल गया है।
👉 अब टैक्स की गणना रिटेल सेल प्राइस (RSP) के आधार पर होगी।
👉 इससे कंपनियों द्वारा टैक्स चोरी पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं को ज्यादा पारदर्शिता मिलेगी।
👉 जब तक कंपनसेशन सेस (Compensation Cess) से जुड़ा कर्ज खत्म नहीं हो जाता, तब तक इन उत्पादों पर किसी तरह की राहत की उम्मीद नहीं है।
दो टैक्स स्लैब खत्म – अब सिर्फ 5% और 18%
जीएसटी काउंसिल ने टैक्स सिस्टम को और सरल बनाने के लिए 12% और 28% वाले टैक्स स्लैब खत्म कर दिए हैं।
अब ज्यादातर वस्तुएं सिर्फ 5% और 18% स्लैब में रहेंगी।
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आम उपभोक्ताओं के लिए कई चीजें सस्ती हो सकती हैं।
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वहीं तंबाकू, फास्ट फूड और शुगरी ड्रिंक्स जैसे प्रोडक्ट्स पर ज्यादा टैक्स लगाकर इनकी खपत को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
सरकार का तर्क
सरकार का मानना है कि –
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🚭 तंबाकू और गुटखा जैसे उत्पाद जन स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालते हैं।
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🍔 फास्ट फूड और शुगरी ड्रिंक्स से मोटापा, डायबिटीज और अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं।
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🚗 लग्जरी कार और पर्सनल जेट पर्यावरण पर ज्यादा बोझ डालते हैं।
इसलिए, इन पर ज्यादा टैक्स लगाकर खपत को कम करना और राजस्व (Revenue) बढ़ाना ही सरकार का लक्ष्य है।
निष्कर्ष
👉 22 सितंबर 2025 से सिगरेट, गुटखा, फास्ट फूड, शुगरी ड्रिंक्स और लग्जरी कारें 40% टैक्स के दायरे में आ जाएंगी।
👉 आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा, लेकिन सरकार का दावा है कि यह कदम स्वास्थ्य सुरक्षा और टैक्स चोरी रोकने की दिशा में बड़ा कदम है।
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