ग्रेसिम वरुण यज्ञ Nagda का तीन दिवसीय आयोजन बिरला हाउस परिसर में संपन्न हुआ। जीवनदायिनी चंबल नदी को चुनरी अर्पित कर पूर्णाहुति दी गई। यूनिट हेड शांतनु कुलकर्णी, एचआर हेड सुधीर कुमार सिंह सहित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं श्रम संगठनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
ग्रेसिम वरुण यज्ञ Nagda: 3 दिवसीय भव्य आयोजन का सफल समापन, चंबल को चुनरी अर्पित कर हुई पूर्णाहुति
Nagda। ग्रेसिम वरुण यज्ञ नागदा का तीन दिवसीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन इस वर्ष भी अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। बिरला हाउस परिसर स्थित चंबल तट पर आयोजित इस विशेष यज्ञ का समापन गुरुवार को जीवनदायिनी चंबल नदी को चुनरी अर्पित करने, पूर्णाहुति एवं महाआरती के साथ हुआ। इस आयोजन में ग्रेसिम उद्योग के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिवारजन तथा श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी श्री कमल सेठी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रति वर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी 30 जून से 2 जुलाई तक बिरला हाउस परिसर स्थित चंबल तट पर ग्रेसिम वरुण यज्ञ नागदा का आयोजन किया गया। इस तीन दिवसीय यज्ञ का संचालन सोमनाथ (गुजरात) के प्रसिद्ध वैदिक विद्वान डॉ. विक्रांत पाठक एवं उनके साधकों के सानिध्य में सम्पन्न हुआ।
ग्रेसिम वरुण यज्ञ Nagda का धार्मिक महत्व
वैदिक परंपरा में वरुण यज्ञ प्रकृति, जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, वर्षा की समृद्धि एवं जनकल्याण के उद्देश्य से किया जाता है। ग्रेसिम द्वारा वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है, जिससे समाज में पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक आस्था का संदेश भी प्रसारित होता है।
चंबल नदी को चुनरी अर्पित कर हुई पूर्णाहुति
तीन दिवसीय ग्रेसिम वरुण यज्ञ Nagda के अंतिम दिन ग्रेसिम इकाई प्रमुख श्री शांतनु कुलकर्णी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पल्लवी कुलकर्णी ने विधिवत पूजा-अर्चना की।मानव संसाधन प्रबंधन प्रमुख श्री सुधीर कुमार सिंह एवं श्रीमती सुमन सिंह भी पूरे आयोजन में उपस्थित रहे और वैदिक अनुष्ठानों में सहभागी बने।यज्ञ की पूर्णाहुति से पूर्व चंबल नदी के पवित्र तट पर सभी श्रद्धालुओं ने जीवनदायिनी चंबल के बहते जल में चुनरी अर्पित कर नदी के प्रति अपनी आस्था एवं श्रद्धा व्यक्त की। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्णाहुति एवं भव्य महाआरती सम्पन्न हुई।
वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्राचार्यों की रही गरिमामयी उपस्थिति
समापन समारोह में ग्रेसिम उद्योग के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इनमें प्रमुख रूप से—
- श्री गोविंद काकड़ा
- श्री प्रवीण विजयवर्गीय
- श्री जयदेव कौशिक
- श्री शैलेंद्र देशलहरा
के अलावा ग्रेसिम समूह के तीनों शैक्षणिक संस्थानों के प्राचार्य—
- श्रीमती शिखा मनोज सक्सेना
- श्री सुनील कुमार
- श्री पंकज सोमानी
भी उपस्थित रहे।इसके साथ ही उद्योग के अनेक अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिवारजन भी इस धार्मिक आयोजन में सम्मिलित हुए।
श्रम संगठनों ने भी निभाई सक्रिय भूमिका
ग्रेसिम वरुण यज्ञ नागदा के समापन अवसर पर श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों की भी विशेष उपस्थिति रही।इनमें प्रमुख रूप से—
- श्री जोध सिंह राठौड़
- श्री जागेश्वर शर्मा
- श्री राजेंद्र अवाना
- श्री हृदय चंद
अपने सहयोगियों के साथ उपस्थित रहे तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया।
आयोजन को सफल बनाने में इनकी रही अहम भूमिका
तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में कार्मिक महाप्रबंधक श्री भरत सिंह राठौड़, एडमिन प्रमुख श्री राहुल राजू तथा उनकी पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सभी व्यवस्थाओं का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से किया गया, जिससे पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं एवं उपस्थित अतिथियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
ग्रेसिम की सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बना आयोजन
ग्रेसिम वरुण यज्ञ नागदा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि प्रकृति संरक्षण, जल संवर्धन एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण का भी संदेश देता है। वर्षों से आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम उद्योग, समाज एवं पर्यावरण के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का माध्यम बन चुका है।धार्मिक वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, पूर्णाहुति एवं महाआरती के साथ सम्पन्न हुए इस आयोजन ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सकारात्मक संदेश प्रदान किया।
रिपोर्टर
कमल सेठी |
Nagda



