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ग्रेसिम के सीएसआर अंतर्गत “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा परियोजना” में एक और अभिनव पहल: शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेरछा में प्रदेश की पहली Melzo 7D Lab का शुभारंभ

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Published On: 2 May 2026
Melzo

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ग्रेसिम के सीएसआर अंतर्गत “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा परियोजना” में एक और अभिनव पहल:

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है, विशेषकर तब जब दुनिया तेजी से तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल करते हुए ग्रेसिम जनसेवा ट्रस्ट द्वारा प्रायोजित एवं ऐड एट एक्शन संस्था द्वारा क्रियान्वित “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा परियोजना” के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बेरछा में प्रदेश की पहली अत्याधुनिक Melzo 7D Lab का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक नया आयाम स्थापित करती है, बल्कि ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक और अनुभवात्मक शिक्षण से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बनती है।

इस गरिमामयी अवसर पर ग्रेसिम इकाई प्रमुख श्री शांतनु कुलकर्णी के नेतृत्व में तथा मानव संसाधन विभाग के उपाध्यक्ष श्री एस. के. सिंह के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीएसआर हेड श्री सतीश भुवीर, सीएसआर मैनेजर श्री अरविन्द सिंह सिकरवार, संकुल प्राचार्य श्री जितेन्द्र सिंह राणावत, ग्राम सरपंच श्रीमती कौशल्या बाई राधेश्याम, ऐड एट एक्शन के परियोजना प्रबंधक आलोक कैलाश मिश्रा, उनकी टीम, विद्यालय के शिक्षकगण एवं स्थानीय समुदाय के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को विशेष और प्रेरणादायक बना दिया।

शिक्षा में तकनीक का समावेश: एक नई दिशा

Melzo 7D Lab शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव और अत्याधुनिक प्रयोग है, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा प्रणाली के साथ-साथ डिजिटल एवं अनुभवात्मक (Experiential) शिक्षा से जोड़ना है। यह लैब आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है, जिसमें Meta Quest 2 और Meta Quest 3s जैसे उन्नत वर्चुअल रियलिटी (VR) हेडसेट्स का उपयोग किया जाता है। इन उपकरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को एक ऐसा शिक्षण अनुभव प्राप्त होता है जो न केवल सहज और सरल है, बल्कि अत्यंत प्रभावशाली भी है।

इस लैब की विशेषता इसकी 7D तकनीक है, जिसमें 3D विजुअल्स, ऑडियो-वीडियो कंटेंट, इंटरएक्टिव लर्निंग, वर्चुअल अनुभव, और रियल-लाइफ सिमुलेशन जैसी उन्नत सुविधाएं शामिल हैं। इन तकनीकों की सहायता से विद्यार्थी जटिल विषयों को भी सरल, रोचक और व्यावहारिक तरीके से समझ सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, विज्ञान के कठिन सिद्धांतों को वे आभासी रूप से देख और अनुभव कर सकते हैं, इतिहास के घटनाक्रमों को जीवंत रूप में महसूस कर सकते हैं, और गणितीय अवधारणाओं को अधिक स्पष्टता के साथ समझ सकते हैं।

विद्यार्थियों के समग्र विकास की ओर एक कदम

Melzo 7D Lab केवल विषयगत ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, जिज्ञासा और रचनात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है। मोशन इफेक्ट्स, रियल-टाइम इंटरैक्शन और उच्च गुणवत्ता वाले विजुअल्स के साथ यह लैब पारंपरिक शिक्षण पद्धति की सीमाओं को समाप्त कर देती है और सीखने को एक आनंददायक अनुभव में बदल देती है।

यह पहल विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तक आधारित ज्ञान तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ती है। इससे वे न केवल बेहतर तरीके से सीखते हैं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी अधिक सक्षम बनते हैं।

सीएसआर के माध्यम से शिक्षा को सशक्त बनाना

इस अवसर पर अपने संबोधन में सीएसआर हेड श्री सतीश भुवीर ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को तकनीक से जोड़ना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने बताया कि Melzo 7D Lab जैसे नवाचार विद्यार्थियों को सीखने के प्रति आकर्षित करते हैं और उन्हें आधुनिक ज्ञान एवं कौशल से सशक्त बनाते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ग्रेसिम द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी शहरी स्तर की सुविधाएं प्राप्त हो सकें।

ग्रेसिम का यह प्रयास केवल एक परियोजना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और समाज के हर वर्ग तक समान अवसर पहुंचाना है।

विद्यालय के विकास में ग्रेसिम का योगदान

संकुल प्राचार्य श्री जितेन्द्र सिंह राणावत ने अपने संबोधन में इस पहल की सराहना करते हुए बताया कि यह प्रदेश का पहला शासकीय विद्यालय है जहां Melzo 7D Lab की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा परियोजना” के अंतर्गत ग्रेसिम ने विद्यालय को अनेक संसाधन उपलब्ध कराए हैं, जिनमें 2 स्मार्ट क्लास, एक सुसज्जित पुस्तकालय, खेल सामग्री, विज्ञान किट, और दो प्रशिक्षित परियोजना शिक्षक शामिल हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्रेसिम का योगदान केवल एक विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने 37 शासकीय विद्यालयों और 25 आंगनवाड़ी केंद्रों को भी सहयोग प्रदान किया है। इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव विद्यालयों के परीक्षा परिणामों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिससे यह सिद्ध होता है कि सही दिशा में किए गए प्रयास निश्चित रूप से सफलता दिलाते हैं।

भविष्य की योजनाएं और विस्तार

ऐड एट एक्शन के परियोजना प्रबंधक आलोक कैलाश मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह पहल केवल एक विद्यालय तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में संकुल के सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राएं इस लैब का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की तकनीकी पहलें शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करेंगी तथा विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगी।

यह दृष्टिकोण इस परियोजना की दूरदर्शिता को दर्शाता है, जिसमें केवल वर्तमान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी ध्यान में रखा गया है।

समुदाय की सहभागिता और सराहना

ग्राम सरपंच श्रीमती कौशल्या बाई राधेश्याम ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने इसे बच्चों के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और ग्रेसिम तथा ऐड एट एक्शन के प्रयासों की प्रशंसा की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों एवं समुदाय के सदस्यों ने भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि Melzo 7D Lab के माध्यम से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी, उनकी उपस्थिति में सुधार होगा, और सीखने का वातावरण अधिक आनंददायक एवं प्रभावी बनेगा।

निष्कर्ष: शिक्षा में नवाचार का उज्ज्वल उदाहरण

Melzo 7D Lab का शुभारंभ केवल एक तकनीकी पहल नहीं है, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। यह पहल दर्शाती है कि यदि सही संसाधनों और दृष्टिकोण के साथ प्रयास किया जाए, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

ग्रेसिम जनसेवा ट्रस्ट और ऐड एट एक्शन का यह संयुक्त प्रयास न केवल विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति एक नई जागरूकता भी उत्पन्न करेगा। यह पहल अन्य संस्थाओं और संगठनों के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत बनेगी, जिससे वे भी इस दिशा में आगे बढ़कर समाज के विकास में योगदान दे सकें।

अंततः, यह कहा जा सकता है कि Melzo 7D Lab जैसी पहलें भविष्य की शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करती हैं, जहां सीखना केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक अनुभव बन जाता है—एक ऐसा अनुभव जो विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास से परिपूर्ण करता है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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