Nagda में नानी बाई का मायरा कथा का आयोजन
Nagda नगर में 4 मार्च से 6 मार्च 2026 तक तीन दिवसीय नानी बाई का मायरा कथा का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन गोपी कृष्ण महिला भजन मंडली एवं महिला कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है। इस भक्ति कार्यक्रम का उद्देश्य नगरवासियों में धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देना है और नगर में भक्तों के लिए भक्ति का अवसर प्रदान करना है।
कार्यक्रम का संचालन और आयोजन सार्वजनिक सहयोग से किया जा रहा है। कथा का मुख्य विषय है कि कैसे नरसिंह भगत की भक्ति और श्रद्धा के माध्यम से नानी बाई का मायरा द्वारकाधीश के पास ले जाया जाता है। यह कथा विदुषी अलकनंदा दीदी के मुखारविंद से सुनाई जाएगी।
कलश यात्रा के माध्यम से भव्य शुरुआत
कथा कार्यक्रम का शुभारंभ 4 मार्च को बस स्टैंड के समीप गणेश मंदिर से सुबह 9:00 बजे कलश यात्रा के साथ होगा। यह कलश यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कोटा फाटक क्षेत्र में स्थित महावीर भवन के सामने मैदान में पहुंचेगी।
यात्रा मार्ग:
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गणेश मंदिर से प्रारंभ
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कंचन गैस के सामने एप्रोच रोड
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केशव एवं महात्मा ज्योतिबा फुले वाटिका के बीच से गुजरना
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प्रकाश नगर होते हुए पुराना कोटा फाटक क्षेत्र में गंतव्य
कलश यात्रा में नगरवासियों और भक्तों की भागीदारी से नगर में भक्ति का सशक्त वातावरण तैयार होगा और सभी को कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण मिलेगा।
कथा का प्रारंभ और मुख्य आकर्षण
कलश यात्रा के बाद, दोपहर 2:00 बजे से नानी बाई का मायरा कथा का कार्यक्रम प्रारंभ होगा। कथा में विदुषी अलकनंदा दीदी द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा कि कैसे नरसिंह भगत की भक्ति और श्रद्धा के चलते द्वारकाधीश नानी बाई का मायरा ले जाते हैं।
कथा का उद्देश्य केवल धार्मिक शिक्षाएं देना नहीं है, बल्कि नगर के सभी भाई-बहनों और धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं को भक्ति और सेवा के महत्व को समझाना भी है।
आयोजन में सहयोग और आमंत्रण
कार्यक्रम का आयोजन कई महिला कार्यकर्ताओं और सामाजिक सहयोगियों द्वारा किया जा रहा है। इनमें प्रमुख हैं:
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सपना जायसवाल
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निर्मला गुप्ता
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प्रिया शर्मा
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यशोदा डोडिया
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आशा विश्वकर्मा
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संजू शर्मा
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पार्वती मीणा
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तेजू सोलंकी
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शीला गुर्जर
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संगीता परमार
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सुनीता मीणा
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संगीता बैरागी
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शांति देवी
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श्रीमती मिस्र प्रजापत
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सावित्रीदेवी पांचाल
सभी भक्तों और नगरवासियों से अपील की गई है कि वे इस आध्यात्मिक भक्ति कार्यक्रम में तन, मन और धन से सहयोग प्रदान करें और इसे सफल बनाने में भागीदार बनें।
प्रथम दिवस और मुख्य अतिथि
कार्यक्रम के प्रथम दिवस में कथा का मुख्य अजमल पूर्व पार्षद तुलसा रामनरेश होंगे। इसके अलावा, मुकेश भारद्वाज, सुरेश शर्मा, नारायण सिंह, बेस कनकेश्वर भाटी और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।
विशेष जानकारी देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सी एल वर्मा ने बताया कि कथा की सफलता में नगरवासियों और भक्त मंडल की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
महावीर भवन और कथा स्थल
कथा कार्यक्रम का मुख्य स्थल महावीर भवन के सामने मैदान है, जो आईसीआईसीआई बैंक के पीछे स्थित है। यहाँ नगरवासियों और भक्त मंडल के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है ताकि सभी आरामदायक और व्यवस्थित रूप से भक्ति का रस महसूस कर सकें।
कथा स्थल पर धार्मिक सजावट, भजन और मंदिरीनाम का आयोजन भी किया जाएगा। आयोजन में आने वाले सभी भक्तों को इस आध्यात्मिक अनुभव का पूर्ण लाभ मिलेगा।
महिला भजन मंडली और भक्ति कार्यक्रम
कथा के दौरान गोपी कृष्ण महिला भजन मंडली नगरवासियों को भक्ति संगीत और भजन के माध्यम से आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगी। भजन मंडली की प्रस्तुतियों से कथा में रंग और रस बढ़ेगा और भक्तों का मन पूर्णतः धार्मिक भाव में डूब जाएगा।
महिला कार्यकर्ताओं ने बताया कि कथा का उद्देश्य समाज में भक्ति और नैतिकता को बढ़ावा देना है। इस भव्य आयोजन में सभी उम्र के लोग शामिल होंगे और भक्ति में समरसता का अनुभव करेंगे।
नगरवासियों और भक्त मंडल के लिए संदेश
आयोजनकर्ताओं ने सभी नगरवासियों और भक्त मंडल से अपील की है कि वे इस तीन दिवसीय कथा में तन, मन और धन से सहयोग दें। उनका कहना है कि नगर के धार्मिक और सामाजिक जीवन में इस प्रकार के आयोजन से सकारात्मक ऊर्जा और भक्ति भाव का संचार होता है।
विशेष रूप से पिपलेश्वर महादेव के समीप होने वाले इस आयोजन में भक्तों को आध्यात्मिक शिक्षा और भक्ति का रस दोनों प्राप्त होंगे।
कथा की विशेषता
नानी बाई का मायरा कथा नगरवासियों के लिए एक आध्यात्मिक उत्सव का रूप लेता है। कथा में दिखाया जाता है कि कैसे नरसिंह भगत की भक्ति और श्रद्धा के कारण द्वारकाधीश नानी बाई का मायरा प्राप्त करते हैं। यह कथा धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
विदुषी अलकनंदा दीदी की मुखारविंद से कथा सुनना सभी भक्तों के लिए एक अद्वितीय अनुभव रहेगा।
निष्कर्ष
नागदा नगर में आयोजित यह तीन दिवसीय नानी बाई का मायरा कथा धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह आयोजन नगरवासियों, महिला कार्यकर्ताओं और भक्त मंडल की सक्रिय भागीदारी से संभव हो पाया है।
कथा के माध्यम से भक्ति, सेवा, और धार्मिक चेतना का संदेश सभी तक पहुँचाया जाएगा। आयोजन स्थल महावीर भवन के सामने मैदान और कलश यात्रा के माध्यम से नगरवासियों में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा।
सभी भक्तों और नगरवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे इस आयोजन में भाग लेकर इसे सफल बनाएं और भक्ति के रस और अनुभव का आनंद उठाएं।
