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बाग में पूज्य साध्वी ऋजुप्रिया श्रीजी म.सा. का भव्य चातुर्मास नगर प्रवेश, श्रद्धा और भक्ति से गूंजा पूरा नगर

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Published On: 24 July 2026
Jain devotees welcome Sadhvi Rijupriya Shriji M.S. during her grand Chaturmas procession and ceremonial entry into Bag, Dhar district
— Jain devotees welcome Sadhvi Rijupriya Shriji M.S. during her grand Chaturmas procession and ceremonial entry into Bag, Dhar district

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बाग में पूज्य साध्वी ऋजुप्रिया श्रीजी म.सा. का भव्य चातुर्मास नगर प्रवेश, श्रद्धा और भक्ति से गूंजा पूरा नगर

ढोल-बाजों, घोड़ों और जयघोष के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, चार माह तक होंगे धर्म, संयम और संस्कारों पर प्रवचन

रिपोर्ट: नरेंद्र सिरवी | बाग (धार)

बाग। धार्मिक आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब पूज्य साध्वी ऋजुप्रिया श्रीजी म.सा. एवं उनकी साध्वी मंडली का बाग नगर में भव्य चातुर्मास प्रवेश हुआ। इस पावन अवसर पर नगर के जैन समाज सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ उनका स्वागत किया। ढोल-बाजों, घोड़ों, मंगल गीतों और जयघोष के बीच निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे नगर को भक्तिमय वातावरण से भर दिया।

विशेष बात यह रही कि चातुर्मास प्रवेश के शुभ अवसर पर हुई हल्की वर्षा को श्रद्धालुओं ने शुभ संकेत मानते हुए इसे प्रकृति का आशीर्वाद बताया। नगरवासियों का कहना था कि मानो इंद्रदेव भी इस दिव्य आयोजन से प्रसन्न होकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हों।

चातुर्मास प्रवेश को लेकर कई दिनों से था उत्साह

बाग नगर में पूज्य साध्वी ऋजुप्रिया श्रीजी म.सा. के चातुर्मास प्रवेश को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। जैन समाज के विभिन्न संगठनों एवं श्रीसंघ के सदस्यों ने आयोजन को भव्य बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की थीं।

नगर के प्रमुख मार्गों की साफ-सफाई, स्वागत द्वार, तोरण, धार्मिक सजावट तथा श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां पहले से ही पूरी कर ली गई थीं। आयोजन के दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी।

नवकारसी के बाद निकली भव्य शोभायात्रा

सुबह नवकारसी के पश्चात पूज्य साध्वी ऋजुप्रिया श्रीजी म.सा. एवं साध्वी मंडली का नगर प्रवेश भव्य शोभायात्रा के रूप में प्रारंभ हुआ।

शोभायात्रा में सबसे आगे ढोल-बाजों की मधुर धुन और सजे-धजे घोड़े आकर्षण का केंद्र रहे। श्रद्धालु जयघोष करते हुए आगे बढ़ रहे थे, जबकि महिलाएं मंगल गीत गाते हुए धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रही थीं।

पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने साध्वी मंडल का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

तोरणों और सजावट से उत्सवमय बना नगर

चातुर्मास प्रवेश के अवसर पर बाग नगर को विशेष रूप से सजाया गया था।

नगर के लगभग प्रत्येक घर पर तोरण बांधे गए थे, जिससे पूरा शहर किसी धार्मिक महोत्सव की तरह दिखाई दे रहा था। प्रमुख मार्गों पर रंग-बिरंगी सजावट, धार्मिक ध्वज और स्वागत बैनर लगाए गए थे।

श्रद्धालुओं का कहना था कि लंबे समय बाद नगर में इतना भव्य धार्मिक आयोजन देखने को मिला है।

महिलाओं की एकरूपता बनी आकर्षण का केंद्र

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शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। विशेष बात यह रही कि अनेक महिलाओं ने एक जैसी साड़ियां पहनकर यात्रा में सहभागिता की, जिससे शोभायात्रा की भव्यता और भी बढ़ गई।

महिलाएं भक्ति गीत गाते हुए साध्वी मंडल के स्वागत में शामिल हुईं। उनके उत्साह और अनुशासन की सभी ने सराहना की।

गौली बनाकर किया परमात्मा का स्वागत

नगरवासियों ने मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पारंपरिक गौली बनाकर परमात्मा एवं साध्वी मंडल का स्वागत किया।

धार्मिक परंपराओं के अनुरूप किए गए इस स्वागत ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया। श्रद्धालुओं ने इसे अपने सौभाग्य का क्षण बताते हुए साध्वी भगवंत के दर्शन किए।

जयघोष और मंगल गीतों से गूंजा नगर

शोभायात्रा के दौरान पूरा नगर “जय जिनेन्द्र” और अन्य धार्मिक जयघोषों से गूंज उठा।

श्रावक-श्राविकाएं पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर साध्वी मंडल का अभिनंदन किया।

बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की बड़ी संख्या ने इस आयोजन में भाग लेकर धार्मिक एकता और सामाजिक समरसता का परिचय दिया।

जैन मंदिर में हुआ मंगल प्रवचन

नगर प्रवेश के बाद जैन मंदिर में पूज्य साध्वी ऋजुप्रिया श्रीजी म.सा. का प्रथम मंगल प्रवचन आयोजित किया गया।

अपने प्रवचन में उन्होंने धर्म, संयम, सदाचार, आत्मचिंतन और चातुर्मास के आध्यात्मिक महत्व पर सरल एवं प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि चातुर्मास केवल साधु-साध्वियों के एक स्थान पर विराजमान रहने का समय नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए आत्मशुद्धि, आत्मसंयम, सत्कर्म और आध्यात्मिक उन्नति का अवसर है।

उन्होंने समाज से अहिंसा, करुणा, सत्य, संयम और सद्भावना के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

चातुर्मास का बताया महत्व

प्रवचन के दौरान साध्वीश्री ने कहा कि चातुर्मास भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण काल होता है।

इस अवधि में साधु-साध्वियां एक स्थान पर रहकर धर्मोपदेश, स्वाध्याय, तप, साधना और समाज को नैतिक जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति अपने जीवन में थोड़े समय के लिए भी संयम, अनुशासन और आत्मचिंतन को अपनाता है तो उसका जीवन सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकता है।

श्रीसंघ पदाधिकारियों ने किया स्वागत

कार्यक्रम के दौरान श्रीसंघ के पदाधिकारियों एवं समाज के वरिष्ठजनों ने पूज्य साध्वी ऋजुप्रिया श्रीजी म.सा. एवं उनकी साध्वी मंडली का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि बाग नगर के लिए यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि आगामी चार माह तक साध्वी भगवंत का सान्निध्य प्राप्त होगा।

वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि चातुर्मास के दौरान आयोजित धार्मिक प्रवचन, तप, आराधना और संस्कार कार्यक्रमों से समाज को नई दिशा मिलेगी।

स्वामीवत्सल्य में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

मंगल प्रवचन के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए स्वामीवत्सल्य का आयोजन किया गया।

इसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने सहभागिता की और सामूहिक भोजन का लाभ लिया। आयोजन के दौरान सेवा कार्यों में युवाओं और महिला मंडल की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

आयोजकों ने श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की थीं, जिसकी सभी ने सराहना की।

ओटला ग्रुप ने की हाई-टी की व्यवस्था

दोपहर के समय ओटला ग्रुप द्वारा सभी श्रद्धालुओं एवं अतिथियों के लिए हाई-टी की विशेष व्यवस्था की गई।

इस दौरान समाज के लोगों ने आपसी मेल-मिलाप, धार्मिक चर्चा और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी विचार-विमर्श किया।

चार माह तक होंगे धार्मिक प्रवचन और आयोजन

कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि पूज्य साध्वी ऋजुप्रिया श्रीजी म.सा. एवं उनकी साध्वी मंडली आगामी चार माह तक बाग नगर में चातुर्मास करेंगी।

इस दौरान प्रतिदिन धार्मिक प्रवचन, स्वाध्याय, तप, आराधना, संस्कार शिविर, युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम तथा विभिन्न धार्मिक आयोजन आयोजित किए जाएंगे।

श्रद्धालुओं ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए आध्यात्मिक सौभाग्य बताया।

सभी के सहयोग से सफल हुआ आयोजन

चातुर्मास प्रवेश आयोजन के संबंध में क्रिया सेक्रेट्री ने बताया कि नगरवासियों में कई दिनों से इस आयोजन को लेकर उत्साह था।

समाज के सभी वर्गों, श्रीसंघ, महिला मंडल, युवा मंडल, स्वयंसेवकों और नागरिकों के सहयोग से पूरा कार्यक्रम अत्यंत भव्य, अनुशासित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

उन्होंने आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी समाजजनों का आभार व्यक्त किया।

धार्मिक और सामाजिक एकता का बना संदेश

बाग में आयोजित यह चातुर्मास प्रवेश केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि सामाजिक एकता, सेवा, संस्कार और आध्यात्मिक जागरण का भी प्रतीक बनकर सामने आया।

श्रद्धालुओं का मानना है कि आगामी चार माह तक साध्वी ऋजुप्रिया श्रीजी म.सा. के प्रवचनों से समाज में नैतिक मूल्यों, धार्मिक आस्था और सकारात्मक जीवनशैली को नई प्रेरणा मिलेगी। साथ ही युवाओं और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संयम और आध्यात्मिक जीवन के महत्व को समझने का अवसर प्राप्त होगा।

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