Nagda में निकला भव्य चल समारोह, चातुर्मासिक कलश और अखंड दीपक की हुई स्थापना
Nagda जं.। श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ नागदा द्वारा चातुर्मास आराधना के शुभारंभ अवसर पर धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ भव्य चल समारोह का आयोजन किया गया। चातुर्मास हेतु लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित पाठशाला भवन में विराजित साध्वीश्री अर्हमव्रताश्रीजी म.सा. सहित साध्वीवृंद की निश्रा में यह आयोजन संपन्न हुआ।
चातुर्मास आराधना के प्रथम मंगलवार को सुबह 10:15 बजे पाठशाला भवन से चल समारोह प्रारंभ हुआ। श्रद्धालुओं की उपस्थिति में निकला यह धार्मिक जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित लाभार्थी परिवार के निवास स्थान पहुंचा। यहां साध्वीश्री द्वारा मंत्रोच्चार के साथ कलश भरने की धार्मिक विधि संपन्न कराई गई।
इसके पश्चात सुबह 11:15 बजे पाठशाला भवन में विधि-विधान के साथ चातुर्मासिक कलश स्थापना एवं चातुर्मासिक अखंड दीपक स्थापना की गई। कलश स्थापना का लाभ कांतिलाल मयंककुमार कोचर परिवार ने लिया, जबकि अखंड दीपक स्थापना का पुण्य लाभ हेमंतकुमार सुरेंद्रकुमार कांकरिया परिवार को प्राप्त हुआ।
चातुर्मास आराधना के पहले दिन हुए धार्मिक आयोजन

चातुर्मास आत्म कल्याण का श्रेष्ठ अवसर — साध्वीश्री
धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वीश्री अर्हमव्रताश्रीजी म.सा. ने चातुर्मास के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुण्य से प्राप्त मानव जीवन को सार्थक बनाने के लिए व्यक्ति को निरंतर धर्म आराधना करनी चाहिए और अपनी आत्मा को निर्मल बनाने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति पूरे वर्ष धार्मिक साधना नहीं कर पाता है, तो चातुर्मास के इन चार महीनों में विशेष रूप से आराधना कर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ सकता है। चातुर्मास में की गई साधना और धर्म आराधना विशेष फल प्रदान करने वाली होती है।
साध्वीश्री ने कहा कि मानव जीवन दुर्लभ है और इसे केवल भौतिक सुख-सुविधाओं में व्यर्थ नहीं करना चाहिए। धर्म, संयम और साधना के माध्यम से ही आत्मा को भव-भव के बंधनों से मुक्ति की दिशा में ले जाया जा सकता है।
गुरु पूर्णिमा पर होगा विशेष धार्मिक आयोजन
मीडिया प्रभारी डॉ. विपिन ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर साध्वीवृंद की निश्रा में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सुबह 9:15 बजे गुरु गौतमस्वामीजी का विशेष औषधियों से अभिषेक, 108 पुष्पों से गुरु पादुका पूजन तथा “गुरु की महिमा अपार” विषय पर प्रेरणादायी प्रवचन का आयोजन होगा।
इसके अलावा रात्रि 8 बजे महिदपुर मार्ग स्थित राजेंद्रसूरी जैन दादावाड़ी परिसर में राजेंद्रसूरीजी की महाआरती एवं भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।
चातुर्मास के शुभारंभ से नागदा जैन समाज में उत्साह और भक्ति का वातावरण बना हुआ है। समाजजनों ने सभी धार्मिक आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आह्वान किया है।

नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट
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