परम् पूज्य आर्यिका श्री 105 लक्ष्मी भूषण माताजी ससंघ का रविवार को मंडलेश्वर में भव्य मंगल प्रवेश, श्रीनगर से निकलेगा मंगल विहार, धर्मसभा एवं आशीर्वचन का मिलेगा पुण्य लाभ
दैनिक स्वराज वाणी | संवाददाता: गौतम साल्बे
मंडलेश्वर नगरी रविवार, 26 जुलाई को एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। परम् पूज्य आर्यिका श्री 105 लक्ष्मी भूषण माताजी ससंघ का वर्षायोग–2026 के अंतर्गत श्रीनगर से मंडलेश्वर तक भव्य मंगल विहार एवं मंगल प्रवेश आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा भव्य स्वागत, धर्मसभा, आशीर्वचन तथा भोजन प्रसादी सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
रविवार को दोपहर 1:00 बजे श्री वासुपूज्य जिनालय, श्रीनगर से मंगल विहार प्रारंभ होगा, जो नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मंडलेश्वर पहुंचेगा। नगर में श्रद्धालुओं द्वारा पूज्य आर्यिका श्री ससंघ का भव्य स्वागत किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और उत्साह का वातावरण बना हुआ है। जैन समाज के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी भी तैयारियों में जुटे हुए हैं।
श्रीनगर से दोपहर 1 बजे प्रारंभ होगा मंगल विहार
वर्षायोग-2026 के अंतर्गत आयोजित इस धार्मिक आयोजन का शुभारंभ रविवार दोपहर 1:00 बजे श्रीनगर स्थित श्री वासुपूज्य जिनालय से होगा। यहां से परम् पूज्य आर्यिका श्री 105 लक्ष्मी भूषण माताजी ससंघ का मंगल विहार प्रारंभ होगा।
श्रद्धालु पूरे मार्ग में धर्मध्वज, पुष्प वर्षा, मंगल गीत और जयघोष के साथ पूज्य संघ का स्वागत करेंगे। नगर के विभिन्न मार्गों पर स्वागत द्वार, सजावट और धार्मिक बैनर लगाए गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया है।
मंडलेश्वर में होगा भव्य मंगल प्रवेश
मंगल विहार के उपरांत मंडलेश्वर नगर में पूज्य आर्यिका श्री 105 लक्ष्मी भूषण माताजी ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश होगा। इस अवसर पर ब्रह्मचारिणी रिम्पी दीदी एवं ब्रह्मचारिणी डॉ. ऊषा दीदी का भी श्रद्धापूर्वक स्वागत किया जाएगा।
सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मंगल प्रवेश समारोह आयोजित किया जाएगा। श्रद्धालु धर्मध्वज, कलश एवं पुष्पमालाओं के साथ पूज्य संघ का अभिनंदन करेंगे।
समाजजनों का मानना है कि संतों का नगर आगमन केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा, नैतिक प्रेरणा और संस्कारों का उत्सव होता है।
आशीर्वचन एवं धर्मसभा में मिलेगा आध्यात्मिक मार्गदर्शन
भव्य मंगल प्रवेश के पश्चात जैन स्थानक, मंडलेश्वर में धर्मसभा आयोजित की जाएगी। धर्मसभा में परम् पूज्य आर्यिका श्री 105 लक्ष्मी भूषण माताजी श्रद्धालुओं को धर्म, संयम, आत्मकल्याण, अहिंसा, सदाचार एवं आध्यात्मिक जीवन पर प्रेरक प्रवचन देंगी।
श्रद्धालुओं को पूज्य माताजी के मंगलमय आशीर्वचन का लाभ प्राप्त होगा। समाजजनों का कहना है कि पूज्य माताजी के प्रवचन केवल धार्मिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाले प्रेरणास्रोत भी होते हैं।
धर्मसभा में बड़ी संख्या में जैन समाज के साथ-साथ अन्य धर्मावलंबियों के भी शामिल होने की संभावना है।
वर्षायोग का विशेष धार्मिक महत्व
जैन धर्म में वर्षायोग (चातुर्मास) का विशेष महत्व माना जाता है। वर्षा ऋतु के दौरान साधु-साध्वियां एक स्थान पर विराजमान होकर धर्म प्रचार, स्वाध्याय, तप, साधना एवं समाज को आध्यात्मिक शिक्षा प्रदान करते हैं।
इस अवधि में प्रतिदिन प्रवचन, स्वाध्याय, धार्मिक अनुष्ठान, सामूहिक पूजन, संस्कार कार्यक्रम तथा विभिन्न आध्यात्मिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इससे समाज में धार्मिक जागरूकता बढ़ती है तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं जैन दर्शन के मूल सिद्धांतों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
भोजन प्रसादी की विशेष व्यवस्था
कार्यक्रम में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए श्री पोरवाड़ दिगंबर जैन धर्मशाला, मंडलेश्वर में भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है।
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए भोजन, पेयजल, विश्राम तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सेवा कार्यों में समाज के स्वयंसेवक लगातार जुटे हुए हैं।
समाज के पदाधिकारी तैयारियों में जुटे
इस विशाल धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए सकल दिगंबर जैन समाज के पदाधिकारी कई दिनों से तैयारियों में लगे हुए हैं।
चातुर्मास संयोजक पृथ्वीचंद जैन एवं समीर जैन, अध्यक्ष रक्षित जैन तथा मंत्री मनोज कुमार जैन ने समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर समाज में धार्मिक चेतना, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
विभिन्न समितियां निभा रही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं में श्री पोरवाड़ दिगंबर जैन पंचायती कमेटी सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
समिति के संरक्षक नेमीचंद जैन, प्रकाशचंद जैन, बाबूजी बसंत जैन (अनाज) एवं समीर जैन के मार्गदर्शन में विभिन्न समितियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
इसके अंतर्गत—
- उपाध्यक्ष धर्मेंद्र जैन एवं राजेंद्र धनोते
- कोषाध्यक्ष पृथ्वीचंद जैन
- सहमंत्री अंतिम जैन
- सांस्कृतिक सचिव जितेंद्र जैन
- मीडिया प्रभारी संयम जैन
- मुनि सेवा समिति के अध्यक्ष नयन जैनी
सहित सभी पदाधिकारी आयोजन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
महिला मंडल और विभिन्न संस्थाओं का सराहनीय सहयोग
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाएं भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
इनमें प्रमुख रूप से—
- श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन छोटा मंदिर कमेटी
- श्री वासुपूज्य जिनालय, श्रीनगर
- श्री प्रियकारिणी महिला मंडल, मंडलेश्वर
- श्री विद्या नियम भक्ति ग्रुप, मंडलेश्वर
- श्री श्वेतांबर श्री संघ, मंडलेश्वर
शामिल हैं।
सभी संस्थाएं सेवा, समन्वय और व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान कर रही हैं, जिससे आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।
धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील
सकल दिगंबर जैन समाज, मंडलेश्वर ने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे रविवार को श्रीनगर से प्रारंभ होने वाले मंगल विहार में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करें।
समाज ने कहा कि पूज्य आर्यिका श्री 105 लक्ष्मी भूषण माताजी ससंघ का नगर आगमन दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर है। इसलिए सभी परिवार सहित उपस्थित होकर मंगल प्रवेश, धर्मसभा एवं आशीर्वचन का लाभ प्राप्त करें।
धार्मिक उल्लास से सराबोर है मंडलेश्वर
पूरे मंडलेश्वर नगर में इस आयोजन को लेकर उत्साह का वातावरण दिखाई दे रहा है। मंदिरों और प्रमुख मार्गों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। समाज के युवा, महिलाएं और वरिष्ठजन विभिन्न व्यवस्थाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
नगर के लोगों का कहना है कि पूज्य संतों का आगमन केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि पूरे समाज को नैतिक मूल्यों, अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक जीवन की प्रेरणा देने वाला महापर्व होता है।
रविवार को होने वाला यह भव्य मंगल प्रवेश, धर्मसभा एवं आशीर्वचन कार्यक्रम मंडलेश्वर के धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। श्रद्धालुओं को विश्वास है कि पूज्य आर्यिका श्री 105 लक्ष्मी भूषण माताजी ससंघ के सान्निध्य में आयोजित यह वर्षायोग-2026 पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा, सामाजिक समरसता और धर्ममय वातावरण का संदेश देगा।
