माँ गंगा नर्मदा कावड़ यात्रा का होगा भव्य आयोजन, किसानों की खुशहाली के लिए गांगली से करोदिया तक निकलेंगे श्रद्धालु
अन्नदाता किसानों की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना को लेकर होगा धार्मिक आयोजन, जनपद अध्यक्ष रुक्मा रवि मुवेल ने क्षेत्रवासियों से की सहभागिता की अपील
संवाददाता: कौशिक पंडित
मनावर, जिला धार। श्रावण मास के पावन अवसर पर आस्था और भक्ति के साथ माँ गंगा नर्मदा कावड़ यात्रा का भव्य आयोजन किया जाएगा। देश और प्रदेश के अन्नदाता किसानों की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना को समर्पित यह कावड़ यात्रा माँ नर्मदा के पावन तट गांगली से प्रारंभ होकर करोदिया तक निकाली जाएगी। यात्रा में क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
आयोजकों ने मनावर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से सपरिवार यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया है। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ किसानों की खुशहाली और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना करना है।
माँ नर्मदा का पवित्र जल लेकर निकलेंगे कावड़ यात्री
कावड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु माँ नर्मदा के पावन तट गांगली से जल ग्रहण करेंगे। इसके बाद कावड़ को धार्मिक परंपराओं के अनुरूप सजाकर श्रद्धा और भक्ति के साथ करोदिया की ओर प्रस्थान करेंगे।
यात्रा मार्ग पर माँ नर्मदा और भगवान शिव के जयकारों के साथ भक्तिमय वातावरण रहेगा। श्रद्धालु नर्मदा मैया के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए यात्रा में शामिल होंगे। आयोजकों का कहना है कि यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों को आपसी सद्भाव और एकता के सूत्र में जोड़ने का माध्यम भी बनेगी।
किसानों की खुशहाली के लिए विशेष मंगलकामना
माँ गंगा नर्मदा कावड़ यात्रा को विशेष रूप से अन्नदाता किसानों को समर्पित किया गया है। यात्रा के माध्यम से किसानों की सुख-शांति, अच्छी फसल, आर्थिक समृद्धि और परिवारों की खुशहाली की मंगलकामना की जाएगी।
कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण मनावर और आसपास के बड़ी संख्या में परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती से जुड़े हैं। आयोजकों का कहना है कि किसान अपनी मेहनत से पूरे समाज के लिए अन्न उत्पादन करता है। ऐसे में श्रावण मास के पवित्र अवसर पर किसानों के कल्याण की कामना करते हुए यह धार्मिक यात्रा निकाली जा रही है।
गूंजेगा ‘हर खेत-खलिहान में खुशहाली अपार’ का जयघोष
यात्रा के दौरान श्रद्धालु “माँ नर्मदा की जय-जयकार, हर खेत-खलिहान में खुशहाली अपार” का जयघोष करते हुए आगे बढ़ेंगे। इसके साथ ही हर-हर महादेव और माँ नर्मदा के जयकारों से यात्रा मार्ग भक्तिमय होने की उम्मीद है।
आयोजकों ने बताया कि कावड़ यात्रा में सभी वर्गों के श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग परिवार सहित इसमें शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त कर सकते हैं।
श्रद्धालुओं की सहभागिता बनेगी यात्रा की शक्ति
आयोजकों ने कहा कि किसी भी धार्मिक और सामाजिक आयोजन की सफलता में समाज की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण होती है। माँ गंगा नर्मदा कावड़ यात्रा में भी अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति की अपेक्षा की जा रही है।
यात्रा के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, भाईचारा और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा। माँ नर्मदा मध्यप्रदेश की जीवनरेखा मानी जाती हैं और प्रदेश के लाखों लोगों की आस्था उनसे जुड़ी हुई है।
श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना के साथ नर्मदा जल लेकर कावड़ यात्रा करने की परंपरा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी भावना के साथ श्रद्धालु गांगली से करोदिया तक यात्रा करेंगे।
रुक्मा रवि मुवेल ने की शामिल होने की अपील
जनपद पंचायत मनावर की अध्यक्ष श्रीमती रुक्मा रवि मुवेल ने क्षेत्रवासियों से माँ गंगा नर्मदा कावड़ यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने लोगों से सपरिवार पहुंचकर इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनने और पुण्यलाभ प्राप्त करने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसान परिवारों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की भावना से आयोजित इस यात्रा में सभी की सहभागिता महत्वपूर्ण है।
आस्था के साथ सामाजिक एकता का भी संदेश
आयोजकों के अनुसार कावड़ यात्रा में ग्रामीण क्षेत्रों से किसान, युवा, महिलाएं और अन्य श्रद्धालु शामिल होंगे। यात्रा के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ समाज में आपसी सहयोग और एकता को मजबूत करने का संदेश भी दिया जाएगा।
गांगली स्थित माँ नर्मदा के पावन तट से प्रारंभ होकर करोदिया तक पहुंचने वाली इस कावड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर माँ नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त करने और किसानों की खुशहाली के लिए सामूहिक मंगलकामना करने का आग्रह किया है।
