माँ बगलामुखी जयंती पर महा आरती के साथ विशाल भंडारा सम्पन्न
Indore में भव्य आध्यात्मिक आयोजन का दिव्य दृश्य
Indore शहर एक बार फिर धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा, जब सुपर कॉरिडोर नंबर 5 मेट्रो स्टेशन के समीप स्थित प्रसिद्ध बगलामुखी धाम तीर्थ में माँ बगलामुखी जयंती के अवसर पर भव्य महोत्सव का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर पूरे परिसर में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
24 अप्रैल, शुक्रवार को अष्टमी तिथि के अवसर पर आयोजित इस विशाल धार्मिक कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सुबह से लेकर देर रात तक धाम परिसर में लगातार धार्मिक अनुष्ठान, हवन, यज्ञ, महा आरती और भंडारे का सिलसिला चलता रहा। पूरा वातावरण मंत्रोच्चार और जयकारों से गूंजता रहा।
माँ बगलामुखी का आध्यात्मिक महत्व और शक्ति
माँ बगलामुखी को हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं में आठवां स्थान प्राप्त है। इन्हें “स्तंभन की देवी” के रूप में पूजा जाता है, जिनकी आराधना से शत्रु की शक्ति, वाणी और नकारात्मक ऊर्जा को नियंत्रित करने की क्षमता प्राप्त होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ बगलामुखी की उपासना से जीवन में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं, कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय मिलती है और मानसिक तनाव समाप्त होता है। इन्हें “शत्रु बुद्धि विनाशिनी” भी कहा जाता है, जो भक्तों के जीवन में सुरक्षा और सकारात्मकता प्रदान करती हैं।
दिनभर चला शक्तिशाली हवन और विशेष अनुष्ठान
माँ बगलामुखी जयंती के अवसर पर बगलामुखी धाम में सुबह से ही विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। यज्ञ, हवन और मंत्रोच्चार के साथ पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा।
धाम के महंत 108 श्री हरिशंकर दास बगलामुखी पीठाधीश्वर एवं मुख्य पुजारी ने बताया कि इस अवसर पर विशेष शक्तिशाली अनुष्ठान पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न किए गए। यज्ञ में आहुतियाँ दी गईं और भक्तों के कल्याण के लिए विशेष प्रार्थनाएँ की गईं।
सुबह से शुरू हुआ यह धार्मिक क्रम बिना किसी रुकावट के शाम तक चलता रहा, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

महा आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का विशाल सैलाब
शाम 7:30 बजे जैसे ही महा आरती का समय हुआ, पूरा धाम परिसर भक्तों से खचाखच भर गया। हजारों श्रद्धालु माँ बगलामुखी के दर्शन और महा आरती में शामिल होने के लिए उपस्थित हुए।
जैसे ही महा आरती शुरू हुई, पूरा वातावरण “जय माँ बगलामुखी” के जयकारों से गूंज उठा। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि ने पूरे वातावरण को अत्यंत दिव्य और अलौकिक बना दिया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मंदिर परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी, लेकिन भक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी।
विशाल भंडारे का भव्य आयोजन
महा आरती के तुरंत बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की।
भंडारे की व्यवस्था अत्यंत सुव्यवस्थित और अनुशासित ढंग से की गई थी। भोजन वितरण की पूरी व्यवस्था स्वयंसेवकों द्वारा संभाली गई, जिससे किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
भक्तों ने माँ का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रसादी ग्रहण की और इसे अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण बताया।
साधु-संतों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस भव्य धार्मिक आयोजन में कई प्रमुख साधु-संतों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ा दी।
श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री राम गोपाल दास जी महाराज, राम किशोर दास जी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा इस अवसर पर उपस्थित रहे और उन्होंने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया।
इसके साथ ही मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, हरिनारायण यादव सहित कई राजनीतिक और सामाजिक गणमान्य व्यक्तियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और माँ बगलामुखी के दर्शन किए।
मंदिर परिसर की भव्य सजावट और दिव्य वातावरण
पूरे बगलामुखी धाम परिसर को अत्यंत भव्य और आकर्षक तरीके से सजाया गया था। विभिन्न प्रकार के रंग-बिरंगे फूलों, वस्त्रों और धार्मिक सजावट से मंदिर का वातावरण पूरी तरह अलौकिक प्रतीत हो रहा था।
माँ बगलामुखी के साथ-साथ भद्रकाली माता, त्रिपुरा सुंदरी माता, हनुमान जी महाराज, भैरव बाबा, शनि देव और शिव परिवार की प्रतिमाओं का विशेष श्रृंगार किया गया था।
दीपों की रोशनी और फूलों की सुगंध ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

कार्यकर्ताओं का समर्पित योगदान
इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में धाम के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पंडित विजय त्रिपाठी, जीतू सैनी, दिलीप सोनी, महेश राठौर, उमेश जैन, वेदांत त्रिपाठी, राज परमार, जतिन शर्मा सहित कई कार्यकर्ता दिन-रात व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
उनकी मेहनत और समर्पण के कारण ही पूरा कार्यक्रम बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सका।
भंडारे की व्यवस्था और संचालन
भंडारे की भोजन व्यवस्था भी अत्यंत व्यवस्थित रही। भोजन निर्माण से लेकर वितरण तक हर चरण में कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारी निभाई।
पप्पू मौर्य, निक्की रघुवंशी, रवि तिवारी, रोहित, सागर सोलंकी, मोहित पांडे, रोशन जैन सहित कई कार्यकर्ताओं ने भोजन प्रसादी की व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
महिला कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी
इस आयोजन में महिला कार्यकर्ताओं की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही।
दुर्गा वाहिनी की जिला सहयोजिका स्नेहा, श्रुति त्रिपाठी, आराध्या स्वामी, तनु जैन, गौरी जैन सहित अनेक महिला कार्यकर्ताओं ने सेवा कार्य में सक्रिय रूप से भाग लिया।
उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मीडिया सहयोग और प्रशासनिक समर्थन
इस भव्य आयोजन में मीडिया का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
दबंग देश मीडिया नेटवर्क की टीम ने पूरे आयोजन की कवरेज और व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया। प्रधान संपादक उमेश जैन, प्रसार प्रमुख रितेश जैन सहित पूरी टीम सुबह से लेकर रात तक सक्रिय रही।
उनके सहयोग से आयोजन की सभी गतिविधियाँ सुचारू रूप से संपन्न हो सकीं।
निष्कर्ष: आस्था और सेवा का अद्भुत संगम
माँ बगलामुखी जयंती पर आयोजित यह भव्य कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम बनकर सम्पन्न हुआ।
हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति, महा आरती का दिव्य वातावरण और विशाल भंडारे ने इस आयोजन को अत्यंत विशेष बना दिया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में एकता, सेवा और समर्पण का संदेश भी देता है।
