Gram रोशनी में सुरेश चंद्र जैन की 50वीं विवाह वर्षगांठ हर्षोल्लास के साथ संपन्न
पानी बचाओ, पेड़ लगाओ” का संदेश देते हुए सामाजिक सरोकारों से जुड़ा आयोजन, कई शहरों से पहुंचे अतिथि
Gram रोशनी में समाज के प्रतिष्ठित नागरिक श्री सुरेश चंद्र जैन और श्रीमती शांति जैन की 50वीं विवाह वर्षगांठ बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। इस विशेष अवसर को केवल पारिवारिक उत्सव तक सीमित न रखते हुए, इसे सामाजिक जागरूकता के संदेश से भी जोड़ा गया। कार्यक्रम के दौरान “पानी बचाओ, पेड़ लगाओ” का संदेश प्रमुखता से दिया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया।
इस भव्य आयोजन में गांव सहित आसपास के कई शहरों और कस्बों से गणमान्य नागरिक, महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। नागदा, उज्जैन, इंदौर, बाड़कुम्मेंद, मक्शी और देवास सहित विभिन्न स्थानों से आए अतिथियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सभी ने सुरेश चंद्र जैन और शांति जैन को उनके सफल वैवाहिक जीवन के 50 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक स्वागत के साथ हुई, जहां अतिथियों का सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया गया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हुई, जिसमें महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। जगह-जगह समूहों में किए गए इन नृत्यों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया और कार्यक्रम में एक अलग ही ऊर्जा भर दी।
इस अवसर पर नागदा से आए जीवनलाल जैन (चायवाले) ने विशेष रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने सुरेश चंद्र जैन और शांति जैन को शाल और मोतियों की माला पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही, उन्होंने अपनी स्वरचित कविता के माध्यम से दंपत्ति के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उनकी भावनात्मक कविता ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया और कार्यक्रम को एक विशेष ऊंचाई प्रदान की।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने दंपत्ति के जीवन को प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके सफल वैवाहिक जीवन के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि आपसी प्रेम, समझ, सहयोग और त्याग के आधार पर ही एक मजबूत और सफल दांपत्य जीवन का निर्माण होता है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जल संकट और पर्यावरण असंतुलन आज के समय की बड़ी चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा।
मंच संचालन की जिम्मेदारी रुचि जैन ने कुशलतापूर्वक निभाई। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित और आकर्षक ढंग से संचालित किया, जिससे सभी गतिविधियां सुचारू रूप से संपन्न हो सकीं। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. राकेश जैन ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी अतिथियों, सहयोगियों और आयोजकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता और जागरूकता का संदेश देते हैं। उन्होंने दूर-दराज से आए सभी लोगों के प्रति विशेष आभार प्रकट किया।
इस आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसे सामाजिक सरोकारों से जोड़ा गया। “पानी बचाओ, पेड़ लगाओ” का संदेश देकर यह दर्शाया गया कि व्यक्तिगत खुशियों को भी समाज और पर्यावरण के हित में उपयोग किया जा सकता है।
समारोह के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने सुरेश चंद्र जैन और शांति जैन के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की। यह आयोजन न केवल एक स्वर्णिम विवाह वर्षगांठ का उत्सव था, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सामूहिक सहभागिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी बनकर सामने आया।
