Gold-Silver Price Today on June 6: अमेरिकी डेटा,
भारतीय सर्राफा बाजार में बड़ी गिरावट का असर
6 जून को भारतीय सर्राफा बाजार में Gold-Silver की कीमतों में तेज और व्यापक गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट केवल घरेलू कारणों से नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बदलते आर्थिक संकेतों का परिणाम है।
अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़ों, डॉलर इंडेक्स में तेजी और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर बनी नई उम्मीदों ने वैश्विक निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया। इसका सीधा असर भारत के MCX और IBJA जैसे प्रमुख बाजारों पर पड़ा।
बीते दिन भी सोना और चांदी में भारी गिरावट देखी गई थी, जिसके बाद शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहने के कारण कीमतें निचले स्तर पर ही बनी रहीं।
Gold की कीमतों में तेज गिरावट
ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम ₹1600 से ₹1850 तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट हाल के दिनों में सबसे तेज मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर मांग और निवेशकों की मुनाफावसूली इस गिरावट का मुख्य कारण है।
प्रमुख शहरों में सोने के ताजा रेट (24 कैरेट और 22 कैरेट)
- दिल्ली
24 कैरेट सोना – ₹1,55,870 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना – ₹1,42,890 प्रति 10 ग्राम - मुंबई
24 कैरेट सोना – ₹1,55,720 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना – ₹1,42,740 प्रति 10 ग्राम - कोलकाता
24 कैरेट सोना – ₹1,55,720 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना – ₹1,42,740 प्रति 10 ग्राम - चेन्नई
24 कैरेट सोना – ₹1,57,950 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना – ₹1,44,290 प्रति 10 ग्राम
चेन्नई में कीमतें अन्य शहरों की तुलना में थोड़ी अधिक बनी हुई हैं, जिसका कारण स्थानीय टैक्स और लॉजिस्टिक लागत मानी जा रही है।
Silver की कीमतों में भी भारी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी के बाजार में भी तेज दबाव देखने को मिला है। देशभर में चांदी की औसत खुदरा कीमत अब ₹2,74,900 से ₹2,79,900 प्रति किलोग्राम के बीच बनी हुई है।
चांदी की कीमतों में भी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक मांग में कमी का असर साफ दिखाई दे रहा है।
प्रमुख शहरों में चांदी के रेट
- दिल्ली
₹2,749 प्रति 10 ग्राम
₹2,79,900 प्रति किलोग्राम - मुंबई और कोलकाता
₹2,750 प्रति 10 ग्राम
₹2,75,000 प्रति किलोग्राम - चेन्नई
₹2,800 प्रति 10 ग्राम
₹2,80,000 प्रति किलोग्राम
चेन्नई में चांदी की कीमतें थोड़ी ऊंची बनी हुई हैं, जबकि अन्य मेट्रो शहरों में दरें लगभग समान स्तर पर हैं।
क्यों गिरी Gold-Silver की कीमतें?
इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण एक साथ काम कर रहे हैं।
1. अमेरिका का मजबूत रोजगार डेटा
अमेरिका में मई महीने के दौरान जारी किए गए Non-Farm Payrolls आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे। रिपोर्ट के अनुसार लगभग 1.72 लाख नई नौकरियां जोड़ी गईं, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत मिला।
इस मजबूत डेटा के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) जल्द ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। उच्च ब्याज दरों के माहौल में निवेशक सोने जैसे गैर-उपज देने वाले (non-yielding) एसेट से पैसा निकालकर बॉन्ड और डॉलर में निवेश कर रहे हैं।
2. डॉलर इंडेक्स में मजबूती
डॉलर इंडेक्स में तेजी आने से भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ा है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है तो कीमती धातुओं की कीमतें कमजोर हो जाती हैं क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में ट्रेड होती हैं।
इस समय डॉलर की मजबूती ने वैश्विक निवेशकों को सुरक्षित निवेश की बजाय तरल संपत्तियों की ओर मोड़ दिया है।
3. वैश्विक बाजार में मुनाफावसूली
अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट में भी सोने और चांदी में भारी बिकवाली देखने को मिली है।
- सोना: 4450 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसला
- चांदी: 73 डॉलर प्रति औंस से नीचे
लंबे समय से चली आ रही तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे कीमतों में तेज गिरावट आई।
4. भू-राजनीतिक तनाव में कमी
मध्य पूर्व में इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम की खबरों ने भी बाजार पर असर डाला है। वैश्विक तनाव में कमी आने से निवेशकों की सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग कम हो गई है।
जब भू-राजनीतिक जोखिम घटते हैं, तो सोने जैसी संपत्तियों की मांग भी कम हो जाती है।
5. फेडरल रिजर्व की नीति का असर
फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता भी बाजार को प्रभावित कर रही है। यदि ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं, तो सोने में निवेश कम आकर्षक हो जाता है।
इसी कारण निवेशक फिलहाल जोखिम से बचते हुए कैश और बॉन्ड मार्केट की ओर रुख कर रहे हैं।
MCX और IBJA बाजार पर असर
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) और MCX दोनों में गिरावट का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है।
बीते सत्र में:
- सोना ₹1600 से ₹1850 प्रति 10 ग्राम तक गिरा
- चांदी ₹4000 से ₹5800 प्रति किलोग्राम तक टूटी
यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता और अवसर दोनों लेकर आई है।
निवेशकों के लिए संकेत और रणनीति
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में सोने और चांदी में अस्थिरता बनी रह सकती है।
विशेषज्ञों की राय:
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सतर्क रहने की जरूरत
- लंबे समय के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीद का अवसर हो सकती है
- अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर नजर रखना जरूरी है
अगले कुछ दिनों में अमेरिकी फेड की टिप्पणी और वैश्विक आर्थिक डेटा बाजार की दिशा तय करेंगे।
भविष्य की संभावनाएं
यदि डॉलर मजबूत बना रहता है और फेडरल रिजर्व दरों में कटौती नहीं करता, तो सोने और चांदी पर दबाव जारी रह सकता है।
हालांकि, यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता या भू-राजनीतिक तनाव फिर बढ़ता है, तो सुरक्षित निवेश की मांग वापस बढ़ सकती है और कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
6 जून को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी रोजगार आंकड़ों की मजबूती, डॉलर की बढ़ती ताकत, वैश्विक बिकवाली और भू-राजनीतिक तनाव में कमी इस गिरावट के मुख्य कारण रहे हैं।
आने वाले दिनों में बाजार पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर निर्भर रहेगा, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों को सतर्क रहते हुए रणनीति बनानी होगी ताकि वे इस अस्थिर बाजार में सही निर्णय ले सकें।
