Gold Silver Price Today: सोने-चांदी के भाव में लगातार दूसरे दिन गिरावट, सोना ₹4,400 और चांदी ₹9,600 तक टूटी
पश्चिम एशिया संकट और महंगाई की चिंता के बीच कीमती धातुओं पर दबाव, जानिए ताजा भाव
नई दिल्ली। Gold और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रहे घटनाक्रम, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की चिंता का असर घरेलू बाजार में भी देखने को मिला है। पिछले दो कारोबारी सत्रों में सोने की कीमत में करीब 4,400 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत में करीब 9,600 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है। निवेशकों को डर है कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं। इसका सीधा असर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं की मांग पर पड़ा है।
MCX पर Gold और Silver में गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी पिछले कारोबारी सत्र में 2,19,375 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई थी। गुरुवार को यह गिरावट के साथ 2,18,280 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली।
शुरुआती कारोबार में चांदी के भाव में और कमजोरी देखने को मिली और यह करीब 2,050 रुपये गिरकर 2,17,325 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।
वहीं, अगस्त 2026 डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर भी दबाव में रहा। सोने का भाव करीब 1,079 रुपये की गिरावट के साथ 1,41,742 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया।
सर्राफा बाजार में भी सोना हुआ सस्ता
घरेलू सर्राफा बाजार में भी सोने और चांदी के दामों में कमी दर्ज की गई। बाजार आंकड़ों के अनुसार:
- 24 कैरेट सोना: करीब 1,850 रुपये की गिरावट के बाद 1,44,330 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: करीब 1,700 रुपये की गिरावट के बाद 1,32,300 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट सोना: करीब 1,390 रुपये की गिरावट के बाद 1,08,250 रुपये प्रति 10 ग्राम
- चांदी: करीब 5,000 रुपये की गिरावट के बाद 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम
क्यों गिर रहे हैं सोने और चांदी के भाव?
सोने को आमतौर पर सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना रहती है तो निवेशक अन्य विकल्पों की ओर रुख करने लगते हैं। वर्तमान में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और महंगाई को लेकर चिंता के कारण बाजार में दबाव बना हुआ है।
इसके अलावा डॉलर की मजबूती भी सोने की कीमतों को प्रभावित करती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत होने पर सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग प्रभावित हो सकती है।
निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेंगी।
यदि वैश्विक तनाव बढ़ता है तो सोने में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है, क्योंकि संकट के समय निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर आकर्षित होते हैं। वहीं, यदि ब्याज दरों को लेकर स्थिति स्पष्ट होती है तो बाजार में स्थिरता आने की संभावना है।
खरीदारों के लिए राहत का मौका
लगातार गिरावट के कारण सोना खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह राहत की खबर मानी जा रही है। शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे लोग मौजूदा भाव पर नजर बनाए हुए हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति और कीमतों के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखना जरूरी है। सोने और चांदी के भाव में तेजी से बदलाव संभव है।
फिलहाल कीमती धातुओं में गिरावट का दौर जारी है और बाजार की नजर आने वाले कारोबारी सत्रों पर बनी हुई है।
