सोना-चांदी में बड़ी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। MCX पर सोना 5% और चांदी 7% टूटी। 23 मार्च 2026 को 24 कैरेट गोल्ड की कीमत ₹1,40,020 और सिल्वर ₹2.08 लाख रही। जानिए शहरों के ताजा रेट।
सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: 5% टूटा गोल्ड, डॉलर की मजबूती से बाजार में मचा हड़कंप, जानिए आज के ताजा रेट
सोना-चांदी में बड़ी गिरावट का दौर सोमवार को बुलियन बाजार में देखने को मिला। मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते कीमती धातुओं पर भारी दबाव बना हुआ है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के भाव में करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के दाम 7% तक लुढ़क गए। इस भारी गिरावट से निवेशकों में चिंता का माहौल है, जो सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोने-चांदी को देखते थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में लगातार आ रही तेजी ने सोने की चमक फीकी कर दी है। डॉलर के मजबूत होने से सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है और कीमतों में गिरावट आती है। इस लेख में हम आपको सोने-चांदी के ताजा रेट, गिरावट के कारण और आगे की रणनीति के बारे में विस्तार से बताएंगे।
सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: बाजार का हाल
सोमवार, 23 मार्च को भारतीय बुलियन बाजार में सोना-चांदी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। MCX पर सोना 5% टूटकर 1.36 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक आ गया, जबकि चांदी ने 7% की गिरावट के साथ 2.08 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छुआ। हालांकि, दिन के अंत में थोड़ी रिकवरी हुई और 24 कैरेट सोना 1,40,020 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
यह गिरावट केवल भारत तक सीमित नहीं रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार, विशेष रूप से कॉमेक्स (Comex) पर भी सोना और चांदी लगातार दूसरे सप्ताह दबाव में रहे। निवेशकों का रुझान अब अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की ओर बढ़ रहा है, जिससे कीमती धातुओं से पूंजी निकल रही है।
Gold and Silver Price Today (23 March 2026): शहरों के ताजा रेट
अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि आपके शहर में इस समय क्या दाम चल रहे हैं। सराफा बाजार में जीएसटी और स्थानीय करों के कारण कीमतों में मामूली अंतर होता है। यहां पर सभी प्रमुख शहरों के ताजा रेट दिए गए हैं।
24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड के दाम (10 ग्राम)
| शुद्धता | कीमत (₹) |
|---|---|
| 24 कैरेट | ₹1,40,020 |
| 22 कैरेट | ₹1,28,350 |
| 18 कैरेट | ₹1,05,020 |
शहरों के हिसाब से सोने के दाम (₹ प्रति ग्राम)
| शहर | 24K | 22K | 18K |
|---|---|---|---|
| चेन्नई | ₹14,128 | ₹12,950 | ₹10,800 |
| मुंबई | ₹14,002 | ₹12,835 | ₹10,502 |
| दिल्ली | ₹14,017 | ₹12,850 | ₹10,517 |
| कोलकाता | ₹14,002 | ₹12,835 | ₹10,502 |
| बेंगलुरु | ₹14,002 | ₹12,835 | ₹10,502 |
| हैदराबाद | ₹14,002 | ₹12,835 | ₹10,502 |
| पुणे | ₹14,002 | ₹12,835 | ₹10,502 |
| अहमदाबाद | ₹14,007 | ₹12,840 | ₹10,507 |
चांदी के ताजा रेट (प्रति किलो)
चांदी की कीमतों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। पिछले कुछ दिनों में चांदी ने अपने हाई से लगभग 10% से अधिक की गिरावट दर्ज की है। आज चांदी का भाव 2,08,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है
| तारीख | कीमत (₹ प्रति किलो) |
|---|---|
| 23 मार्च 2026 | ₹2,08,000 |
| 20 मार्च 2026 | ₹2,32,364 |
| 19 मार्च 2026 | ₹2,49,907 |
क्यों हुई सोना-चांदी में बड़ी गिरावट? (पांच बड़े कारण)
सोने-चांदी के बाजार में आई इस भारी गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण हैं। आइए इन्हें विस्तार से समझते हैं:
1. मजबूत डॉलर का दबाव
सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। डॉलर इंडेक्स (DXY) 105 के स्तर को पार कर गया है। चूंकि सोने की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए डॉलर के मजबूत होने पर सोना अमेरिका के बाहर के खरीदारों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है।
2. अमेरिकी फेड (Fed) की सख्ती
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों में कटौती की रफ्तार धीमी कर दी है। ऊंची ब्याज दरें डॉलर को मजबूत बनाती हैं और सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्ति (Non-Yielding Asset) का आकर्षण कम कर देती हैं।
3. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं
हालांकि सोना आमतौर पर अनिश्चितता का सुरक्षित कवच माना जाता है, लेकिन इस बार निवेशक अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती को देखते हुए डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं।
4. ETF से निकली पूंजी
दुनियाभर में गोल्ड ईटीएफ (Exchange Traded Funds) से लगातार पूंजी निकल रही है। निवेशक अपने पोर्टफोलियो को डॉलर एसेट्स में शिफ्ट कर रहे हैं, जिससे सोने की मांग पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
5. तकनीकी बिकवाली (Technical Selling)
MCX पर सोना 1.45 लाख रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखने में विफल रहा। इसके बाद तकनीकी चार्ट में ब्रेकडाउन होने से ट्रेडर्स ने बिकवाली शुरू कर दी, जिससे कीमतें तेजी से नीचे आ गईं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर (कॉमेक्स पर सोना-चांदी)
भारतीय बाजार में आई इस गिरावट की जड़ें अंतरराष्ट्रीय बाजार में हैं। न्यूयॉर्क के कॉमेक्स (Comex) पर सोने का भाव करीब 2.4 प्रतिशत गिरकर 4,492 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यह पिछले तीन महीनों का सबसे निचला स्तर है। वहीं, चांदी 4.7 प्रतिशत टूटकर 67 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही।
जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरता है, तो घरेलू बाजार में आयात महंगा होने के बजाय सस्ता होता है क्योंकि भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक है। हालांकि, रुपये की स्थिति भी यहां अहम भूमिका निभाती है। अगर रुपया कमजोर होता, तो गिरावट कुछ कम दिखती, लेकिन डॉलर के मुकाबले रुपया स्थिर रहने से घरेलू बाजार में भी पूरी गिरावट दिखी।
विशेषज्ञों की राय: आगे क्या है सोने-चांदी का भविष्य?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अभी सोना-चांदी में बड़ी गिरावट का सिलसिला कुछ समय तक जारी रह सकता है। जब तक अमेरिकी डॉलर मजबूत बना रहेगा, तब तक बुलियन बाजार पर दबाव बना रहेगा।
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कोटक सिक्योरिटीज के विशेषज्ञ: “निवेशकों को अभी थोड़ा इंतजार करना चाहिए। अगर सोना MCX पर 1,38,000 रुपये के स्तर को दोबारा हासिल कर लेता है, तो खरीदारी बढ़ सकती है। फिलहाल गिरावट जारी रहने की संभावना है।”
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हालांकि, सपोर्ट के कारण भी हैं: यूक्रेन-रूस या मध्य-पूर्व में जियो-पॉलिटिकल टेंशन बढ़ता है तो सोने में अचानक तेजी आ सकती है। साथ ही, भारत में आगामी शादी का सीजन भी फिजिकल डिमांड को सपोर्ट कर सकता है।
निवेशकों के लिए रणनीति: क्या करें, क्या न करें?
अगर आप सोने-चांदी में निवेश कर रहे हैं या करने की योजना बना रहे हैं, तो इस उथल-पुथल के बीच कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
- घबराएं नहीं: सोना एक लॉन्ग-टर्म एसेट है। शॉर्ट टर्म में गिरावट आना सामान्य है। अगर आप लंबी अवधि (5-10 साल) के लिए निवेश कर रहे हैं, तो यह गिरावट खरीदारी का अवसर हो सकती है।
- SIP की तरह खरीदें: एक साथ बड़ी मात्रा में खरीदारी करने की बजाय, गिरावट पर हर महीने थोड़ा-थोड़ा सोना (गोल्ड ईटीएफ या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड) खरीदें। इससे औसत लागत कम होती है।
- डॉलर पर नजर रखें: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और फेड की बैठकों पर नजर बनाए रखें। अगर डॉलर कमजोर होने लगता है, तो सोने में तेजी आ सकती है।
- केवल फिजिकल गोल्ड ही नहीं: फिजिकल गोल्ड के अलावा, गोल्ड ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) भी बेहतर विकल्प हैं। SGB में ब्याज भी मिलता है और मेकिंग चार्ज नहीं लगता।
- मार्जिन ट्रेडिंग से बचें: अगर आप MCX पर ट्रेडिंग कर रहे हैं, तो इस समय तेज उतार-चढ़ाव के चलते मार्जिन ट्रेडिंग (कम पैसे पर ज्यादा ट्रेड) से बचना चाहिए। इससे भारी नुकसान हो सकता है।
निष्कर्ष
23 मार्च 2026 को सोना-चांदी में बड़ी गिरावट ने साफ कर दिया है कि वैश्विक स्तर पर मजबूत डॉलर का बोलबाला है। MCX पर सोना 1.40 लाख रुपये और चांदी 2.08 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। हालांकि यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक अच्छा एंट्री पॉइंट साबित हो सकती है।विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अमेरिकी फेड ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाए रखता है, तब तक सोने पर दबाव बना रहेगा। हालांकि, वैश्विक तनाव और शादी का सीजन आने से कीमतों को निचले स्तरों से सपोर्ट मिल सकता है।
