Gold -Silver की कीमतों में जोरदार उछाल, दिल्ली सर्राफा बाजार में हलचल
नई दिल्ली। बुधवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में Gold -Silver दोनों की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। चांदी की कीमतों में 11,250 रुपए प्रति किलो की छलांग लगी और यह 2,41,250 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं, सोना 4,900 रुपए प्रति 10 ग्राम चढ़कर 1,49,700 रुपए के स्तर तक पहुँच गया। इस तेजी ने बाजार में फिर से हलचल पैदा कर दी है और निवेशकों एवं खरीदारों का ध्यान आकर्षित किया है।
सर्राफा संघ की रिपोर्ट
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी की कीमत 2,30,000 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 2,41,250 रुपए प्रति किलो हो गई, यानी लगभग 4.89% की तेजी दर्ज हुई। वहीं, 99.9% शुद्धता वाला सोना 1,44,800 रुपए से बढ़कर 1,49,700 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जिसमें 3.38% की बढ़त हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में सुधार के संकेत देती है।
Gold -Silver में तेजी के कारण
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के जिंस विशेषज्ञ सौमिल गांधी के अनुसार, हाल के सत्रों में सोने और चांदी की कीमतों में यह मजबूत रिकवरी का संकेत है, जिसे बेहतर भू-राजनीतिक माहौल और डॉलर की नरमी का समर्थन मिला।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं में तेजी दर्ज हुई। हाजिर सोना लगभग 4,556 डॉलर प्रति औंस पर 2% बढ़कर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी भी 72.67 डॉलर प्रति औंस पर 2% की तेजी के साथ बाजार में दिखी।
मिडिल ईस्ट और डॉलर में नरमी का असर
मिराए एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह के अनुसार, सोने में लगातार दूसरी दिन तेजी अमेरिकी और ईरानी संभावित संघर्षविराम की उम्मीद से आई। इससे कच्चे तेल और डॉलर में नरमी आई, जिसका सीधा फायदा सोना-चांदी को मिला।
हालांकि, वैश्विक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अमेरिका बातचीत की उम्मीद जता रहा है, जबकि ईरान ने स्पष्ट रूप से बातचीत से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की संभावना वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ा रही है।
इसका मतलब है कि सोना और चांदी में तेजी लौट आई है, लेकिन आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
निवेशकों के लिए क्या करें – खरीदें या रुकें?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, इस तेजी में जल्दबाजी में बड़ी खरीदारी करने से बचना चाहिए। निवेशक बाजार को पहले स्थिर होने दें और एक मजबूत बेस बनने दें।
यदि शादी या व्यक्तिगत जरूरत के लिए सोना खरीदना है, तो यह उपयुक्त समय माना जा सकता है। लेकिन लंबे समय के निवेश के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना बेहतर है।
सोने-चांदी का संभावित टारगेट प्राइस
अजय केडिया के मुताबिक, आने वाले समय में सोना 1,12,000 से 1,15,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ सकता है। वहीं, चांदी 1,75,000 से 1,80,000 रुपए प्रति किलो तक गिर सकती है। इसका मतलब है कि मौजूदा तेजी के बाद बाजार में गिरावट की संभावना बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक और आभूषण खरीदार दोनों को बाजार की स्थितियों पर ध्यान रखना चाहिए और भावी उतार-चढ़ाव के अनुसार रणनीति बनानी चाहिए।
वैश्विक संकेत और भविष्य की दिशा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, डॉलर की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों और यूरोपीय बाजार की गतिविधियों का सीधा असर भारतीय सोना-चांदी बाजार पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मध्य पूर्व में तनाव कम होता है या कोई संघर्षविराम होता है, तो सोने-चांदी की कीमतें स्थिर हो सकती हैं। वहीं, तनाव बढ़ने पर कीमतों में अचानक उछाल भी देखने को मिल सकता है।
घरेलू बाजार में सुधार की उम्मीद
घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी निवेशकों के भरोसे को बढ़ाती है। सर्राफा बाजार में रोज़मर्रा की मांग के साथ-साथ त्योहार और शादी के मौसम को देखते हुए यह तेजी महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय संकेत मिलकर भविष्य में कीमतों की दिशा तय करेंगे। निवेशक इस समय स्थिर और सोच-समझकर निर्णय लें, ताकि अनावश्यक जोखिम से बचा जा सके।
निष्कर्ष
सर्राफा बाजार में बुधवार की तेजी ने निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान खींचा है। घरेलू और वैश्विक कारणों ने मिलकर Gold -Silver की कीमतों को ऊपर धकेला।
हालांकि, विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि बड़ी खरीदारी से पहले बाजार की स्थिरता का इंतजार करें। शादी, त्योहार या व्यक्तिगत जरूरत के लिए सोना खरीदा जा सकता है, लेकिन निवेश के लिए बाजार की सही दिशा का इंतजार करना बुद्धिमानी होगी।
इस तेजी के बाद भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है, इसलिए निवेशकों को सतर्क और समझदारी से निर्णय लेना चाहिए।
