🪔 दिवाली से पहले पेंशनरों को बड़ा तोहफा! मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट बढ़ाएगी 2% महंगाई राहत, साढ़े चार लाख पेंशनरों को मिलेगा लाभ
भोपाल, 14 अक्टूबर 2025।
मध्यप्रदेश के साढ़े चार लाख पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों के लिए इस दीपावली पर खुशखबरी आने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार अब राज्य के पेंशनरों को 2 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई राहत (DA Relief) देने की तैयारी में है। यह फैसला मंगलवार को होने वाली राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) बैठक में अनुमोदित किया जा सकता है।
अगर इस प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लगती है, तो राज्य के पेंशनरों का महंगाई राहत दर 50% तक पहुंच जाएगा। इस निर्णय से सरकारी खजाने पर सालाना कई सौ करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा, लेकिन सरकार ने इसे कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में एक “त्योहारी उपहार” के रूप में देने का मन बना लिया है।
🎯 कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव तैयार — वित्त विभाग ने पूरी रिपोर्ट सौंपी
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, मध्यप्रदेश के वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है जिसमें 2% महंगाई राहत बढ़ाने से होने वाले वित्तीय प्रभावों का पूरा ब्यौरा शामिल है।
रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि अक्टूबर 2025 से यह बढ़ोतरी लागू करने पर राज्य को अतिरिक्त राशि की आवश्यकता होगी, लेकिन इसका लाभ सीधे उन लाखों पेंशनरों को मिलेगा जो वर्षों की सेवा के बाद अब अपने पेंशन पर निर्भर हैं।
वित्त विभाग ने सभी आंकड़ों और अनुमानों को अंतिम रूप देकर प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद की बैठक के एजेंडे में शामिल कर लिया है। 14 अक्टूबर, मंगलवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इस पर चर्चा और अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
🧾 छत्तीसगढ़ की सहमति के बाद मिला रास्ता साफ
राज्य सरकार के सूत्रों ने बताया कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ सरकार की सहमति के बाद लिया जा रहा है। दरअसल, चूंकि 1 नवंबर 2000 से पहले छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश का हिस्सा था, इसलिए पेंशन नीति और महंगाई राहत (DA/DR) के मामलों में दोनों राज्यों को आपसी सहमति की आवश्यकता होती है।
छत्तीसगढ़ द्वारा हाल ही में 2% महंगाई राहत को मंजूरी देने के बाद अब मध्यप्रदेश सरकार के लिए भी मार्ग साफ हो गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव कैबिनेट इस प्रस्ताव को स्वीकृति देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
💬 मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्राथमिकता — “पेंशनरों का सम्मान हमारी जिम्मेदारी”
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कई बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि राज्य के पेंशनर और वरिष्ठ नागरिक “सरकारी परिवार के आधारस्तंभ” हैं।
सरकार उनके कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग को पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए थे कि त्योहारों से पहले ऐसा निर्णय लिया जाए जिससे पेंशनरों को राहत मिले और उनका त्योहारी मौसम खुशियों से भरा हो।
सरकार इस निर्णय को “दीपावली गिफ्ट पैकेज” के रूप में लागू कर सकती है, जिससे राज्य के लगभग 4.5 लाख पेंशनरों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
📈 महंगाई राहत 48% से बढ़कर होगी 50%
वर्तमान में मध्यप्रदेश सरकार अपने पेंशनरों को 48% महंगाई राहत (DA Relief) दे रही है।
यदि कैबिनेट बैठक में 2% वृद्धि को मंजूरी मिलती है, तो यह दर बढ़कर 50% हो जाएगी।
इससे पेंशन राशि में सीधा इजाफा होगा, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को बढ़ती महंगाई का सामना करने में सहूलियत मिलेगी।
वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस राहत को अक्टूबर 2025 से प्रभावी करने की योजना है, ताकि नवंबर या दिसंबर से पेंशनरों को संशोधित राशि मिल सके।
💰 राज्य पर कितना बढ़ेगा वित्तीय भार?
सूत्र बताते हैं कि 2% महंगाई राहत देने पर राज्य सरकार पर हर महीने कई दर्जन करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।
हालांकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि सरकार विकास योजनाओं और कर्मचारियों-पेंशनरों दोनों के बीच संतुलन बनाए रखेगी।
राजकोषीय जिम्मेदारी के साथ यह निर्णय लिया जा रहा है ताकि राज्य की वित्तीय स्थिति पर भार पड़े बिना नागरिकों को राहत मिल सके।
🪔 त्योहारी सीजन में सरकार की “गिफ्ट पॉलिसी”
मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार ने पहले भी कर्मचारियों और किसानों के लिए कई बड़े फैसले किए हैं।
अब इस महंगाई राहत वृद्धि को भी त्योहारी तोहफों की श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है।
दीपावली से पहले पेंशनरों को यह राहत मिलने से सरकार का “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” का दृष्टिकोण फिर से मजबूत होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह निर्णय न केवल प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण है बल्कि आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों से पहले सरकार के लिए सकारात्मक माहौल भी तैयार कर सकता है।
🏛️ कैबिनेट बैठक में अन्य एजेंडे भी शामिल
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में महंगाई राहत के अलावा कुछ और लोकहितकारी प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी।
इनमें कर्मचारियों के लंबित एरियर भुगतान, कुछ विभागों में भर्ती प्रस्ताव, और राज्य के बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
हालांकि, सबसे प्रमुख एजेंडा पेंशनरों की महंगाई राहत में बढ़ोतरी ही रहेगा, जिस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं अंतिम निर्णय लेंगे।
🌟 जनता की उम्मीदें — “मुख्यमंत्री मोहन यादव से भरोसा है”
पेंशनर्स यूनियन और कर्मचारियों के संगठनों ने इस प्रस्ताव पर अपनी खुशी जताई है।
उनका कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हमेशा वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लिया है।
यदि यह राहत अक्टूबर से लागू होती है, तो यह सरकार के प्रति विश्वास को और भी मजबूत करेगी।
📌 निष्कर्ष: दीपावली से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार का तोहफा
त्योहारों के इस मौसम में मध्यप्रदेश सरकार अपने पेंशनरों को एक बड़ा उपहार देने जा रही है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद 2% महंगाई राहत लागू होते ही राज्य के साढ़े चार लाख से अधिक पेंशनरों की जेब में अतिरिक्त रकम पहुंचेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह कदम न केवल आर्थिक राहत देगा, बल्कि यह संदेश भी देगा कि सरकार अपने वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान और भलाई के लिए प्रतिबद्ध है।
