विशाल और भव्य घट यात्रा आयोजित – इंदौर में जैन समाज का धार्मिक उत्सव
इंदौर: इंदौर शहर में जैन धर्म के अनुयायियों के लिए एक भव्य और अत्यंत पवित्र घट यात्रा का आयोजन किया गया। यह धार्मिक यात्रा सारस्वतकवि और श्रवणाचार्य श्री 108 विभवसागरजी महाराज तथा आचार्यश्री 108 विशदसागरजी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुई।
घट यात्रा की शुरुआत गाँधीनगर जिन मंदिर से हुई, और यह गौम्मटगिरी तीर्थ क्षेत्र तक उत्साह और भक्ति के साथ चली। इस आयोजन में जैन समाज के धर्म प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यात्रा का संचालन और आयोजन महासमिति के श्री सुरेन्द्र जैन बाकलीवाल, जैनेश झाँझरी, वीरेन्द्र बड़जात्या और अन्य सदस्यों द्वारा किया गया।
सैकड़ों साधर्मी उत्साहपूर्वक जयकारा और भक्ति नृत्य करते हुए यात्रा में शामिल हुए। मौसम में बदलाव के बावजूद, श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। यात्रा के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने जैन धर्म की शिक्षाओं का पालन करते हुए श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस आयोजन में महासमिति के प्रमुख सदस्य और स्थानीय जैन समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर कैलाशजी वेद, आकाश पांड्या, पवनजी जैन, ओम् पाटोदी, प्रमोद पापड़ीवाल, विपिन गंगवाल, प्रवीण पाटनी, प्रदीप बड़जात्या, पुष्पेन्द्र जैन, जय गोधा, अजय जैन, दीपक पाटनी, कमलजी राँवका, कैलाशजी लुहाड़िया, मुकेश दोशी, इन्द्रकुमार सेठी, निलेश सेठी, आलोक जैन, हेमन्त पाटनी, विनोद गंगवाल और महिला मंडल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा, गौम्मटगिरी ट्रस्टी गण ने भी यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जैन धर्म और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ समाज में सामूहिक भक्ति और एकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि ऐसी घट यात्राएँ समाज में धार्मिक जागरूकता और अनुशासन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
घट यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों, मंत्रोच्चार और नृत्य के माध्यम से जैन धर्म के मूल सिद्धांतों का अनुभव कर रहे थे। यात्रा की समाप्ति गौम्मटगिरी तीर्थ क्षेत्र पर हुई, जहां सभी उपस्थित साधर्मियों ने एकजुट होकर प्रार्थना और ध्यान में समय बिताया।
इस भव्य आयोजन ने न केवल इंदौर शहर में जैन धर्म के प्रति उत्साह बढ़ाया, बल्कि स्थानीय समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को भी उजागर किया। जैन समाज के महासमिति सदस्यों और महिला मंडल की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और भी सफल और स्मरणीय बना दिया।
निष्कर्ष: इंदौर की यह घट यात्रा जैन धर्म के अनुयायियों के लिए आस्था, भक्ति और समाजिक एकता का प्रतीक बनी। महासमिति और उपस्थित धर्म प्रचारकों के प्रयासों से यह आयोजन भव्य और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।

