ग्राम घाट पिपरिया में विधिक जागरूकता शिविर, ग्रामीणों को नशामुक्ति और निशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी
दमोह। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वावधान एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार ग्राम घाट पिपरिया में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन नालसा की ‘नशा पीड़ितों को विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन के लिए विधिक सेवाएं’ योजना, 2015 के अंतर्गत किया गया।
कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह सुभाष सोलंकी की उपस्थिति रही। शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
नशे के दुष्प्रभावों से कराया जागरूक
शिविर को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष सोलंकी ने नशे के दुष्प्रभाव और इससे समाज को होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है और कई युवा इसे फैशन के रूप में अपनाने लगे हैं। नशा व्यक्ति को मानसिक और आर्थिक रूप से कमजोर करने के साथ-साथ उसके सोचने-समझने की क्षमता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
उन्होंने कहा कि कई अपराध नशे की स्थिति में किए जाते हैं। ऐसे में यदि किसी परिवार में कोई व्यक्ति नशे का सेवन करता है तो परिवार के सदस्यों को उसे नशे से मुक्त कराने के लिए प्रयास करना चाहिए, ताकि परिवार और समाज में विवादों को कम कर शांतिपूर्ण वातावरण बनाया जा सके।
उन्होंने ग्रामीणों से बच्चों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा और अच्छे संस्कार देने पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि वे आगे चलकर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन कर सकें।

निशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी
जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने ग्रामीणों को बताया कि प्रत्येक नागरिक को समान रूप से न्याय प्राप्त करने का अधिकार है। पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने के साथ ही नियमानुसार अन्य आवश्यक व्यय भी प्रदान किया जाता है।
उन्होंने जन उपयोगी लोक अदालत, पीड़ित प्रतिकर योजना, मध्यस्थता योजना सहित नालसा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी। साथ ही निशुल्क विधिक सहायता के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर के बारे में भी बताया गया।
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने विधिक सेवाओं और नशामुक्ति से जुड़े विषयों की जानकारी प्राप्त की। आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, उपलब्ध विधिक सहायता और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना रहा।
