मंत्री डॉ. टेटवाल ने किया Sarangpur सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण, डायलिसिस यूनिट और दीनदयाल रसोई देखी
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लिया जायजा
Sarangpur। मध्य प्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार विभाग मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने मंगलवार को सारंगपुर सिविल चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य अस्पताल में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लेना था। मंत्री के अचानक अस्पताल पहुंचने से परिसर में हलचल रही। उन्होंने अलग-अलग विभागों और सुविधाओं को देखा तथा मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी ली।
पैथोलॉजी की मशीनों का अवलोकन
निरीक्षण के दौरान डॉ. टेटवाल ने पैथोलॉजी विभाग पहुंचकर वहां संचालित मशीनों का अवलोकन किया। उन्होंने मशीनों के संचालन की जानकारी ली और संबंधित स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए। अस्पताल में जांच सुविधाएं मरीजों के इलाज का अहम हिस्सा होती हैं, इसलिए इनका सुचारु रूप से चलना जरूरी माना जाता है।
डायलिसिस यूनिट में मरीजों से संवाद
मंत्री ने अस्पताल की डायलिसिस यूनिट का भी निरीक्षण किया। वहां उपचाररत मरीजों से उन्होंने सीधे संवाद किया और जाना कि उन्हें किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। मरीजों से बातचीत के जरिए उन्होंने यूनिट की व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति को समझने का प्रयास किया।

दीनदयाल रसोई में खुद किया भोजन
डॉ. टेटवाल दीनदयाल रसोई भी पहुंचे, जहां वितरित किए जा रहे भोजन का उन्होंने निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं भोजन भी किया और उसकी गुणवत्ता को परखा। इसके बाद उन्होंने संबंधित लोगों को निर्देश दिए कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को बेहतर बनाए रखा जाए।
नेत्र शिविर में जरूरतमंदों को बांटे चश्मे
अस्पताल परिसर में आयोजित नेत्र शिविर में भी मंत्री पहुंचे। वहां उन्होंने जरूरतमंद मरीजों को चश्मे वितरित किए। चश्मा पाने वाले मरीजों के लिए यह राहत की बात रही।
“स्वास्थ्य सुविधाएं प्रत्येक नागरिक का अधिकार”
निरीक्षण के दौरान मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि स्वस्थ समाज और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रत्येक नागरिक का अधिकार हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
ये रहे उपस्थित
इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता निर्मल जैन, मंडल अध्यक्ष महेश पुष्पद, रोगी कल्याण समिति सदस्य सुधीर श्रीमाल और भाजपा महामंत्री कमल राठौर सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
आगे क्या
मंत्री के निरीक्षण के बाद अब यह देखना होगा कि पैथोलॉजी और भोजन व्यवस्था को लेकर दिए गए निर्देशों का पालन किस तरह किया जाता है। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी कोई अलग बयान सामने नहीं आया है।
