गैस संकट में बढ़ी Induction की मांग: कीमतों में 30% तक उछाल, कई मॉडल में शॉर्टेज
बीते कई दिनों से ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव और युद्ध के कारण एलपीजी गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है। आम लोगों के लिए सिलेंडर समय पर नहीं मिलना आम बात हो गई है। कई शहरों में लोग लंबी कतारों में खड़े हैं, लेकिन सिलेंडर की कमी के कारण अब लोग वैकल्पिक विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसमें Induction कुकटॉप सबसे प्रमुख विकल्प बनकर उभरा है।
गैस की कमी के चलते अब इंडक्शन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। व्यापारियों के अनुसार, पहले जहां एक दुकान पर पूरे महीने में लगभग 100 इंडक्शन बिकते थे, अब एक दिन में 300 तक इंडक्शन बिक रहे हैं। इसका मतलब है कि इंडक्शन की बिक्री में करीब 300 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
Induction का बढ़ता महत्व
गैस की कमी के कारण घरों में खाना बनाने के विकल्प बदल गए हैं। बिजली से चलने वाले इंडक्शन चूल्हे को लोग अब प्राथमिक विकल्प मानने लगे हैं। इंडक्शन के फायदों में शामिल हैं:
- गैस सिलेंडर की आवश्यकता नहीं
- छोटा और हल्का, आसानी से फिट होने वाला
- सुरक्षित और नियंत्रित तापमान
- तेज खाना बनाने की क्षमता
इस वजह से शहरी क्षेत्रों में इंडक्शन की मांग तेजी से बढ़ी है। कई घरों ने इसे गैस सिलेंडर के विकल्प के रूप में अपनाया है, जिससे बाजार में इसकी बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
बिक्री और डिमांड का हाल
व्यापारियों के अनुसार, पिछले सप्ताह से इंडक्शन की मांग में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है। पहले महीनेभर में जो 100 यूनिट बिकते थे, अब केवल एक दिन में 300 यूनिट बिक रहे हैं। इससे साफ है कि आम लोग गैस की अनुपलब्धता के कारण मजबूरी में इंडक्शन की ओर रुख कर रहे हैं।
इंडक्शन कुकटॉप की बढ़ती मांग से कंपनियों पर भी दबाव बढ़ गया है। कई जगह ऐसा देखा गया है कि कंपनियां ग्राहक की मांग के अनुसार समय पर सप्लाई नहीं कर पा रही हैं। इससे बाजार में शॉर्टेज भी सामने आ रही है।
कीमतों में उछाल
इंडक्शन की बढ़ती मांग का असर कीमतों पर भी पड़ा है। बाजार में लगभग 30 प्रतिशत तक कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है।
- पहले कीमतें: ₹1300 से ₹5000 तक
- अब कीमतें: 30 प्रतिशत तक बढ़ी
बड़ी कंपनियों ने अपने कुछ रेट बढ़ा दिए हैं, जबकि छोटी कंपनियों के उत्पादों के दाम आसमान छू रहे हैं। दुकानदारों ने ग्राहकों की मजबूरी का फायदा उठाना शुरू कर दिया है। अब ग्राहक चाहे तो भी केवल तय रेट पर ही खरीद सकते हैं।
बाजार में शॉर्टेज और वेटिंग
इंडक्शन की बढ़ती मांग के कारण कई मॉडल की कमी भी देखने को मिल रही है।
- लगभग 50 बड़े होलसेल व्यापारी इंडक्शन बेचते हैं
- सप्लाई मुख्य रूप से दक्षिण भारत, नोएडा और हिमाचल प्रदेश से आती है
- कुछ लोकप्रिय मॉडल 2 से 5 दिन की वेटिंग पर हैं
सप्लाई की कमी के कारण दुकानों पर ग्राहकों को इंतजार करना पड़ रहा है। इससे बाजार में आंशिक शॉर्टेज और कीमतों में वृद्धि दोनों का असर दिख रहा है।
सप्लाई चेन पर दबाव
इंडक्शन की बढ़ती मांग ने सप्लाई चेन पर भी दबाव डाल दिया है। कंपनियां मांग के अनुसार समय पर माल नहीं पहुंचा पा रही हैं।
- थोक और खुदरा बाजार प्रभावित
- कुछ मॉडल पूरी तरह आउट ऑफ स्टॉक
- आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना
व्यापारी यह भी मानते हैं कि यदि यह मांग इसी तरह बनी रही, तो इंडक्शन की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
आम लोगों के विकल्प
गैस की कमी के बीच लोग कई विकल्प अपना रहे हैं:
- इंडक्शन कुकटॉप
- इलेक्ट्रिक कुकर
- हॉट प्लेट
- माइक्रोवेव
इनमें सबसे ज्यादा लोकप्रिय और सुविधाजनक विकल्प इंडक्शन है। यह तेज, सुरक्षित और ऊर्जा कुशल है।
विशेषज्ञों की सलाह
व्यापारिक जानकारों के अनुसार, ग्राहक जल्दबाजी में खरीदारी न करें और केवल भरोसेमंद विक्रेता से ही इंडक्शन खरीदें। बाजार में वेटिंग और कीमतों में उतार-चढ़ाव आम है।
- जरूरत के अनुसार ही खरीदें
- कीमत और मॉडल की तुलना करें
- विश्वसनीय ब्रांड चुनें
निष्कर्ष
ईरान-इजरायल युद्ध और गैस संकट का असर अब आम आदमी की रसोई तक पहुंच गया है। एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण लोग इंडक्शन कुकटॉप की ओर मजबूरी में रुख कर रहे हैं, जिससे इसकी बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि और कीमतों में उछाल हुआ है।
मांग में वृद्धि और सप्लाई में कमी के कारण बाजार में शॉर्टेज और वेटिंग आम बात बन गई है। आने वाले समय में इंडक्शन और अन्य इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की मांग और बढ़ सकती है।
इसलिए उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे जरूरत के अनुसार ही खरीदारी करें और विश्वसनीय विक्रेताओं से ही सामान लें। इससे न केवल उन्हें बेहतर विकल्प मिलेगा, बल्कि अनावश्यक महंगाई से भी बचा जा सकेगा।
