गंधवानी विधानसभा क्षेत्र में गणेश प्रतिमाओं का वितरण, उमंग सिंघार ने ग्रामीणों से किया संवाद
संस्था ‘एक पहल’ के तत्वावधान में 17 वर्षों से जारी है परंपरा, गांवों में गूंजे ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे
मनावर/धार। गणेशोत्सव के अवसर पर धार जिले के गंधवानी विधानसभा क्षेत्र में धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और जनसंपर्क का अनूठा संगम देखने को मिला। ग्राम बलेड़ी, बावड़ीखोदरा और जीराबाद सहित क्षेत्र के विभिन्न गांवों में मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं गंधवानी विधायक उमंग सिंघार द्वारा श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं वितरित की गईं।
गणेश प्रतिमा वितरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए। भगवान गणेश की प्रतिमाएं प्राप्त करने के दौरान ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। गांवों में ‘गणपति बप्पा मोरया’ और ‘मंगल मूर्ति मोरया’ के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया।
17 वर्षों से जारी है गणेश प्रतिमा वितरण की परंपरा
आयोजकों के अनुसार संस्था ‘एक पहल’ के तत्वावधान में पिछले 17 वर्षों से गंधवानी विधानसभा क्षेत्र में गणेश प्रतिमाओं का वितरण किया जा रहा है। इस वर्ष भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न गांवों में श्रद्धालुओं को प्रतिमाएं प्रदान की गईं।
बताया गया कि इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र के परिवारों को गणेशोत्सव से जोड़ने के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करना है। आयोजन के माध्यम से ग्रामीणों को सामूहिक रूप से पर्व मनाने और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने के लिए भी प्रेरित किया गया।
प्रतिमाएं प्राप्त करने वाले श्रद्धालुओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से गांवों में गणेशोत्सव को लेकर उत्साह बढ़ता है। बच्चों और युवाओं ने भी कार्यक्रमों में सहभागिता की तथा धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का संकल्प लिया।
उमंग सिंघार ने दीं गणेशोत्सव की शुभकामनाएं
गणेश प्रतिमा वितरण के दौरान विधायक उमंग सिंघार ने ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की। उन्होंने क्षेत्रवासियों को गणेशोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्री गणेश से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।
उन्होंने कहा कि भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि और समृद्धि का देवता माना जाता है। गणेशोत्सव समाज को धार्मिक आस्था के साथ एकता, सद्भाव और सहयोग का संदेश देता है। गांवों में सामूहिक रूप से आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम आपसी मेलजोल बढ़ाने और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विधायक ने ग्रामीणों से गणेशोत्सव को श्रद्धा, उत्साह और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने की अपील की। उन्होंने पर्यावरण और स्वच्छता का ध्यान रखने तथा आयोजन के दौरान सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संदेश भी दिया।
ग्रामीणों से संवाद कर जानीं स्थानीय समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान उमंग सिंघार ने ग्रामीणों से संवाद कर गांवों की वर्तमान स्थिति और स्थानीय आवश्यकताओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक परिवहन सहित विभिन्न समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।
ग्रामीणों ने बताया कि कई क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और सुधार की आवश्यकता है। कुछ स्थानों पर सड़क और जल निकासी की समस्या है, जबकि कई परिवारों ने बिजली तथा पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग रखी।
विधायक ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ संबंधित विभागों के सामने रखा जाएगा। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से चर्चा की जाएगी।
जनता से सीधे संवाद को बताया महत्वपूर्ण
उमंग सिंघार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं को समझने के लिए जनता के बीच पहुंचकर संवाद करना आवश्यक है। गांवों के लोगों से मिलने पर उनकी आवश्यकताओं और अपेक्षाओं की सही जानकारी मिलती है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याएं सुनकर उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करना भी है। क्षेत्र के विकास से संबंधित मांगों को विधानसभा और संबंधित विभागों के समक्ष उठाया जाएगा।
ग्रामीणों ने भी विधायक से खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं। उन्होंने योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने, ग्रामीण सड़कों की स्थिति सुधारने और स्वास्थ्य तथा शिक्षा सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की।
धार्मिक आयोजनों से बढ़ती है सामाजिक एकता
आयोजकों ने कहा कि गणेशोत्सव केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सामूहिकता और आपसी भाईचारे का प्रतीक भी है। गांवों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के बाद श्रद्धालु सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना, आरती और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेते हैं।
ऐसे आयोजनों से विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को एक मंच पर आने का अवसर मिलता है। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ती है। सामूहिक आयोजन गांवों में सहयोग, सद्भाव और सेवा की भावना भी मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने उमंग सिंघार का स्वागत किया तथा गणेश प्रतिमाओं के वितरण के लिए प्रसन्नता व्यक्त की। पूरे आयोजन में धार्मिक उत्साह के साथ अनुशासन और सामाजिक सहभागिता दिखाई दी।
भक्ति के साथ जनसंपर्क का बना माध्यम
गणेश प्रतिमा वितरण कार्यक्रम के माध्यम से जहां श्रद्धालुओं को गणेशोत्सव की तैयारियों में सहयोग मिला, वहीं विधायक और ग्रामीणों के बीच सीधे संवाद का अवसर भी बना। आयोजन के दौरान सामने आई समस्याओं और सुझावों को संकलित कर संबंधित विभागों तक पहुंचाने की बात कही गई।
गंधवानी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आयोजित इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों की भागीदारी उल्लेखनीय रही। भगवान श्री गणेश के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने प्रतिमाएं प्राप्त कीं और गणेशोत्सव को श्रद्धा, सामाजिक सद्भाव तथा उल्लास के साथ मनाने का संकल्प लिया।
