कालूखेड़ा में निःशुल्क नेत्र शिविर, आधुनिक मशीन से ग्रामीणों की हुई जांच
संवाददाता – अर्जुन कुमावत बछोड़िया
सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्रामीणों को मिली निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं, जरूरतमंदों को वितरित की गई दवाइयां
कालूखेड़ा। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के ‘सेवा संकल्प अभियान–सेवा मेरा योगदान’ के अंतर्गत ग्राम कालूखेड़ा में निःशुल्क नेत्र शिविर आयोजित किया गया। नवांकुर संस्था टॉप शिक्षण संस्थान एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति शेरपुर, ग्राम शेरपुर के माध्यम से आयोजित शिविर में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति कालूखेड़ा ने भी सहयोग किया।
शिविर में डॉ. दिनेश शर्मा ने आधुनिक मशीन के माध्यम से ग्रामीणों की आंखों की निःशुल्क जांच की। इस दौरान ग्रामीणों की नेत्र संबंधी समस्याओं की जांच के साथ अन्य स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण भी किए गए। जरूरत के अनुसार मरीजों को दवाइयां भी वितरित की गईं।
ग्रामीणों को नेत्र देखभाल के प्रति किया जागरूक
स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को आंखों की नियमित देखभाल के संबंध में आवश्यक जानकारी दी। लोगों को नेत्र संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं करने और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी गई।
स्वास्थ्यकर्मियों ने नियमित रूप से आंखों की जांच कराने के महत्व के बारे में भी ग्रामीणों को जागरूक किया। शिविर में ग्रामीणों ने निःशुल्क जांच सुविधा का लाभ उठाया।
संस्था और स्वास्थ्य विभाग की टीम रही मौजूद
कार्यक्रम में नवांकुर संस्था के प्रतिनिधि कन्हैयालाल पाटीदार, राकेश कुमार, परामर्शदाता अनिल पाटीदार, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष राहुल कंडारे तथा ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति मामटखेड़ा की सचिव पूनमचन्द मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आदित्य सैनी (MO), श्यामा पटेल (ANM), मोनिका कैलाश (ANM), मुकेश (MTS), संतोष राठौड़ (आशा कार्यकर्ता) और ललिता बरोड़ (आशा कार्यकर्ता) सहित संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों ने शिविर में सहयोग किया।
सेवा और जनकल्याण का संदेश
सभी के सहयोग और सहभागिता से निःशुल्क नेत्र शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को निःशुल्क नेत्र जांच और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम ने ‘सेवा ही समाज के प्रति हमारा योगदान है’ के संदेश को सार्थक करते हुए समाजसेवा और जनकल्याण की भावना को मजबूत किया।
