Indore Drug Case: 15.5 लाख की कोकीन के साथ विदेशी महिला गिरफ्तार, स्टूडेंट वीज़ा पर आती थी भारत – नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई तेज
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर एक बार फिर बड़े ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ होने के कारण सुर्खियों में है। नारकोटिक्स विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक विदेशी महिला को 31.85 ग्राम कोकीन के साथ गिरफ्तार किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 15.50 लाख रुपये बताई जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी महिला स्टूडेंट वीज़ा पर भारत आई थी और मुंबई से बस के जरिए इंदौर ड्रग्स डिलीवर करने पहुंची थी।
यह गिरफ्तारी न सिर्फ इंदौर के बढ़ते ड्रग नेटवर्क की ओर इशारा करती है, बल्कि उस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर भी सवाल उठाती है जो भारत में स्टूडेंट वीज़ा की आड़ में नशे का कारोबार फैलाने में सक्रिय है। अधिकारियों का कहना है कि महिला जांच में सहयोग नहीं कर रही, जिसके कारण उसके नेटवर्क का पता लगाना चुनौतीपूर्ण बन गया है।
गुप्त सूचना पर बड़ी कार्रवाई – Residency क्षेत्र में पकड़ी गई विदेशी महिला
नारकोटिक्स विभाग के डीआईजी महेशचंद्र जैन ने बताया कि मंगलवार को निरीक्षक हरीश सोलंकी को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेसिडेंसी क्षेत्र में एक विदेशी महिला कोकीन की सप्लाई देने आएगी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए निरीक्षक राधा जामोद के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई और क्षेत्र में घेराबंदी कर दी गई।
कुछ समय की निगरानी के बाद टीम की नजर एक संदिग्ध विदेशी महिला पर पड़ी। तलाशी लेने पर उसके बैग और सामान से 31.85 ग्राम कोकीन बरामद की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका मूल्य करीब 15.5 लाख रुपये आंका गया है।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी महिला का नाम लिंडा है और वह वेस्ट अफ्रीका की रहने वाली है।
स्टूडेंट वीज़ा की आड़ में ड्रग तस्करी – पहले भी आ चुकी है भारत
महिला के पास वैध स्टूडेंट वीज़ा मिला है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि वह पढ़ाई के बहाने भारत में रह रही थी। नारकोटिक्स टीम ने बताया कि वह मुंबई के नालासोपारा इलाके में रहती थी और वहां से कई बार आने-जाने के प्रमाण मिले हैं।
अधिकारियों को शक है कि यह महिला सिर्फ एक कैरियर (carrier) के रूप में काम करती थी और उसके पीछे एक पूरा गैंग सक्रिय है, जो मुंबई से मध्य प्रदेश तक कोकीन की सप्लाई फैलाता है।
बस से मुंबई से इंदौर आना, उसके व्यवहार, और गिरफ्तारी के समय घबराहट से यह माना जा रहा है कि यह कोई पहली डिलीवरी नहीं थी।
मोबाइल फोन से बड़े नेटवर्क का खुलासा संभव – फॉरेंसिक जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद महिला का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। उसके फोन में मिले चैट्स, व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्ड, पेमेंट स्क्रीनशॉट और लोकेशन हिस्ट्री से इंदौर के खरीदारों का पता लगाया जा रहा है।
फोन को फॉरेंसिक टीम के पास भेजा गया है ताकि डिलीवरी नेटवर्क, रोल प्ले करने वाले लोगों, और उसके भारत में रहने के उद्देश्यों की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
अधिकारियों का कहना है कि महिला जानबूझकर सहयोग नहीं कर रही, जो एक बड़े अपराधी सिंडिकेट की ओर संकेत करता है।
इंदौर में नशे का बढ़ता नेटवर्क – एक और कार्रवाई, 5.125 किलो गांजा बरामद
इसी बीच शहर की हीरानगर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है जिनके पास से 5 किलो 125 ग्राम गांजा बरामद हुआ है। दोनों आरोपी ऑटो से आईएसबीटी बस स्टैंड पहुंचे थे, जहां पुलिस टीम को देखकर भागने लगे, लेकिन कुछ ही दूरी पर उन्हें दबोच लिया गया।
टीआई सुशील पटेल के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक जाधव (खरगोन निवासी) और उसके साथी आयुष के रूप में की गई है। प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि वे गांजे की डिलीवरी किसी ग्राहक को देने आए थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह सप्लाई किसके लिए थी, शहर में इनका नेटवर्क कितना बड़ा है और इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड कौन है।
इंदौर क्यों बन रहा है ड्रग तस्करों का नया ठिकाना?
नारकोटिक्स विभाग की रिपोर्टों के अनुसार, इंदौर में ड्रग कंजम्प्शन तेज़ी से बढ़ा है। इसके पीछे कई कारण गिनाए जा रहे हैं—
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शहर में तेजी से बढ़ती छात्र संख्या
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बड़े IT/कॉर्पोरेट ऑफिसेस
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हाई एंड नाइटलाइफ़
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मुंबई से आसान कनेक्टिविटी
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ऑनलाइन पेमेंट और डार्क-नेट का बढ़ता उपयोग
इन कारणों से बड़े ड्रग सिंडिकेट इंदौर को एक महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन के रूप में इस्तेमाल करने लगे हैं।
नारकोटिक्स विभाग की चेतावनी – कड़े कदम उठाए जाएंगे
अधिकारियों का कहना है कि विदेशी महिला का गिरफ्तार होना यह दर्शाता है कि सिंडिकेट भारत में विदेशी नागरिकों को “लो-रिस्क कैरियर” के रूप में उपयोग कर रहे हैं।
इस मामले को हाई-प्रोफाइल केस मानते हुए, इसकी जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ साझा की जा रही है।
डीआईजी जैन ने कहा:
“इंदौर में नशे के कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बड़ी मछलियों तक पहुंचने के लिए साफ्टवेयर, डिजिटल ट्रैकिंग और फॉरेंसिक तकनीकें इस्तेमाल की जा रही हैं। किसी भी कीमत पर ऐसे नेटवर्क को बढ़ने नहीं दिया जाएगा।”
निष्कर्ष
इंदौर में 15.5 लाख की कोकीन के साथ पकड़ी गई विदेशी महिला का मामला शहर में फैले ड्रग नेटवर्क की गंभीरता को सामने लाता है। स्टूडेंट वीज़ा का दुरुपयोग कर ड्रग तस्करी करना भारत में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खतरों को दर्शाता है।
लगातार हो रही ऐसी गिरफ्तारियों से साफ है कि पुलिस और नारकोटिक्स विभाग सक्रिय हैं, लेकिन नशे के खिलाफ इस जंग को और सख्त और व्यापक बनाने की जरूरत है।

