भारत के सबसे अमीरों की संपत्ति पर असर: मुकेश अंबानी समेत शीर्ष अरबपतियों की नेटवर्थ में भारी गिरावट, 12% तक की कमी
नई दिल्ली, अक्टूबर 2025।
भारत के अरबपतियों की संपत्ति पर इस वर्ष आर्थिक दबाव साफ दिखाई दे रहा है। फोर्ब्स की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, देश के 100 सबसे अमीर व्यक्तियों की कुल संपत्ति में लगभग 9% की गिरावट दर्ज की गई है। यह कमी किसी भी वर्ष में देखी गई सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है। पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 100 अरब डॉलर (करीब 8.8 लाख करोड़ रुपये) का नुकसान दर्ज किया गया है।
📉 रुपये और सेंसेक्स की गिरावट से घटा अमीरों का धन
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि कमज़ोर पड़ता रुपया और सेंसेक्स में 3% की गिरावट इस भारी नुकसान के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, सीमित पूंजी निवेश और निवेशकों की सुस्त धारणा ने भी भारतीय अरबपतियों की संपत्ति पर गहरा असर डाला है।
इस प्रभाव से ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्रों में संपत्ति का मूल्य घटा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सूची में शामिल लगभग दो-तिहाई अरबपतियों की नेटवर्थ पिछले साल के मुकाबले कम हुई है, जो बताता है कि मौजूदा आर्थिक चुनौतियों ने बड़े से बड़े व्यावसायिक घरानों को भी प्रभावित किया है।
💰 शीर्ष पर अब भी मुकेश अंबानी, लेकिन संपत्ति में 12% की गिरावट
इन उतार-चढ़ावों के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अब भी देश के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। हालांकि, उनकी नेटवर्थ में 12% की गिरावट दर्ज की गई है और अब यह 105 अरब डॉलर पर आ गई है।
दूसरे स्थान पर हैं गौतम अदाणी, जिनकी पारिवारिक संपत्ति 92 अरब डॉलर है। सितंबर 2025 में सेबी (SEBI) द्वारा हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों को खारिज किए जाने के बाद उनकी संपत्ति में स्थिरता बनी हुई है।
तीसरे स्थान पर हैं सावित्री जिंदल, जिनकी संपत्ति 3.5 अरब डॉलर घटकर 40.2 अरब डॉलर रह गई है। वहीं, भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल की संपत्ति में 3.5 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। वह इस साल 34.2 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं — दिलचस्प बात यह है कि वे 2008 में भी इसी रैंक पर थे।
एचसीएल के संस्थापक शिव नाडर की संपत्ति में भी गिरावट आई है। तकनीकी क्षेत्र में मंदी और निवेश में कमी के चलते उनकी नेटवर्थ घटकर 33.2 अरब डॉलर पर आ गई है।
🏦 भारत के शीर्ष 10 सबसे अमीर उद्योगपति (2025)
- मुकेश अंबानी — 105 अरब डॉलर
- गौतम अदाणी — 92 अरब डॉलर
- सावित्री जिंदल — 40.2 अरब डॉलर
- सुनील मित्तल — 34.2 अरब डॉलर
- शिव नाडर — 33.2 अरब डॉलर
- आर.के. दमानी — 28.2 अरब डॉलर
- दिलीप संघवी — 26.2 अरब डॉलर
- बजाज परिवार — 21.8 अरब डॉलर
- साइरस पूनावाला — 21.4 अरब डॉलर
- कुमार मंगलम बिड़ला (केएम बिड़ला) — 20.7 अरब डॉलर
🔍 निवेशकों के लिए संकेत
इस वर्ष की गिरावट यह दर्शाती है कि भारत की आर्थिक विकास दर मजबूत होने के बावजूद वैश्विक बाजार की अस्थिरता और मुद्रा उतार-चढ़ाव अरबपतियों की संपत्ति को प्रभावित कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आगामी महीनों में रुपये की स्थिति स्थिर होती है और सेंसेक्स में सुधार आता है, तो यह संपत्ति के मूल्य में आंशिक सुधार ला सकता है।
🧭 निष्कर्ष
फोर्ब्स की यह रिपोर्ट इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि भारत के सबसे अमीर घराने भी वैश्विक आर्थिक झटकों से अछूते नहीं हैं। फिर भी, मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी जैसे उद्योगपति भारत की आर्थिक शक्ति और दीर्घकालिक विकास के प्रतीक बने हुए हैं।
