अनूपपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, 12 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण; मिठाइयों समेत 29 नमूने जांच के लिए भेजे
कोतमा, बिजुरी, जैतहरी, अनूपपुर और अमरकंटक में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, दूध-मावा, घी, रसगुल्ले और बेसन के लड्डू सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के लिए गए नमूने
अनूपपुर, 21 अगस्त 2026। जिले में लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चलाया। कलेक्टर रत्नाकर झा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी बृजेश कुमार विश्वकर्मा ने जिले के कोतमा, बिजुरी, जैतहरी, अनूपपुर और अमरकंटक में कुल 12 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान अलग-अलग खाद्य पदार्थों और मिठाइयों के करीब 29 नमूने एकत्र कर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
निरीक्षण के दौरान मिठाई दुकानों, खोवा विक्रेताओं और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में उपलब्ध सामग्री की जांच की गई। विभाग ने दुकानदारों को साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य पदार्थों को ढंककर रखने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
12 प्रतिष्ठानों पर पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम
खाद्य सुरक्षा अधिकारी बृजेश कुमार विश्वकर्मा ने जिले के अलग-अलग नगरीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में पहुंचकर 12 प्रतिष्ठानों की जांच की। अभियान में कोतमा, बिजुरी, जैतहरी, जिला मुख्यालय अनूपपुर और धार्मिक एवं पर्यटन नगरी अमरकंटक के प्रतिष्ठानों को शामिल किया गया।
निरीक्षण के दौरान दुकानों में रखी मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ उनके भंडारण और बिक्री की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया। दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित निर्धारित मानकों का पालन करने के लिए कहा गया।
दूध, मावा और घी सहित 29 नमूने लिए

अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने दूध, मावा, घी और अलग-अलग प्रकार की मिठाइयों के नमूने एकत्र किए। दूध और खोवे से बनी मिठाइयों के अलावा छैना के रसगुल्ले, बेसन के लड्डू तथा अन्य खाद्य पदार्थों को भी नमूना जांच में शामिल किया गया।
कुल मिलाकर करीब 29 नमूने एकत्र किए गए हैं। इन नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।
प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नमूने खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। यदि किसी नमूने की रिपोर्ट मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
खाद्य सामग्री ढंककर रखने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान खाद्य विक्रेताओं को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की हिदायत दी गई। खुले में रखी खाद्य सामग्री धूल, मक्खियों और अन्य बाहरी तत्वों के संपर्क में आ सकती है, इसलिए सभी खाद्य पदार्थों को उचित तरीके से ढंककर रखने के निर्देश दिए गए।
विक्रेताओं से कहा गया कि दुकान और खाद्य सामग्री तैयार करने वाले स्थान पर स्वच्छता बनाए रखें। मिठाइयों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले दूध, मावा, घी और अन्य कच्चे माल की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
गुणवत्तापूर्ण मिठाइयों की बिक्री पर जोर
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को केवल स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण मिठाइयों की बिक्री की जाए। दूध और मावा से बनने वाली मिठाइयों के भंडारण में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया।
अधिकारियों ने विक्रेताओं को खाद्य सामग्री के निर्माण, भंडारण और बिक्री से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने की हिदायत भी दी गई।
नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को चेतावनी दी गई कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रयोगशाला में भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट के आधार पर भी आगे की कार्रवाई तय होगी।
विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है। ऐसे में खाद्य व्यवसाय से जुड़े सभी दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे स्वच्छता और गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का पालन करें।
जिले के पांच प्रमुख क्षेत्रों में चला अभियान

एक साथ कोतमा, बिजुरी, जैतहरी, अनूपपुर और अमरकंटक में निरीक्षण किए जाने से जिले के अलग-अलग हिस्सों के खाद्य प्रतिष्ठान जांच के दायरे में आए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना और दुकानदारों को नियमों के प्रति जागरूक करना बताया गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा लिए गए करीब 29 नमूनों की राज्य खाद्य प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में किसी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलती है तो संबंधित विक्रेता अथवा प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने खाद्य विक्रेताओं को स्वच्छता बनाए रखने और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।
