Indore में बच्चों की सेहत से खिलवाड़: गुरु हरिकिशन पब्लिक स्कूल का किचन सील, टैंकर के पानी से बन रहा था खाना
शिशुकुंज स्कूल घटना के बाद प्रशासन सख्त
Indore में हाल ही में शिशुकुंज स्कूल में दोपहर के भोजन के बाद 150 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटना के बाद प्रशासन ने स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। घटना के बाद खाद्य विभाग की टीम ने शहर के कई स्कूलों और संस्थानों के मेस और किचन की जांच शुरू कर दी है।
छह संस्थानों में जांच, 31 खाद्य नमूने लिए गए
बुधवार को खाद्य विभाग की टीम ने शहर के छह प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुल 31 खाद्य नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार कई जगहों पर साफ-सफाई की गंभीर कमियां, एक्सपायरी खाद्य सामग्री और भंडारण में अनियमितताएं पाई गईं।
गुरु हरिकिशन पब्लिक स्कूल का किचन सील
निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर मामला खंडवा रोड स्थित गुरु हरिकिशन पब्लिक स्कूल में सामने आया। जांच में पाया गया कि यहां बच्चों के लिए भोजन टैंकर के पानी से तैयार किया जा रहा था। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा लाइसेंस भी मौके पर उपलब्ध नहीं था।
अधिकारियों ने बताया कि किचन में एक्सपायरी खाद्य सामग्री भी मिली, जिसे तुरंत नष्ट कर दिया गया। गंभीर अनियमितताओं के चलते प्रशासन ने स्कूल का किचन सील कर दिया है।
एक्रोपोलिस संस्थान में गंदगी और अव्यवस्था
जांच के दौरान एक्रोपोलिस संस्थान के मेस और किचन में भी कई खामियां सामने आईं। यहां भोजन बनाने वाले क्षेत्र में गंदगी पाई गई और स्वच्छता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।
टीम ने मौके से धनिया पाउडर, मिर्च पाउडर, हल्दी, दही, पनीर और बेसन सहित छह खाद्य नमूने लिए और किचन को सील कर दिया।
न्यू दिगंबर पब्लिक स्कूल में एक्सपायरी सामग्री मिली
न्यू दिगंबर पब्लिक स्कूल (एनडीपीएस) में निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी खाद्य सामग्री का भंडारण पाया गया। यहां पुरानी और नई सामग्री को एक साथ रखा गया था, जो खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।
अधिकारियों ने स्कूल प्रशासन को खाद्य सामग्री के अलग-अलग और व्यवस्थित भंडारण के निर्देश दिए। यहां से तैयार भोजन और अन्य खाद्य पदार्थों के चार नमूने जांच के लिए लिए गए।
अन्य स्कूलों में भी मिलीं अनियमितताएं
अग्रसेन विद्यालय
यहां मेस और भंडारण क्षेत्र की जांच की गई। चावल, राजमा, आटा और बेसन सहित चार नमूने लिए गए।
दिल्ली पब्लिक स्कूल, राऊ
यहां पनीर, चावल, गुड़, बेसन और चना सहित छह खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए।
एडवांस एकेडमी
एडवांस एकेडमी में निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पाई गई। पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड और कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस से जुड़ी अनिवार्य व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने साफ-सफाई को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। यहां से मावा, दाल, सब्जियां, खिचड़ी, कढ़ी और अन्य खाद्य पदार्थों के कुल 11 नमूने जांच के लिए लिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सेहत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों का पालन अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी स्कूलों, हॉस्टलों और संस्थानों में मेस और कैंटीन की नियमित जांच जारी रहेगी।
कलेक्टर ने नागरिकों और अभिभावकों से अपील की है कि यदि कहीं भी खाद्य सुरक्षा में अनियमितता दिखाई दे तो तुरंत हेल्पलाइन 0731-181 पर सूचना दें।
निष्कर्ष
Indore में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। टैंकर के पानी से खाना बनना, एक्सपायरी सामग्री का उपयोग और गंदगी जैसी स्थितियां शिक्षा संस्थानों की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि स्कूलों में खाद्य सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
