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सेवा एवं करुणा का संदेश किया साकार, सूरी ऋषभ गुरुदेव की पुण्यतिथि पर जरूरतमंदों को कराया भोजन

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Published On: 11 June 2026
ऋषभ

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आचार्य श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी की पुण्य स्मृति में आयोजित हुआ सेवा अभियान

इन्दौर। परोपकार, करुणा और मानव सेवा के प्रेरणास्रोत, मोहनखेड़ा महातीर्थ के विकास प्रेरक तथा जैन समाज के पूज्य आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी महाराज साहब की 5वीं वार्षिक पुण्यतिथि के अवसर पर श्री राजेन्द्र ऋषभ फाउंडेशन ट्रस्ट, इन्दौर द्वारा एक विशेष सेवा अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर इन्दौर के एम.वाय.एच. शासकीय चिकित्सालय परिसर में मरीजों के परिजनों एवं जरूरतमंद लोगों को भोजन वितरण कर गुरुदेव के सेवा और परोपकार के संदेश को साकार रूप दिया गया।

ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अस्पताल परिसर में मौजूद जरूरतमंद लोगों तक प्रेम, संवेदना और सहयोग का संदेश पहुंचाया। भोजन वितरण के दौरान लोगों के चेहरे पर संतोष और प्रसन्नता दिखाई दी, जिसने कार्यक्रम को और अधिक सार्थक बना दिया।

गुरुदेव के आदर्शों से प्रेरित है सेवा का यह अभियान

श्री राजेन्द्र ऋषभ फाउंडेशन ट्रस्ट लंबे समय से समाजसेवा और मानव कल्याण के विभिन्न कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि पूज्य आचार्य श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी महाराज साहब ने अपने संपूर्ण जीवन में सेवा, करुणा और परोपकार को धर्म का वास्तविक स्वरूप बताया। उन्होंने सदैव जरूरतमंदों की सहायता, जीवदया और समाज कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

इन्हीं आदर्शों को आत्मसात करते हुए ट्रस्ट लगातार ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता है, जिनसे समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। गुरुदेव की पुण्यतिथि पर आयोजित भोजन वितरण कार्यक्रम भी इसी सेवा भावना का एक महत्वपूर्ण उदाहरण रहा।

संतों के मार्गदर्शन में चल रहे हैं विविध सेवा प्रकल्प

गुरुदेवश्री के सुशिष्य अष्टम वर्षीतप तपस्वी पूज्य मुनिराज श्री पीयूषचंद विजयजी महाराज साहब एवं प्रवचनदक्ष पूज्य मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी महाराज साहब की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में ट्रस्ट द्वारा विभिन्न सेवा गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

इन गतिविधियों में जीवदया, गौसेवा, चिकित्सा सहायता, भोजन वितरण, शैक्षणिक सहयोग तथा सामाजिक उत्थान से जुड़े अनेक प्रकल्प शामिल हैं। ट्रस्ट का उद्देश्य केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित न रहकर समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा और सहयोग पहुंचाना है।

ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि संतों की प्रेरणा से सेवा कार्यों को निरंतर विस्तार दिया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

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एमवायएच परिसर में जरूरतमंदों को वितरित किया भोजन

इन्दौर के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल एमवायएच में प्रतिदिन हजारों मरीज और उनके परिजन विभिन्न जिलों से उपचार के लिए पहुंचते हैं। कई परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं और अस्पताल में लंबे समय तक रुकने के दौरान भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर कठिनाइयों का सामना करते हैं।

इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट द्वारा अस्पताल परिसर में भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने सुव्यवस्थित तरीके से भोजन पैकेट तैयार कर मरीजों के परिजनों, जरूरतमंद व्यक्तियों और अन्य लाभार्थियों तक पहुंचाए।

कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों ने ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसे सेवा कार्य जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं।

मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक पहचान उसकी सेवा भावना से होती है। जरूरतमंदों की सहायता करना, भूखे को भोजन देना और पीड़ितों के दुख को कम करने का प्रयास करना सबसे बड़ा धर्म है।

पूज्य आचार्य श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी महाराज साहब ने अपने जीवनकाल में इसी विचारधारा को समाज के सामने प्रस्तुत किया था। उन्होंने धर्म को केवल पूजा-अर्चना तक सीमित न रखते हुए उसे मानव सेवा और करुणा से जोड़ा।

आज उनके अनुयायी और संस्थाएं उसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।

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लाभार्थी परिवार ने निभाई पुण्य कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका

इस सेवा कार्य के लाभार्थी शिवगंज (राजस्थान) निवासी स्वर्गीय हिम्मतमलजी बभुतमलजी परमार की पुण्य स्मृति में श्री किशोरजी परमार (पुणे-दौंड) रहे। उनकी प्रेरणा और सहयोग से यह सेवा कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सका।

ट्रस्ट परिवार ने लाभार्थी परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे दानदाताओं और समाजसेवियों के सहयोग से ही बड़े स्तर पर जनकल्याणकारी गतिविधियों का संचालन संभव हो पाता है।

साथ ही लाभार्थी परिवार के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए मंगलकामनाएं भी व्यक्त की गईं।

समाज में सेवा और करुणा का विस्तार आवश्यक

कार्यक्रम के समापन अवसर पर ट्रस्ट पदाधिकारियों ने समाज के सभी वर्गों से सेवा, करुणा और परोपकार की भावना को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक सहयोग और संवेदनशीलता की आवश्यकता पहले से अधिक है।

यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता करने का संकल्प ले, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। सेवा के छोटे-छोटे प्रयास भी किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

उन्होंने कहा कि गुरुदेव के आदर्श हमें यही संदेश देते हैं कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और इसी मार्ग पर चलकर समाज को अधिक समृद्ध, संवेदनशील और सुखी बनाया जा सकता है।

निरंतर जारी रहेंगे जनकल्याण के प्रयास

श्री राजेन्द्र ऋषभ फाउंडेशन ट्रस्ट ने बताया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के सेवा और जनकल्याणकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे। ट्रस्ट का उद्देश्य समाज के अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना और सेवा के माध्यम से मानवीय मूल्यों को मजबूत करना है।

गुरुदेव की पुण्यतिथि पर आयोजित यह सेवा अभियान न केवल एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम रहा, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का संदेश भी बन गया। भोजन वितरण के माध्यम से जरूरतमंदों के चेहरे पर आई मुस्कान ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्ची श्रद्धांजलि वही है, जो मानवता की सेवा के रूप में समाज तक पहुंचे।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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