उड़ते एयर इंडिया ड्रीमलाइनर में अचानक एक्टिव हुआ इमरजेंसी पावर सिस्टम, DGCA ने बोइंग से मांगी रिपोर्ट
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2025 – एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर में अमृतसर से बर्मिंघम उड़ान के दौरान एक गंभीर तकनीकी घटना हुई। विमान का इमरजेंसी पावर सिस्टम (RAT – Ram Air Turbine) अचानक सक्रिय हो गया। यह सिस्टम केवल तब काम करता है जब विमान में बिजली या हाइड्रॉलिक पावर पूरी तरह फेल हो जाए। लेकिन इस बार कोई कारण नहीं था, फिर भी सिस्टम ने खुद ही सक्रिय हो जाना शुरू कर दिया।
घटना की मुख्य जानकारी
- यह घटना विमान की लैंडिंग से कुछ ही देर पहले, लगभग 500 फीट की ऊंचाई पर हुई।
- क्रू मेंबर्स ने महसूस किया कि RAT अचानक एक्टिव हो गई है और विमान के नीचे से खुलकर घूमने लगी।
- एयर इंडिया ने पुष्टि की कि विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया और सभी सिस्टम बाद में नॉर्मल पाए गए।
- घटना के बाद विमान को अस्थायी तौर पर ग्राउंड किया गया और जांच के बाद ही सेवा में शामिल किया गया।
DGCA की सख्ती
- DGCA ने बोइंग को इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
- जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या यह तकनीकी खराबी, डिजाइन में खामी या सॉफ्टवेयर की गलती थी।
- एयर इंडिया को आदेश दिया गया है कि अपने सभी ड्रीमलाइनर विमानों के इमरजेंसी पावर और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की सुरक्षा जांच करें।
पायलट यूनियन ने जताई चिंता
- फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर सभी बोइंग 787 विमानों की तकनीकी जांच की मांग की।
- यूनियन ने चेताया कि अगर यह अनचाही एक्टिवेशन बार-बार होती रही, तो यह गंभीर सुरक्षा खतरा बन सकती है।
पिछली दुर्घटनाओं की याद
- यह घटना लोगों के मन में जून महीने की अहमदाबाद एयर इंडिया क्रैश की यादें ताजा कर गई।
- उस हादसे में 260 लोगों की मौत हो चुकी थी। शुरुआती रिपोर्ट में पता चला था कि टेकऑफ के तुरंत बाद फ्यूल इंजन स्विचेज़ ने अचानक ‘रन’ से ‘कटऑफ’ मोड में बदल दिया था।
विशेषज्ञों की राय
- एविएशन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह घटना संभावित सिस्टम सेंसिंग एरर का नतीजा हो सकती है, जिसमें कोई सेंसर या कंप्यूटर प्रोग्राम गलती से इमरजेंसी स्थिति समझ बैठा।
- हालांकि, बोइंग की तकनीकी रिपोर्ट आने तक असली वजह का पता नहीं चल पाएगा।
निष्कर्ष: लगातार हो रही तकनीकी घटनाएं एयर इंडिया के बोइंग 787 विमानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही हैं। DGCA और सरकार के लिए यह यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती भी बनती जा रही है।
