झकनावदा–झोसरपाड़ा मार्ग निर्माण की मांग तेज, किसानों ने मधुकन्या नदी पर पुल और सड़क की उठाई आवाज
वर्षों से लंबित है मांग, ग्रामीणों को अब भी मिल रहा सिर्फ आश्वासन; पीडब्ल्यूडी ने कहा- स्वीकृति मिलते ही शुरू होगा निर्माण
झाबुआ (मनीष कुमट)। पेटलावद तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत झकनावदा से झोसरपाड़ा को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित सड़क मार्ग के निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्र के ग्रामीणों और किसानों ने मधुकन्या नदी पर पुल निर्माण सहित सड़क निर्माण की मांग को लेकर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के विकास और किसानों की सुविधा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्षों से मांग उठाने के बाद भी अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, झकनावदा से झोसरपाड़ा जाने वाला मार्ग दोनों गांवों के बीच सबसे कम दूरी वाला और सुविधाजनक रास्ता है। वर्तमान में मार्ग की स्थिति खराब होने और मधुकन्या नदी पर पुल नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार नदी में पानी का बहाव बढ़ने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।
किसानों के लिए जीवनरेखा साबित होगा मार्ग
किसान नवीन माली, निवासी झकनावदा ने बताया कि इस मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में करीब 50 से अधिक किसानों की कृषि भूमि इस मार्ग से जुड़ी हुई है। किसानों को अपनी फसल, बीज, खाद, कृषि उपकरण और ट्रैक्टर-ट्रॉली ले जाने में काफी कठिनाई होती है।
उन्होंने बताया कि सड़क खराब होने और नदी पर पुल नहीं होने के कारण किसानों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। यदि झकनावदा–झोसरपाड़ा मार्ग का निर्माण हो जाता है तो कृषि कार्यों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएंगी।
बारिश में बढ़ जाती है ग्रामीणों की परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी और सामान्य मौसम में तो किसी तरह आवागमन हो जाता है, लेकिन बारिश के दिनों में स्थिति बेहद खराब हो जाती है। मधुकन्या नदी में पानी बढ़ने के बाद ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करना पड़ता है।
कई बार जरूरी कामों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यकताओं के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है। ऐसे में सड़क और पुल निर्माण केवल सुविधा का विषय नहीं बल्कि सुरक्षा और जरूरत का मुद्दा बन गया है।

विद्यार्थियों और आम ग्रामीणों को मिलेगा फायदा
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग का महत्व केवल किसानों तक सीमित नहीं है। इस क्षेत्र से गुजरने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं, मजदूरों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को भी सड़क निर्माण का बड़ा लाभ मिलेगा।
सड़क बनने से विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में आसानी होगी और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर हो सकेगी। इसके अलावा दोनों गांवों के बीच सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।
ग्रामीणों का कहना है कि बेहतर सड़क सुविधा मिलने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों का जीवन आसान होगा।
कई वर्षों से दिए जा रहे आवेदन
ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग निर्माण को लेकर पिछले कई वर्षों से विभिन्न जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को आवेदन दिए जा चुके हैं। ग्रामीणों ने कई बार अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही प्राप्त हुए हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस जनहित के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जाए और जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
जनप्रतिनिधियों से ग्रामीणों को उम्मीद
ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक एवं मध्य प्रदेश शासन में कैबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, जिला पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों से इस मामले में शीघ्र पहल करने की अपील की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग केवल सड़क निर्माण का विषय नहीं है, बल्कि किसानों, विद्यार्थियों और आम ग्रामीणों के बेहतर भविष्य से जुड़ा हुआ है। सड़क और पुल बनने से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।
भाजपा सरकार से किसानों को बड़ी उम्मीद
ग्रामीणों ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार लगातार किसानों के हित में कार्य करने की बात करती रही है। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग को सरकार गंभीरता से लेगी और जल्द ही झकनावदा–झोसरपाड़ा मार्ग निर्माण को मंजूरी प्रदान करेगी।
किसान रमेश पिता मोतीलाल अगास ने कहा कि यदि सड़क और पुल का निर्माण हो जाता है तो झकनावदा और झोसरपाड़ा के बीच संपर्क मजबूत होगा। इससे कृषि गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी और हजारों ग्रामीणों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
पीडब्ल्यूडी विभाग ने दी जानकारी
इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी सुनील चौहान, पेटलावद ने बताया कि उक्त मार्ग का पूर्व में सर्वे कार्य पूरा किया जा चुका है। सड़क निर्माण के लिए स्टीमेट तैयार कर शासन को प्रतिवेदन भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जैसे ही शासन स्तर से मार्ग निर्माण की स्वीकृति प्राप्त होगी, निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
अब स्वीकृति का इंतजार
झकनावदा–झोसरपाड़ा मार्ग और मधुकन्या नदी पर पुल निर्माण को लेकर ग्रामीणों में उम्मीद बनी हुई है। वर्षों पुरानी इस मांग के पूरा होने से क्षेत्र के किसानों, विद्यार्थियों और आम लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
अब ग्रामीणों की नजर शासन स्तर से मिलने वाली स्वीकृति और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि जल्द निर्णय लिया जाता है तो यह मार्ग क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
