खड़ी फसल के बीच सीमांकन करने का आरोप, किसानों ने एसडीएम से लगाई मुआवजे की गुहार
संवादाता : मनोज कुमार पुष्पत की रिपोर्ट
सारंगपुर। ग्राम बालोडी के किसानों ने खड़ी फसल एवं वर्षाकाल के दौरान भूमि सीमांकन किए जाने का आरोप लगाते हुए अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) सारंगपुर को आवेदन सौंपकर फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। आवेदन में अमरसिंह, हिम्मतसिंह, बनेसिंह, लक्ष्मणसिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि उन्हें 7 जुलाई 2026 को सर्वे क्रमांक 251, 685, 659 एवं 660 कुल रकबा 9.910 हेक्टेयर के सीमांकन की सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद 8 जुलाई को राजस्व अमले द्वारा सीमांकन की कार्रवाई की गई। किसानों का आरोप है कि सीमांकन के समय खेतों में खड़ी फसल थी तथा वर्षाकाल भी शुरू हो चुका है। उन्होंने पहले ही अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी, इसके बावजूद राजस्व अमले ने पुलिस बल एवं बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में सीमांकन कर दिया, जिससे उनकी फसल को नुकसान पहुंचा है। आवेदन में किसानों ने मध्यप्रदेश शासन के राजस्व विभाग के उस प्रावधान का भी उल्लेख किया है, जिसमें खड़ी फसल एवं वर्षाकाल के दौरान सीमांकन नहीं किए जाने का उल्लेख होने का दावा किया गया है। किसानों का कहना है कि नियमों की अनदेखी कर कार्रवाई की गई, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ी।
किसानों ने एसडीएम से मांग की है कि फसल नुकसान का सर्वे कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाए तथा भविष्य में खड़ी फसल और वर्षाकाल के दौरान सीमांकन जैसी कार्रवाई से बचा जाए। अब देखना होगा प्रशासन आगे क्या कार्यवाही करती है।ज्ञापन देने वालों में वीरेन्द्र राजपूत,जितेंद्र राजपूत बालू सिंह सहित ग्रामीण मौजूद थे।
