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भोपाल में नकली नोट बरामद: मास्टरमाइंड डॉक्टर प्रतीक नवलखे और इमाम जुबेर अंसारी गिरफ्तार

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Published On: 24 November 2025
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भोपाल में नकली नोटों की फैक्ट्री का भंडाफोड़: 20 लाख की फर्जी करेंसी बरामद, मास्टरमाइंड डॉक्टर प्रतीक नवलखे समेत 3 गिरफ्तार

भोपाल | मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नकली नोटों का बड़ा रैकेट पकड़ा गया है। खंडवा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भोपाल और खंडवा में सक्रिय एक अत्याधुनिक नकली नोट फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है, जहां बड़े पैमाने पर फर्जी करेंसी छापी जा रही थी। पुलिस ने मौके से 20 लाख रुपए मूल्य के नकली नोट, हाई-क्वालिटी प्रिंटर, 32 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। गिरोह का मास्टरमाइंड डॉक्टर प्रतीक नवलखे, उसका साथी और मदरसे में पदस्थ इमाम जुबेर अंसारी, और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, यह रैकेट अब तक 40 लाख रुपए से ज्यादा के नकली नोट भोपाल, खंडवा और महाराष्ट्र के कई शहरों में चला चुका है। आरोपियों ने भोपाल की गोकुलधाम सोसाइटी में किराए का घर लेकर ट्रैवल एजेंसी का बोर्ड लगा रखा था, ताकि किसी को संदेह न हो। इसी मकान को नकली नोटों की सीक्रेट फैक्ट्री के रूप में उपयोग किया जा रहा था।

2 नवंबर को मदरसे में मिले थे 19.78 लाख के नकली नोट — उसी का खुलासा था यह रैकेट

यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब 2 नवंबर को खंडवा जिले के पैठिया स्थित मदरसे में छापेमारी के दौरान 19 लाख 78 हजार रुपए के नकली नोट पकड़े गए थे। यह मामला पूरे प्रदेश में सुर्खियों में आया था, क्योंकि पहली बार किसी धार्मिक संस्थान से इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी बरामद हुई थी।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मदरसे में यह नकली नोट इमाम जुबेर अंसारी रखता था, जो इस गिरोह का विश्वस्त सदस्य था। इसके बाद महाराष्ट्र के मालेगांव में जुबेर की गिरफ्तारी हुई, जिससे इस नकली करेंसी नेटवर्क की कड़ियाँ खुलनी शुरू हुईं।

कैसे पुलिस ने पकड़ा गिरोह का मास्टरमाइंड डॉक्टर प्रतीक नवलखे

जावर पुलिस और खंडवा पुलिस के संयुक्त प्रयास से यह खुलासा हुआ कि मदरसा केस में पकड़े गए इमाम जुबेर अंसारी का सीधा संबंध भोपाल में छिपे डॉक्टर प्रतीक नवलखे से है। पुलिस को सूचना मिली कि डॉक्टर नवलखे भोपाल में गोकुलधाम सोसाइटी के एक किराए के मकान में हाई-क्वालिटी मशीनों से नकली नोट छाप रहा है।

23 नवंबर को पुलिस टीम ने भोपाल में छापेमारी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से उच्च गुणवत्ता वाला कलर प्रिंटर, स्कैनर, विशेष कागज, इंक कार्ट्रिज, कटिंग टूल्स और बड़ी संख्या में आधे बने नकली नोट बरामद किए गए।


जेल में हुई दोस्ती—यहीं बना नकली नोटों का नेटवर्क

जांच में खुलासा हुआ कि इस गैंग का जन्म जेल में हुआ था।

 डॉक्टर प्रतीक नवलखे कौन है?

  • पहले बुरहानपुर जिला अस्पताल में RMO के पद पर कार्यरत था

  • गांधी मेडिकल कॉलेज, इंदौर से MBBS किया

  • सरकारी सेवा के दौरान फर्जी खरीद और बिल घोटाले में फंसा

  • घोटाले के मामले में जेल गया

 जेल में मुलाकात हुई इमाम जुबेर अंसारी से

इसी जेल में डॉक्टर नवलखे की मुलाकात इमाम जुबेर से हुई। दोनों ने रिहा होने के बाद एक बड़ा नकली नोट कारोबार शुरू करने की योजना बनाई।

दोनों ने मिलकर पूरा नेटवर्क बनाया—

  • डॉक्टर नवलखे तकनीकी काम देखता था

  • जुबेर अंसारी डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क संभालता था

  • तीसरा आरोपी सप्लाई और डिलीवरी का काम करता था

गिरोह कैसे चलाता था नकली करेंसी का धंधा

पुलिस के अनुसार रैकेट खतरनाक तरीके से बड़े पैमाने पर यह धंधा चला रहा था—

1 लाख असली के बदले 5 लाख नकली नोट

गिरोह भारी मात्रा में नकली नोट देने के लिए यह डील करता था कि
“1 लाख असली दो, बदले में 5 लाख नकली लो।”

इसी कारण कई छोटे-बड़े अपराधी और कमीशन एजेंट इनसे जुड़े हुए थे।

भोपाल और महाराष्ट्र मुख्य बाज़ार

नकली नोटों की सबसे ज्यादा सप्लाई—

  • भोपाल

  • खंडवा

  • बुरहानपुर

  • महाराष्ट्र के मालेगांव

  • नासिक

  • जलगांव
    इन इलाकों में की जाती थी।

पुलिस के हाथ लगी अहम सामग्री — बड़े वित्तीय घोटाले का संकेत

छापेमारी में पुलिस ने जो सामग्री बरामद की है, उससे बड़े आर्थिक अपराध उजागर होने की आशंका है। पुलिस के कब्जे में आए हैं:

  • हाई क्वालिटी कलर प्रिंटर

  • विशेष कागज और कटिंग मशीन

  • 32 एटीएम कार्ड

  • 15 बैंक चेकबुक

  • 4 मोबाइल फोन

  • 2 लैपटॉप

  • कई बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन डिटेल

  • आधे तैयार नकली नोट

पुलिस का मानना है कि इन दस्तावेजों से कई फर्जी बैंकिंग ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन ठगी, और अन्य साइबर क्राइम भी सामने आ सकते हैं।

पुलिस अब किन एंगल्स पर जांच कर रही है

खंडवा पुलिस, भोपाल पुलिस और साइबर सेल मिलकर पूरे केस को तीन एंगल पर जांच रही है—

1. सप्लाई चैन और नेटवर्क

  • कौन-कौन लोग गिरोह से नकली नोट खरीदते थे

  • किन शहरों में सबसे ज्यादा करेंसी भेजी गई

  • क्या इस नेटवर्क का कनेक्शन अंतरराज्यीय गैंग से है?

2. तकनीकी उपकरण से छापे गए नकली नोट

जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी नोट किस तकनीक से तैयार किए जाते थे और क्या यह मालदा-धनबाद गैंग जैसी गुणवत्ता से जुड़े हुए थे।

3. बैंकिंग और वित्तीय धोखाधड़ी

एटीएम कार्ड, चेकबुक और बैंकिंग रिकॉर्ड से संकेत मिले हैं कि आरोपी

  • फर्जी खाते

  • हवाला ट्रांजैक्शन

  • ऑनलाइन फ्रॉड
    जैसे अपराधों में भी शामिल रहे हैं।

फिलहाल तीनों आरोपी रिमांड पर — पुलिस को और बड़े खुलासों की उम्मीद

गिरफ्तार आरोपी—

  • डॉक्टर प्रतीक नवलखे
  • इमाम जुबेर अंसारी
  • तीसरा सप्लायर
    को कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब उनसे सप्लाई चैन, फंडिंग, और साझीदारों के बारे में पूछताछ कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में और कई नाम सामने आ सकते हैं और संभव है कि यह नेटवर्क प्रदेश के कई शहरों को नकली नोटों से भरने की योजना बना रहा हो।

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