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पूर्व IAS नियाज खान ने राजनीति में आने के दिए संकेत, बोले— ‘कांग्रेस में जाना चाहता हूं, लेकिन शायद वह मुझे स्वीकार नहीं करेगी’, ‘कॉकरोच पार्टी’ बनी तो जरूर करूंगा जॉइन

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Published On: 24 July 2026
ormer IAS Niyaz Khan comments on politics, Congress, and public service in his latest X post
— ormer IAS Niyaz Khan comments on politics, Congress, and public service in his latest X post

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पूर्व IAS नियाज खान ने राजनीति में आने के दिए संकेत, बोले— ‘कांग्रेस में जाना चाहता हूं, लेकिन शायद वह मुझे स्वीकार नहीं करेगी’, ‘कॉकरोच पार्टी’ बनी तो जरूर करूंगा जॉइन

सोशल मीडिया पोस्ट से फिर सुर्खियों में आए पूर्व आईएएस अधिकारी, जनसेवा, धर्मनिरपेक्षता और राजनीति पर खुलकर रखी राय

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी नियाज खान एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भी नियाज खान अक्सर सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखते रहे हैं। इस बार उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ऐसा पोस्ट किया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

24 जुलाई को साझा किए गए अपने पोस्ट में नियाज खान ने पहली बार स्पष्ट रूप से राजनीति में आने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि उनका मानना है कि जनसेवा का सबसे प्रभावी माध्यम राजनीति है और यदि भविष्य में ‘कॉकरोच पार्टी’ नाम से कोई राजनीतिक दल चुनावी मैदान में उतरता है तो वे निश्चित रूप से उससे जुड़ना पसंद करेंगे।

पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि वे कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि उनके ‘हिंदू उदारवादी’ विचारों के कारण पार्टी शायद उन्हें स्वीकार नहीं करेगी।

राजनीति को बताया सबसे बड़ा जनसेवा का माध्यम

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में नियाज खान ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक प्रशासनिक सेवा में रहकर जनता के बीच काम किया है। हालांकि, उनका मानना है कि प्रशासनिक व्यवस्था की अपनी सीमाएं होती हैं, जबकि राजनीति के माध्यम से व्यापक स्तर पर समाज और देश के लिए कार्य किया जा सकता है।

उन्होंने लिखा कि वर्तमान समय में राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज की समस्याओं के समाधान और आम नागरिकों की सेवा का सबसे बड़ा मंच बननी चाहिए।

उनके अनुसार यदि किसी व्यक्ति का उद्देश्य ईमानदारी से जनसेवा करना है, तो राजनीति उसके लिए सबसे प्रभावी माध्यम साबित हो सकती है।

कांग्रेस में जाने की इच्छा, लेकिन जताई आशंका

नियाज खान के पोस्ट का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा, जिसमें उन्होंने कांग्रेस को लेकर अपनी राय व्यक्त की।

उन्होंने लिखा कि वे विचारधारा के स्तर पर स्वयं को धर्मनिरपेक्ष (Secular) मानते हैं और कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा रखते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि उनके ‘हिंदू उदारवादी’ विचार कांग्रेस नेतृत्व को स्वीकार्य नहीं होंगे।

उनका यह बयान राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। इसे कुछ लोग कांग्रेस पर व्यंग्य के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक सोच के रूप में मान रहे हैं।

कॉकरोच पार्टी’ का उल्लेख कर खींचा ध्यान

अपने पोस्ट में नियाज खान ने एक अनोखा और प्रतीकात्मक उल्लेख करते हुए लिखा कि यदि भविष्य में ‘कॉकरोच पार्टी’ राजनीति के मैदान में उतरती है, तो वे उसे अवश्य जॉइन करेंगे।

हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका आशय किसी वास्तविक राजनीतिक दल से है या यह केवल एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी थी। इसी कारण सोशल मीडिया पर उनके इस बयान को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

कई लोगों ने इसे राजनीतिक व्यवस्था पर कटाक्ष माना, जबकि कुछ ने इसे हास्य-व्यंग्य के रूप में देखा।

भ्रष्टाचार और गिरते राजनीतिक स्तर पर चिंता

अपने पोस्ट में नियाज खान ने वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

उन्होंने लिखा कि देश में राजनीति का स्तर लगातार गिरता दिखाई दे रहा है और प्रशासनिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।

उनका मानना है कि यदि ईमानदार और सकारात्मक सोच रखने वाले लोग राजनीति में आएंगे तो लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

उन्होंने संकेत दिया कि इसी सोच के कारण अब वे सक्रिय राजनीति में आने पर विचार कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ पोस्ट

नियाज खान का यह पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

राजनीतिक कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया, जबकि कुछ ने उनके बयानों पर सवाल भी उठाए।

राजनीतिक मामलों के जानकारों का मानना है कि एक पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी द्वारा सार्वजनिक रूप से राजनीति में आने की इच्छा व्यक्त करना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बनता है।

नियाज खान पहले भी अपने बयानों को लेकर रहे हैं चर्चा में

यह पहली बार नहीं है जब नियाज खान अपने सोशल मीडिया पोस्ट के कारण सुर्खियों में आए हों।

प्रशासनिक सेवा के दौरान और उसके बाद भी उन्होंने कई सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक तथा राजनीतिक विषयों पर अपनी राय खुलकर रखी है।

उनके कई पोस्ट राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हैं। समर्थक उनकी स्पष्टवादिता की सराहना करते हैं, जबकि आलोचक कई बार उनके बयानों पर असहमति भी जताते रहे हैं।

राजनीति में पूर्व नौकरशाहों की बढ़ती सक्रियता

देश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर चुके हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अधिकारियों के पास शासन व्यवस्था की गहरी समझ होती है, जिसका लाभ राजनीतिक दल उठाना चाहते हैं।

हालांकि राजनीति में प्रवेश के बाद उनकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वे जनता के बीच कितना विश्वास कायम कर पाते हैं और राजनीतिक संगठन उन्हें किस भूमिका में स्वीकार करता है।

क्या किसी दल से जुड़ेंगे नियाज खान?

फिलहाल नियाज खान ने किसी राजनीतिक दल की सदस्यता लेने की औपचारिक घोषणा नहीं की है।

उन्होंने केवल राजनीति में आने की इच्छा व्यक्त की है और कांग्रेस को लेकर अपनी व्यक्तिगत राय साझा की है। वहीं ‘कॉकरोच पार्टी’ संबंधी टिप्पणी को लेकर भी उन्होंने कोई अतिरिक्त स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में वे वास्तव में किसी राजनीतिक दल से जुड़ते हैं या सार्वजनिक जीवन में स्वतंत्र रूप से सक्रिय रहते हैं।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चाएं

पूर्व आईएएस अधिकारी के इस पोस्ट के बाद मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि नियाज खान सक्रिय राजनीति में उतरते हैं तो उनके प्रशासनिक अनुभव, सामाजिक पहचान और सार्वजनिक छवि को देखते हुए यह प्रदेश की राजनीति में एक नई चर्चा का विषय बन सकता है।

हालांकि अभी तक कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी या किसी अन्य प्रमुख राजनीतिक दल की ओर से उनके पोस्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आने वाले दिनों पर रहेगी नजर

नियाज खान के इस सोशल मीडिया पोस्ट ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं।

अब राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह केवल एक वैचारिक अभिव्यक्ति है या फिर भविष्य में वे वास्तव में किसी राजनीतिक दल का दामन थामेंगे। यदि ऐसा होता है तो यह मध्य प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जाएगा।

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