पोषण भी पढ़ाई भी: मिशन नीव द्वारा नागदा में ECCE थीम पर आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता और स्कूल शिक्षकों की संयुक्त कार्यशाला
नागदा: महिला बाल विकास विभाग और मिशन नीव कार्यक्रम के संयुक्त तत्वावधान में 8वें राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर नागदा में आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता और प्री-स्कूल शिक्षकों के लिए विशेष ECCE (Early Childhood Care and Education) थीम पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रकाश नगर स्थित गुरुकुल स्कूल में संपन्न हुआ, जिसमें जिले भर के आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता और शिक्षक शामिल हुए।
मिशन नीव जिला समन्वयक लोकेन्द्र तंवर ने बताया कि महिला बाल विकास जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश त्रिपाठी के मार्गदर्शन में पोषण माह के अंतर्गत जिले में विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में मिशन नीव के नेतृत्व में नागदा परियोजना में “पोषण भी पढ़ाई भी” के अंतर्गत स्कूल शिक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास, पोषण और शिक्षा के बीच के तालमेल को समझना और इसे आंगनवाड़ी केंद्रों और प्री-स्कूलों में प्रभावी रूप से लागू करना था। लोकेन्द्र तंवर ने विकास के पांच आयाम, पोषण के महत्व, बच्चों के सीखने के मॉड्यूल और आधारशीला पाठ्यक्रम पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पोषण और शिक्षा के संतुलित विकास से बच्चों की शारीरिक और मानसिक वृद्धि सुनिश्चित होती है।
कार्यक्रम के दौरान परियोजना अधिकारी मुकेश वर्मा ने उपस्थित सभी शिक्षकों और कार्यकर्त्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पोषण माह की हर बार नई थीम समाज में नया परिवर्तन और जनजागरूकता लाती है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता और शिक्षकों से बच्चों के पोषण और शिक्षा पर अधिक ध्यान देने की अपील की।
कार्यशाला में विशेष रूप से पर्यवेक्षक नीतू सोयल, टीना बैरागी और राहत खान ने बच्चों में जंक फूड का कम उपयोग करने, स्वदेशी और पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने, मोटापे पर नियंत्रण और पोषण सामग्री के सही उपयोग पर चर्चा की। इसके अलावा बच्चों की शारीरिक और मानसिक वृद्धि के लिए व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जलकार्य सभापति प्रकाश जैन ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता सरकार की रीढ़ की हड्डी हैं। इसलिए उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे बच्चों की शिक्षा और पोषण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने सभी कार्यकर्त्ताओं और शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
अंत में गुरुकुल स्कूल के डायरेक्टर राजेश शर्मा ने कार्यक्रम का आभार व्यक्त किया और उपस्थित सभी कार्यकर्त्ताओं और शिक्षकों को उनके योगदान के लिए सराहा। इस अवसर पर परियोजना नागदा की आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता और गुरुकुल स्कूल के शिक्षक उपस्थित रहे, जिन्होंने पोषण और शिक्षा के समन्वय पर महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
यह कार्यशाला बच्चों के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसे देखकर यह स्पष्ट होता है कि मिशन नीव और महिला बाल विकास विभाग बच्चों के शिक्षा और पोषण को एक साथ बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
नागदा से रिपोर्ट: राजेश इंद्र
