Drugs केस में नाम आने के बाद नाना पटवारी का बड़ा बयान, बोले- “मेरा कोई लेना-देना नहीं,
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नाना पटवारी ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, पुराने नशे की लत को लेकर भी दिया स्पष्टीकरण
मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों Drugs मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी का नाम एक कथित ड्रग्स मामले में सामने आने के बाद उन्होंने मीडिया के सामने आकर अपनी सफाई दी है। नाना पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
नाना पटवारी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें बिना स्पष्ट कारण बताए हिरासत में लिया और लंबे समय तक पूछताछ की। उन्होंने दावा किया कि उनका ड्रग्स तस्करी से कोई संबंध नहीं है और जिस वाहन से कथित तौर पर ड्रग्स बरामद होने की बात कही जा रही है, वह उनका नहीं बल्कि सर्विस सेंटर संचालक संजय कौशल उर्फ रॉनी का वाहन है।
उन्होंने कहा कि उनकी कार केवल सर्विस और धुलाई के लिए उस सेंटर पर जाती थी। इसी वजह से उनका नाम इस मामले से जोड़ दिया गया, जबकि वास्तविकता में उनका इस पूरे घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है।
“तीन साल पहले तक नशे की आदत थी, लेकिन अब पूरी तरह छोड़ चुका हूं”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नाना पटवारी ने अपने पुराने जीवन से जुड़ी एक बात भी सार्वजनिक रूप से स्वीकार की। उन्होंने कहा कि करीब तीन साल पहले तक वह नशे का सेवन करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने रिहैब सेंटर में जाकर उपचार कराया और इसके बाद पूरी तरह नशा छोड़ दिया।
नाना पटवारी ने कहा कि उन्होंने अपने अतीत को छिपाने की कोशिश नहीं की है। उनका कहना था कि उन्होंने अपनी कमजोरी को स्वीकार किया और इलाज के बाद सामान्य जीवन की ओर लौटे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुरानी आदतों का मतलब यह नहीं है कि वह वर्तमान में किसी ड्रग्स गतिविधि से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वह अब लंबे समय से नशे से दूर हैं और उनका किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में कोई योगदान नहीं है।
“मेरी गलती सिर्फ इतनी है कि मैं जीतू पटवारी का भाई हूं”
नाना पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजनीतिक साजिश की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी गलती शायद यही है कि वह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से उन्हें इस मामले में घसीटा जा रहा है। नाना पटवारी ने कहा कि यदि वह किसी सामान्य व्यक्ति के परिवार से होते तो शायद इस मामले को इतनी तूल नहीं दी जाती, लेकिन कांग्रेस के बड़े नेता के भाई होने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उनका नाम सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है, जबकि जांच में तथ्यों के आधार पर ही कोई निष्कर्ष निकलना चाहिए।
जिस कार से Drugs मिलने की बात कही जा रही है, वह मेरी नहीं: नाना पटवारी
नाना पटवारी ने बताया कि जिस स्कॉर्पियो एसयूवी कार में ड्रग्स मिलने की चर्चा चल रही है, वह वाहन संजय कौशल उर्फ रॉनी का है। उन्होंने कहा कि उनका उस कार से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने बताया कि वह अपनी कार की सर्विसिंग करवाने के लिए संजय कौशल के सर्विस सेंटर गए थे। उनकी कार वहां केवल सर्विस और सफाई के लिए जाती थी। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
नाना पटवारी ने कहा कि पुलिस को यदि किसी व्यक्ति से पूछताछ करनी थी तो वह कानून के तहत कर सकती थी, लेकिन उन्हें जिस तरीके से हिरासत में लिया गया, वह उचित नहीं था।
पुलिस पर लगाया जबरन हिरासत में लेने का आरोप
नाना पटवारी ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें हिरासत में लेने के दौरान कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनसे थाने में केवल नाम पूछा और इसके बाद उन्हें पूरे दिन अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई कि आखिर उन्हें किस आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
नाना पटवारी के अनुसार, उन्हें देर रात थाने से छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनका मानसिक रूप से काफी दबाव बनाया गया, जबकि उनका किसी गिरफ्तार आरोपी से कोई संबंध नहीं है।
गिरफ्तार आरोपियों से संबंध होने से किया इनकार
ड्रग्स मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर नाना पटवारी का नाम सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, नाना पटवारी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उनसे उनका कोई व्यक्तिगत या कारोबारी संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल किसी व्यक्ति के संपर्क में होने या किसी स्थान पर जाने से किसी को अपराधी नहीं माना जा सकता।
उन्होंने जांच एजेंसियों से निष्पक्ष जांच करने की मांग की और कहा कि सच्चाई सामने आने पर स्थिति साफ हो जाएगी।
जीतू पटवारी ने सरकार पर लगाए सत्ता के दुरुपयोग के आरोप
इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने के लिए कर रही है।
जीतू पटवारी ने कहा कि उनके भाई का किसी भी ड्रग्स तस्करी मामले से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि नाना पटवारी ने अपने पुराने नशे की समस्या को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया, जो उनकी ईमानदारी और पारदर्शिता को दिखाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव बनाने के लिए उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
ड्रग्स मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह मामला अब राजनीतिक रूप ले चुका है। पुलिस की पूछताछ में नाना पटवारी का नाम सामने आने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिना ठोस सबूत किसी व्यक्ति को बदनाम करना उचित नहीं है।
दूसरी ओर, विपक्षी दल इस मामले को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठा रहे हैं और पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।
जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल ड्रग्स मामले की जांच जारी है। नाना पटवारी ने जहां खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, वहीं पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
मामले में आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और नए तथ्यों के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस प्रकरण में किन लोगों की भूमिका रही है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह मामला महत्वपूर्ण बन गया है क्योंकि इसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के परिवार का नाम जुड़ने के कारण प्रदेश की सियासत में हलचल बढ़ गई है। फिलहाल सभी की नजरें पुलिस जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।
