प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली के शुभ अवसर पर उज्जैन नगर में श्रमण संस्कृति के महामहिम आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम शिष्य, चातुर्मास रत मुनि श्री 108 प्रणुत सागरजी के श्री चरणों में पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री जी ने इस पावन पर्व पर प्रदेश की समृद्धि और जनकल्याण की कामना करते हुए मुनि श्री से विशेष आशीर्वाद प्राप्त किया।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन ‘दद्दू’ ने बताया कि दीपावली के इस शुभ दिन पर माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुनि श्री प्रणुत सागरजी महाराज के पाद प्रक्षालन कर विनम्रता से उनका आशीर्वाद ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने मुनि श्री से प्रदेश की खुशहाली, जनसेवा और धार्मिक सद्भाव के विषय पर भी सार्थक चर्चा की। मुनि श्री ने मुख्यमंत्री जी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जब नेतृत्व धर्म, नीति और सेवा के मार्ग पर चलता है, तो समाज और राज्य दोनों प्रगति के पथ पर अग्रसर होते हैं।
चातुर्मास कमेटी उज्जैन द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भव्य स्वागत किया गया। समिति के सदस्यों ने पुष्पमालाओं और मंगल गीतों के साथ मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ जैन सोसाइटीज ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अश्विन कासलीवाल एवं अभिषेक विनायका ने भी मुख्यमंत्री जी का स्वागत सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक वातावरण में दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चारण और मुनि श्री के प्रवचन से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दीपावली केवल प्रकाश का पर्व नहीं, बल्कि आत्मजागृति और समाजसेवा का प्रतीक है। मुनि श्री जैसे संतों का आशीर्वाद समाज को मार्गदर्शन और प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की जनता के सुख, शांति और समृद्धि के लिए सरकार निरंतर सेवा और विकास के कार्य कर रही है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी, श्रद्धालु एवं जैन समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुनि श्री प्रणुत सागरजी महाराज के इस पवित्र मिलन को दीपावली का शुभ संकेत बताया।

