जिला स्तरीय शारीरिक शिक्षक संगोष्ठी के दो दिवसीय आयोजन का भीनमाल में सफल समापन हुआ। जिला शिक्षा अधिकारी भंवरलाल, सीबीईओ चंदन सिंह चौहान सहित खेल विशेषज्ञों ने विद्यालयों में खेल प्रतिभाओं को राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया।
जिला स्तरीय शारीरिक शिक्षक संगोष्ठी का सफल समापन
रिपोर्ट: मुकेश सोलंकी | भीनमाल
जिला स्तरीय शारीरिक शिक्षक संगोष्ठी का दो दिवसीय आयोजन स्थानीय केरियर एकेडमी स्कूल, भीनमाल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस संगोष्ठी में जिलेभर से आए शारीरिक शिक्षकों ने भाग लेकर विद्यालय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण और उन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के साथ-साथ खेल संस्कृति को मजबूत करना तथा विद्यार्थियों में खेल भावना का विकास करना रहा।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) भंवरलाल एवं सीबीईओ चंदन सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक शारीरिक शिक्षक की जिम्मेदारी केवल खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देना भी है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय स्तर पर नियमित अभ्यास और वैज्ञानिक प्रशिक्षण दिया जाए तो जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं।
खेल प्रतिभाओं को निखारने पर विशेष जोर
मुख्य अतिथियों ने कहा कि वर्तमान समय में खेलों में करियर की असीम संभावनाएं हैं। ऐसे में विद्यालयों के शारीरिक शिक्षक विद्यार्थियों को अनुशासन, फिटनेस और खेल कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने सभी शिक्षकों से खेल मैदानों का अधिकतम उपयोग करने तथा विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास कराने का आह्वान किया।
विशेषज्ञों ने दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
जिला स्तरीय शारीरिक शिक्षक संगोष्ठी के दौरान विभिन्न खेल विशेषज्ञों ने शिक्षकों को खेलों की तकनीकी जानकारी प्रदान की।
- रूपसिंह राठौड़ ने हैंडबॉल के नियम, मैदान की रेखाओं एवं रेफरी संकेतों की जानकारी दी।
- मंगल सिंह ने फुटबॉल के नियमों और तकनीकी पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया।
- सुनील सैनी ने हॉकी के नवीनतम नियमों और खेल संचालन की जानकारी साझा की।
- दिनेश कुमार ने एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के आयोजन एवं मैदान की माप संबंधी जानकारी दी।
- रोशन लाल ने क्रिकेट के नियम, अंपायरिंग संकेत एवं खेल संचालन की व्यावहारिक जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने मैदान पर प्रदर्शन करते हुए खेलों की बारीकियों को समझाया, जिससे उपस्थित शारीरिक शिक्षकों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
उद्घाटन सत्र में रही उल्लेखनीय उपस्थिति
संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में उप जिला शिक्षा अधिकारी सुमित्रा पंवार, केरियर एकेडमी स्कूल के निदेशक बलवंत सारण, प्रधानाचार्य जैसाराम जांगू, संगोष्ठी अध्यक्ष मंगल सिंह तथा सचिव अशोक दीवाकर सहित जिलेभर के बड़ी संख्या में शारीरिक शिक्षक उपस्थित रहे।
सभी वक्ताओं ने खेल शिक्षा को विद्यालयी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों का शारीरिक और मानसिक विकास खेलों के माध्यम से ही संभव है। संगोष्ठी में प्रतिभागियों ने खेल प्रतियोगिताओं के बेहतर संचालन, खेल मैदानों के मानकों और नई खेल नीतियों पर भी विचार-विमर्श किया।
विद्यालयों में खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
दो दिवसीय जिला स्तरीय शारीरिक शिक्षक संगोष्ठी के दौरान शिक्षकों ने अनुभव साझा किए और भविष्य की कार्ययोजना तैयार की। शिक्षकों ने विद्यालयों में नियमित खेल गतिविधियों, फिटनेस कार्यक्रमों तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने का संकल्प लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विद्यालय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों से भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं। इस प्रकार की संगोष्ठियां शिक्षकों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
निष्कर्ष
जिला स्तरीय शारीरिक शिक्षक संगोष्ठी ने यह स्पष्ट किया कि खेल शिक्षा केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। दो दिवसीय इस आयोजन से शिक्षकों को नई तकनीकों, खेल नियमों और प्रशिक्षण पद्धतियों की जानकारी मिली, जिसका लाभ आने वाले समय में विद्यार्थियों को मिलेगा। आयोजन के सफल समापन के साथ जिले में खेल प्रतिभाओं को नई दिशा और बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद भी मजबूत हुई।

