उल्लास नवभारत साक्षरता मिशन की जिला स्तरीय बैठक सम्पन्न, साक्षरता अभियान को गति देने पर जोर
संवाददाता : कौशिक पंडित
मनावर में आयोजित बैठक में विकासखंड एवं संकुल स्तर के अधिकारियों ने लिया भाग
मनावर। उल्लास नवभारत साक्षरता मिशन के अंतर्गत जिला स्तरीय बैठक का आयोजन सांदीपनि स्कूल के सभागार में किया गया। बैठक में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए विकासखंड समन्वयक, संकुल समन्वयक और नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य साक्षरता अभियान की प्रगति की समीक्षा करना और आगामी कार्ययोजना तैयार करना था।
बैठक में गंधवानी, मनावर, उमरबन और धरमपुरी विकासखंड के अधिकारी एवं समन्वयक उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने जिले में असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान की गतिविधियों पर चर्चा की और अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ बैठक का शुभारंभ
जिला स्तरीय बैठक का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जिला समन्वयक एफ.एस. जगदाले, बीआरसीसी किशोर कुमार बागेश्वर, सांदीपनि स्कूल के प्राचार्य सोहन शिंदे, तिरला समन्वयक हेमंत प्रजापत, मनावर समन्वयक जगदीश मुकाती, गंधवानी समन्वयक किशोर गोयल, उमरबन समन्वयक राजेश जायसवाल, बीएसी भागीरथ राठौड़, भरत बर्फा एवं मां नर्मदा जन जागृति संस्था के अध्यक्ष तुकाराम पाटीदार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके बाद साक्षरता मिशन की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों और आगामी लक्ष्यों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिक से अधिक असाक्षरों का पंजीयन कराने के निर्देश
बैठक को संबोधित करते हुए जिला समन्वयक एफ.एस. जगदाले ने कहा कि उल्लास नवभारत साक्षरता मिशन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने सभी विकासखंड समन्वयकों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार कार्य करने और अधिक से अधिक असाक्षरों का निलप एप पर पंजीयन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए अभियान को प्रभावी बनाया जा रहा है। प्रत्येक अधिकारी और समन्वयक की जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र में ऐसे लोगों की पहचान करें जो अभी तक शिक्षा से वंचित हैं और उन्हें साक्षरता कार्यक्रम से जोड़ें।
उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने का माध्यम भी है।

विद्यार्थियों को बनाया जाएगा अक्षर साथी
बैठक में हाईस्कूल और हायर सेकंडरी विद्यालयों के विद्यार्थियों को अक्षर साथी के रूप में जोड़ने की योजना पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थी अपने आसपास के असाक्षर लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाकर साक्षरता अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
इस कार्य को विद्यार्थियों के लिए प्रोजेक्ट वर्क के रूप में शामिल किया जाएगा, जिससे उन्हें अंक भी प्रदान किए जाएंगे। इस पहल से विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी और अभियान को व्यापक स्तर पर सफलता मिलेगी।
प्रोजेक्टर के माध्यम से दी गई जानकारी
बैठक में सिंघाना समन्वयक मुकेश मेहता ने प्रोजेक्टर के माध्यम से साक्षरता कार्यक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रस्तुत कीं। उन्होंने अक्षर साथी पंजीयन प्रक्रिया, अभियान की गतिविधियों और कार्यों की प्रगति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि तकनीक के माध्यम से साक्षरता अभियान की निगरानी और संचालन को आसान बनाया जा रहा है। निलप एप के माध्यम से पंजीयन और गतिविधियों की जानकारी को व्यवस्थित रूप से दर्ज किया जा रहा है।

अधिकारियों ने दिए सुझाव
बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारियों और समन्वयकों ने क्षेत्र में साक्षरता अभियान को सफल बनाने के लिए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने, लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति प्रेरित करने और नियमित रूप से अभियान की समीक्षा करने पर जोर दिया।
अधिकारियों ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इसके लिए प्रशासन, शिक्षक, विद्यार्थी और सामाजिक संस्थाओं को मिलकर प्रयास करना होगा।
स्वागत, संचालन और आभार
बैठक का स्वागत भाषण मनावर समन्वयक जगदीश मुकाती ने दिया। कार्यक्रम का संचालन राम परिंदा ने किया, जबकि अंत में गंधवानी समन्वयक किशोर गोयल ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
बैठक में संकुल समन्वयक संतोष पाटीदार, रणदीप शर्मा, शिवनारायण मर्सकोले, ताहिर खान सहित सभी नोडल अधिकारी एवं संकुल समन्वयक उपस्थित रहे।
साक्षर समाज निर्माण का लिया संकल्प
बैठक के समापन पर सभी अधिकारियों और समन्वयकों ने उल्लास नवभारत साक्षरता मिशन के उद्देश्यों को पूरा करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को शिक्षा से जोड़ना समाज के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अधिकारियों ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों, जनसहभागिता और बेहतर कार्ययोजना के माध्यम से जिले में साक्षरता अभियान को नई गति मिलेगी और अधिक से अधिक लोग शिक्षा के अधिकार से जुड़ सकेंगे।
