“प्रभु से मिलने का सच्चा मार्ग गुरु ही बताते हैं”— मुनिराज प्रत्यक्ष रत्न विजय जी का मंगल प्रवचन
जैन समाज नागदा में आध्यात्मिक भक्ति व प्रवचन प्रभावना का आयोजन, गुरुवार को होगा परमात्मा का अति भव्य अभिषेक
नागदा — पुण्य सम्राट के शिष्य रत्न, वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य देवेश श्रीमद् विजय नित्यसेन सुरीश्वर जी म.सा. एवं आचार्य देवेश श्रीमद् विजय जयरत्न सुरीश्वर जी म.सा. की आज्ञानुवर्ती मुनिराज श्री प्रत्यक्षरत्न विजय जी म.सा. एवं मुनिराज श्री पवित्ररत्न विजय जी म.सा. ने आज धर्मसभा में जिनवाणी का अप्रतिम वर्षाव करते हुए जीवन को सत्य दिशा देने वाला अत्यंत प्रेरक संदेश दिया।
प्रवचन की शुरुआत में मुनिराज ने कहा कि आज मनुष्य संसार को ही धन, वैभव और सुख का सम्पूर्ण साधन मान बैठा है। लेकिन वास्तव में यह सुख क्षणभंगुर है। ज्ञानी भगवत का वचन है—
“हे मनुष्य! इस संसार से मत मोहित हो, यह सुख पल भर का है, वास्तविक आनंद तो जिनधर्म में है।”
उन्होंने आगे कहा कि आध्यात्मिक उन्नति का प्रथम चरण नियमित धर्म साधना है। प्रत्येक श्रावक-श्राविका को गुरु वंदन विधि, चैत्यवंदन विधि और सामायिक सूत्र याद कर प्रतिदिन उनका पालन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि यही आत्मशुद्धि का मार्ग है।
गुरु ही बताते हैं प्रभु तक पहुंचने का सच्चा मार्ग
अपने प्रवचन में मुनिराज प्रत्यक्षरत्न विजय जी म.सा. ने गुरु के महत्व को विस्तार से समझाते हुए कहा कि मनुष्य जीवन में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु चार प्रकार के माने गए हैं—
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माता गुरु (जीवन का प्रथम संस्कार)
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पिता गुरु (कर्तव्य और मर्यादा का पाठ)
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धर्म गुरु (मुक्ति और मोक्ष का मार्ग)
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शिक्षा गुरु (ज्ञान का प्रकाश)
उन्होंने प्रसिद्ध दोहा सुनाते हुए बताया—
“गुरु गोविंद दोउ खड़े, काके लागू पाय।
बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताए।”
अर्थात गुरु ही वह सेतु हैं, जो जीव को देव, धर्म और प्रभु से मिलने का सच्चा मार्ग दिखाते हैं। इसलिए गुरु हमारे जीवन में प्रथम पंक्ति में आते हैं और सर्वोपरि माने जाते हैं।
मुनिराज ने कहा कि आज का समाज भौतिकता में इतना उलझ गया है कि उसे आत्मकल्याण का मार्ग दिखाई ही नहीं देता। लेकिन यदि जीव श्रद्धा, संयम और गुरु मार्गदर्शन से साधना करे तो उसका जीवन सफल हो जाता है।
साधार्मिक भक्ति और प्रवचन प्रभावना का लाभ
बुधवार की साधार्मिक भक्ति, प्रवचन प्रभावना और धर्मसभा का लाभ बाबूलाल अनिल कुमार कोचर परिवार द्वारा लिया गया। पूरा जैन समाज भक्तिभाव से ओतप्रोत होकर उपस्थित रहा।
गुरुवार को होगा परमात्मा का ‘अति भव्य अभिषेक’ — विशेष औषधियों से अभिषेक
जैन समाज नागदा में गुरुवार को परम पूज्य मुनिराज श्री प्रत्यक्षरत्न विजय जी म.सा. और मुनिराज श्री पवित्ररत्न विजय जी म.सा. की पावन निश्रा में परमात्मा का अत्यंत दुर्लभ अभिषेक महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
⏰ समय: सुबह 9:00 बजे से 12:00 बजे तक
📍 स्थान: जैन श्री संघ की पावन उपस्थिति में
इस अभिषेक में विशेष औषधियों, दुर्लभ द्रव्यों और सुगंधित जल से श्रद्धालु परमात्मा का अभिषेक करेंगे। कार्यक्रम में नागदा के सुप्रसिद्ध जैन संगीतकार आयुष बोहरा अपनी सुमधुर भक्ति धुनों से आध्यात्मिक वातावरण को और दिव्य बनाएंगे।
दोपहर में होगा राजेंद्र सूरी अष्टप्रकारी पूजन
अभिषेक के पश्चात दोपहर 1:30 बजे राजेंद्र सूरी अष्टप्रकारी पूजन का आयोजन होगा, जिसका लाभ संदीप कुमार सुरेश चंद चत्तर परिवार द्वारा लिया जाएगा।
पूजन में जैन समाज के सभी वर्ग — नवयुवक मंडल, महिला मंडल, बहू मंडल, तरुण परिषद और बालिका परिषद — बड़ी संख्या में उपस्थित रहकर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
जैन समाज मीडिया प्रभारी से सूचना
इस पूरी आध्यात्मिक श्रृंखला की जानकारी जैन समाज मीडिया प्रभारी श्री सचिन भंडारी द्वारा दी गई। उन्होंने बताया कि समाज में धार्मिक उत्साह निरंतर बढ़ रहा है और सभी श्रावक-श्राविकाएँ मुनिराजों के प्रवचन से प्रेरणा लेकर धर्ममार्ग में अग्रसर हो रहे हैं।


