अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन Indore में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ, जिसमें समाज सुधार, महिला सशक्तिकरण और युवा भागीदारी पर जोर दिया गया।
अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन Indore में सम्पन्न
इंदौर। अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन 2 मई को Indore में अत्यंत भव्य, गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन न केवल संगठन की मजबूती का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक, धार्मिक और राष्ट्रीय स्तर पर जैन समाज के योगदान को भी नई दिशा देने वाला साबित हुआ।इस अधिवेशन की अध्यक्षता श्री अनिल पारस दास जैन ने की, जिनके नेतृत्व में परिषद ने नए संकल्पों और योजनाओं के साथ भविष्य की ओर कदम बढ़ाया।
Indore :अधिवेशन की शुरुआत और संगठनात्मक बैठक
अधिवेशन के पूर्व राष्ट्रीय प्रबंधकारिणी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से श्री अनिल पारसदास जैन के अध्यक्ष पद पर मनोनयन को स्वीकृति प्रदान की।परिषद की अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिवेशन संगठन की एकता और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
शपथ ग्रहण समारोह
इस अवसर पर श्री सुरेश जैन (आईएएस) द्वारा श्री अनिल जैन को अध्यक्ष पद की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन, चित्र अनावरण और ध्वजारोहण जैसे पारंपरिक अनुष्ठान भी सम्पन्न हुए।
संगठन की विशेषताएं और अध्यक्ष का संबोधन
नवनियुक्त अध्यक्ष श्री अनिल जैन ने परिषद का परिचय देते हुए बताया कि:
- यह देश की एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय संस्था है जिसका अपना भवन दिल्ली जैसे महानगर में स्थित है
- परिषद का उद्देश्य समाज को संगठित करना और जनकल्याणकारी कार्यों को बढ़ावा देना है
उन्होंने विशेष रूप से पंचकल्याणक में होने वाले अपव्यय को रोकने और उस राशि को सामाजिक कार्यों में उपयोग करने पर जोर दिया।
सम्मान समारोह
इस अधिवेशन में विभिन्न समाजसेवियों और पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया:
- श्री शैलेन्द्र जैन (विधायक, सागर)
- श्री सुरेश जैन (आईएएस, भोपाल)
- सुनील जैन (सागर)
- अशोक जैन (गुरुग्राम)
- सतीश जैन (हरिद्वार)
- डॉ. अखिल बंसल (जयपुर)
- सुनील जैन (दिल्ली)
- जितेन्द्र जैन (आगरा)
- प्रशांत जैन (युवा परिषद, सागर)
इन सभी को प्रतीक चिन्ह, माला, दुपट्टा एवं परिषद गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया।
सर्वोच्च सम्मान
- परिषद शिरोमणि रत्न – श्री चक्रेश जैन
- मरणोपरांत सम्मान – डॉ. जीवन लाल जैन
इसके अतिरिक्त डी.आर. जैन, ए.के. जैन और श्रीमती आशा विनायका को भी सम्मानित किया गया।
विचार मंथन और समाज सुधार
द्वितीय सत्र में विभिन्न प्रदेश अध्यक्षों ने अपने विचार प्रस्तुत किए:
- सुनील जैन (सागर) – जनगणना में “जैन” लिखने का आग्रह
- सतीश जैन (हरिद्वार) – साधु-संतों के आहार-विहार में युवाओं की भागीदारी
- डॉ. अखिल बंसल (जयपुर) – शिक्षा के क्षेत्र में ठोस योजना बनाने की आवश्यकता
महिला सशक्तिकरण पर जोर
महिला परिषद की केंद्रीय अध्यक्ष निर्मला जैन ने:
- नव अध्यक्ष को पूर्ण सहयोग देने का वचन दिया
- महिला वर्ग से संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया
युवा शक्ति की भूमिका
प्रशांत जैन (युवा परिषद, सागर) ने युवाओं को परिषद से जोड़ने का संकल्प लिया और आने वाले कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही।
अन्य प्रमुख सहभागिता
कार्यक्रम में देशभर से कई प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए:
- स्वामी जयंत कीर्ति जी (उज्जैन)
- अशोक गोयल
- सरला जैन
- पुनीत जैन
- रेनू जैन
- नीरज जैन
- सुभाष बड़जात्या
- जिनेन्द्र जैन
- सुरेन्द्र कुमार
- सरला सामरिया
- प्रभा जैन
संचालन
- प्रथम सत्र – सुनील जैन (दिल्ली)
- द्वितीय सत्र – प्रशांत जैन (सागर)
परिषद का 103 वर्षों का गौरवशाली इतिहास
मुख्य अतिथि शैलेन्द्र जैन (विधायक, सागर) ने कहा:
- परिषद का 103 वर्षों का समृद्ध इतिहास है
- संगठन ने समाज सुधार के कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं
- महिला सशक्तिकरण और संगठन विस्तार पर जोर देना आवश्यक है
सामाजिक एकता का संदेश
विशिष्ट अतिथि दिनेश जैन (विधायक, महीदपुर) ने:
- “जियो और जीने दो” सिद्धांत अपनाने का संदेश दिया
- आर्थिक संतुलन और सामाजिक एकता पर बल दिया
निष्कर्ष
अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन इंदौर में केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के लिए दिशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित हुआ।यह अधिवेशन:
संगठन की मजबूती
युवा और महिला सहभागिता
सामाजिक सुधार
धार्मिक मूल्यों का संरक्षण
इन सभी पहलुओं को एक साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प बन गया।

