शिवपुरी में धीरेंद्र शास्त्री की कथा में पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया
बाबा बागेश्वर ने मांगी विशेष दक्षिणा, बोले— “शिवलोक में 108 फुट की शिव प्रतिमा चाहिए”
शिवपुरी (मध्य प्रदेश) में चल रही बागेश्वर धाम की भागवत कथा आज एक खास पल की साक्षी बनी, जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया स्वयं पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में पहुंचे। जैसे ही सिंधिया मंच के पास पहुंचे, पूरे पंडाल में जयकारों की गूंज फैल गई और वातावरण भक्तिमय हो उठा।
इस बीच कथा के दौरान वह क्षण आया जिसने पूरे आयोजन को चर्चा का केंद्र बना दिया। बाबा बागेश्वर, यानी धीरेंद्र शास्त्री, ने मंच से ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से दक्षिणा की मांग कर दी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा—
“महाराज, दक्षिणा में हमें शिवलोक चाहिए… शिवपुरी में 108 फुट की शिव प्रतिमा बनवाकर दे दीजिए।”
उनकी यह मांग सुनकर मंच और पंडाल में मौजूद हजारों लोग उत्सुकता से देखने लगे कि सिंधिया क्या जवाब देंगे। धीरेंद्र शास्त्री की बात सुनकर सिंधिया ने सम्मानपूर्वक सिर झुकाकर सहमति दे दी। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना है।
शिवपुरी में धीरेंद्र शास्त्री की भव्य भागवत कथा
हजारों भक्तों की उपस्थिति, बागेश्वर धाम शिवपुरी में बना आध्यात्मिक माहौल
बागेश्वर धाम शिवपुरी में आयोजित यह भागवत कथा पूरे सप्ताह से हजारों भक्तों का केंद्र बनी हुई है। देशभर से भक्त यहां पहुंच रहे हैं।
धीरेंद्र शास्त्री भागवत कथा की शैली, चमत्कारों और दिव्य ऊर्जा से भरे प्रवचनों के कारण यहां हर दिन भारी भीड़ उमड़ रही है।
आज कथा के विशेष सत्र में
- भजन,
- कथा प्रसंग,
- आध्यात्मिक संवाद
ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसी दौरान कथा स्थल पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का पहुंचना कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना गया। सिंधिया ने पहले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से आशीर्वाद लिया, फिर कथा स्थल में बैठकर कुछ देर प्रवचन सुने।
बाबा बागेश्वर ने मांगी “दक्षिणा” – 108 फुट की शिव प्रतिमा
“शिवपुरी शिवलोक है, यहाँ शिव का भव्य स्वरूप होना चाहिए”
कथा के बीच धीरेंद्र शास्त्री ने घोषणा की:
“शिवपुरी शिवलोक है। यहाँ शिव का दिव्य स्वरूप होना चाहिए। एक 108 फ़ुट ऊँची शिव प्रतिमा यहां की पहचान बन सकती है।”
उन्होंने मंच से सिंधिया से कहा:
“दक्षिणा में हमें यही चाहिए महाराज। शिवपुरी में शिवलोक की स्थापना के रूप में 108 फुट का शिव अवतार।”
उनकी यह मांग भावनात्मक और आध्यात्मिक महत्व के कारण खास बन गई, क्योंकि शिवपुरी वैसे भी शिव स्वरूप और धार्मिक धरोहर के लिए विख्यात है।
सिंधिया का झुककर सहमति देना बना चर्चा का विषय
सोशल मीडिया पर छाया वीडियो— “बाबा ने मांगी दक्षिणा, केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार की”
सिंधिया ने जैसे ही सिर झुकाकर सहमति दी, पंडाल तालियों से गूंज उठा।
देखने वाले इस क्षण को “बाबा बागेश्वर और सिंधिया का आध्यात्मिक संगम” कह रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर
-
Dhirendra Shastri Jyotiraditya Scindia Video,
-
Shivpuri 108 Foot Shiva Statue Demand,
-
Bageshwar Dham News Today
जैसे कीवर्ड तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं।
कई लोग इसे शिवपुरी की धार्मिक पहचान को मजबूत करने वाला निर्णय बता रहे हैं।
108 फुट की शिव प्रतिमा से क्या बदलेगा शिवपुरी?
धार्मिक पर्यटन में बढ़ोतरी, भव्य शिवलोक का निर्माण संभव
शिवपुरी पहले से ही
- मंदिरों,
- प्राकृतिक सौंदर्य,
- और पौराणिक महत्व
के लिए प्रसिद्ध है।
यदि यहां 108 फुट की शिव प्रतिमा बनती है, तो विशेषज्ञों के अनुसार:
शिवपुरी में धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
शहर की पहचान शिवलोक के रूप में और मजबूत होगी।
स्थानीय अर्थव्यवस्था, होटल व्यवसाय और रोजगार पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
शिवपुरी मध्य प्रदेश का नया धार्मिक टूरिस्ट सर्किट बन सकता है।
धीरेंद्र शास्त्री की यह मांग इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने पहले भी कई शहरों में इसी तरह धार्मिक धरोहरों के संरक्षण और विस्तार की पहल रखी है।
समापन: भागवत कथा बनी ऐतिहासिक, दक्षिणा की मांग ने बढ़ाया आकर्षण
बागेश्वर धाम शिवपुरी की कथा अब राष्ट्रीय सुर्खियों में
शिवपुरी में चल रही धीरेंद्र शास्त्री भागवत कथा वैसे भी बड़ी थी, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपस्थिति और बाबा द्वारा दक्षिणा में 108 फुट शिव प्रतिमा की मांग ने इसे राष्ट्रीय खबर बना दिया।
अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में
शिवपुरी शिवलोक परियोजना
कैसे आगे बढ़ती है और 108 फुट की शिव प्रतिमा को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन क्या कदम उठाते हैं।
यह घटना निश्चित रूप से बागेश्वर धाम शिवपुरी की कथा को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाती है।

