धार में अज्ञात महिला की हत्या का सनसनीखेज खुलासा: 24 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार, प्रेम संबंध और शादी के दबाव बना हत्या की वजह
मध्य प्रदेश के धार जिले में कोतवाली पुलिस ने एक अज्ञात महिला के शव मिलने के मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी का मृतिका के साथ प्रेम संबंध था और महिला उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इसी कारण आरोपी ने उसे इंदौर ले जाने का बहाना बनाया, हत्या कर दी और शव को सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में फेंककर फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मृतिका का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। फिलहाल मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है और पुलिस हत्या के पीछे के अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।
सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में मिला था महिला का शव
जानकारी के अनुसार 10 जुलाई 2026 को थाना कोतवाली धार पुलिस को सूचना मिली थी कि कृषि फार्म के समीप सड़क किनारे पानी से भरे एक गड्ढे में एक महिला का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की तथा मर्ग क्रमांक 48/2026 धारा 194 बीएनएसएस के तहत जांच प्रारंभ की। घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की गई।
महिला की पहचान तत्काल नहीं हो सकी थी, जिसके चलते पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास शुरू किए।

जांच के दौरान हुई मृतिका की पहचान
पुलिस की जांच के दौरान मृत महिला की पहचान मंजुबाई (45 वर्ष) पत्नी स्वर्गीय मयाराम, निवासी ग्राम लेबड़, चौकी घाटाबिल्लोद, थाना पीथमपुर, जिला धार के रूप में हुई।
शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने मृतिका के परिजनों से संपर्क किया। जांच के दौरान मृतिका की सास सहित उसके साथ रहने वाले व्यक्ति के बयान दर्ज किए गए। इन बयानों ने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि मंजुबाई 9 जुलाई को घर से निकली थी और उसके बाद वापस नहीं लौटी। इसी दौरान पुलिस को एक ऐसे व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली, जिसके साथ मृतिका अंतिम बार देखी गई थी।
इंदौर ले जाने के बहाने महिला को साथ ले गया आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रमेश उर्फ दुबलिया, निवासी ग्राम सोडपुर, थाना नालछा, जिला धार, 9 जुलाई 2026 को मृतिका मंजुबाई को इंदौर के रानीपुरा क्षेत्र में कटलरी का सामान खरीदने का बहाना बनाकर अपनी मोटरसाइकिल से साथ लेकर गया था।
इसके बाद महिला वापस अपने घर नहीं लौटी। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों और उसके आने-जाने की जानकारी जुटानी शुरू की।
जांच के दौरान मिले तथ्यों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने आरोपी पर संदेह को मजबूत कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों ने खोला हत्या का राज
पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, गवाहों के बयान और प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि महिला की मौत सामान्य नहीं बल्कि हत्या के कारण हुई है।
इसी आधार पर थाना कोतवाली धार में अपराध क्रमांक 377/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला कायम कर विवेचना शुरू की गई।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम का गठन किया।
प्रेम संबंध और शादी का दबाव बना हत्या की वजह
पुलिस की प्रारंभिक विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी रमेश उर्फ दुबलिया और मृतिका मंजुबाई के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे।
बताया जा रहा है कि मृतिका आरोपी पर शादी करने का दबाव बना रही थी। आरोपी इस संबंध को आगे बढ़ाना नहीं चाहता था और इसी कारण उसने महिला को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले महिला को विश्वास में लिया और इंदौर चलकर कटलरी का सामान खरीदने की बात कही। महिला उसके साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर चली गई।
इसी दौरान आरोपी ने सुनसान स्थान पर उसकी हत्या कर दी और शव को कृषि फार्म के समीप सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके।
हालांकि पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच अभी जारी है और पूछताछ में अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
विशेष टीम का गठन कर शुरू की गई जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में तत्काल विशेष जांच टीम गठित की गई।
टीम ने घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण किया। इसके अलावा तकनीकी साक्ष्यों, गवाहों के बयान, मृतिका की गतिविधियों और आरोपी के मूवमेंट का विश्लेषण किया गया।
साइबर सेल की मदद से भी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गई, जिससे आरोपी तक पहुंचने में पुलिस को सफलता मिली।
लगातार की गई जांच के बाद आरोपी को चिन्हित कर उसकी तलाश शुरू की गई।
24 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार
धार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 जुलाई 2026 को आरोपी रमेश उर्फ दुबलिया पिता सुखराम, निवासी ग्राम सोडपुर, थाना नालछा, जिला धार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि घटना का खुलासा करते हुए आरोपी को मात्र 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया, जो जांच टीम की त्वरित कार्रवाई का परिणाम है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस अब आरोपी से हत्या की पूरी साजिश और घटना के सभी पहलुओं के संबंध में पूछताछ कर रही है।
आरोपी के कब्जे से बरामद हुई मोटरसाइकिल और मोबाइल
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल जब्त की है।
इसके अलावा मृतिका का मोबाइल फोन भी आरोपी के पास से बरामद किया गया है।
पुलिस का मानना है कि बरामद किए गए सामान से जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकते हैं। मोबाइल फोन की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है ताकि घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि हो सके।
हत्या के पीछे के अन्य कारणों की भी जांच जारी
हालांकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में प्रेम संबंध और शादी का दबाव हत्या की मुख्य वजह सामने आया है, लेकिन अधिकारी अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।
जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
दर्ज हुआ हत्या का मामला
मामले में थाना कोतवाली धार में अपराध क्रमांक 377/2026 दर्ज किया गया है।
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विवेचना अभी जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सराहनीय रही पुलिस और साइबर टीम की भूमिका
इस मामले के त्वरित खुलासे में थाना कोतवाली धार और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक ईश्वर सिंह चौहान के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अशोक लहरी, एएसआई अनिल डावर, एएसआई दीप चंदेल, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र तोमर, प्रधान आरक्षक सुनील यादव, प्रधान आरक्षक अजय सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक अरविंद चौहान, प्रधान आरक्षक अरविंद, आरक्षक रामनरेश यादव तथा आरक्षक राममूर्ति रावत ने सक्रिय भूमिका निभाई।
इसके अतिरिक्त क्राइम ब्रांच धार से उपनिरीक्षक प्रशांत गुंजाल तथा साइबर सेल टीम ने तकनीकी जांच और आरोपी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
पुलिस की अपील
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी भी आपराधिक घटना से संबंधित कोई जानकारी हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर अपराधियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।
निष्कर्ष
धार जिले में महिला हत्या के इस मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर पुलिस ने त्वरित जांच और तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग का उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रारंभिक जांच में प्रेम संबंध और शादी के दबाव को हत्या का कारण माना जा रहा है, जबकि पुलिस अभी भी मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मृतिका का मोबाइल बरामद होने से जांच को महत्वपूर्ण आधार मिला है। आने वाले दिनों में विवेचना पूरी होने के बाद इस सनसनीखेज हत्या कांड से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आने की संभावना है।
