धामनोद सड़क हादसा में मुंबई-आगरा हाईवे पर कंटेनर ट्रेलर से टकराया। चालक घायल हुआ, पुलिस और NHAI ने मौके पर पहुंचकर यातायात बहाल किया।
धामनोद सड़क हादसा: तेज रफ्तार कंटेनर ट्रेलर से टकराया, बड़ा हादसा टला, चालक घायल
धार। संवाददाता – कौशिक पण्डित, कुशाग्र समाचार सेवा, मनावर (जिला धार, मध्य प्रदेश)।
धामनोद सड़क हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर गया। धार जिले के धामनोद थाना क्षेत्र अंतर्गत मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को तेज रफ्तार कंटेनर आगे चल रही कार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर (बल्गर) से जा टकराया। हादसा इतना भीषण था कि कंटेनर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि चालक की सूझबूझ और किस्मत से कोई जनहानि नहीं हुई।
धामनोद सड़क हादसा कैसे हुआ
धार जिले के धामनोद थाना क्षेत्र स्थित राऊ-खलघाट फोरलेन पर राजराजेश्वरी मंदिर के सामने यह दुर्घटना हुई।जानकारी के अनुसार सड़क किनारे बल्गर क्रमांक RJ 09 CD 9156 खड़ा हुआ था। इसी दौरान पीछे से आ रहा कंटेनर क्रमांक HR 37 F 6854 आगे चल रही एक कार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित हो गया और सीधे खड़े ट्रेलर से जा भिड़ा।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि कंटेनर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
कंटेनर में भरी थीं दवाइयाँ
बताया जा रहा है कि कंटेनर में दवाइयों (मेडिसिन) का माल भरा हुआ था।कंटेनर में केवल चालक मौजूद था, जो हादसे में घायल हो गया। राहत की बात यह रही कि किसी अन्य वाहन या राहगीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।यदि कुछ सेकंड का भी अंतर होता तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था।
पुलिस और NHAI टीम तुरंत पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही धामनोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची।साथ ही
- डायल-112 के पायलट अभिषेक मौर्य
- स्टाफ
- आरक्षक आकाश रोकड़े
- NHAI की टीम
भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची।क्रेन की सहायता से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाया गया, जिसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात दोबारा सामान्य किया गया।
हाईवे सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े करता है।विशेषज्ञों का कहना है कि—
- सड़क किनारे भारी वाहन खड़े करने पर सख्ती जरूरी है।
- हाईवे पर पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए जाएं।
- ओवरस्पीडिंग पर लगातार कार्रवाई हो।
- पार्किंग व्यवस्था बेहतर बनाई जाए।
- दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की नियमित निगरानी हो।
स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि राऊ-खलघाट फोरलेन पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।राजराजेश्वरी मंदिर के सामने वाहनों का खड़ा होना भी दुर्घटनाओं का कारण बनता है।लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में विशेष ट्रैफिक प्रबंधन किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
प्रशासन से क्या है मांग
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि—
- हाईवे पर अवैध पार्किंग रोकी जाए।
- स्पीड कंट्रोल के लिए निगरानी बढ़े।
- CCTV कैमरे लगाए जाएं।
- चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
- रात्रि में बेहतर प्रकाश व्यवस्था हो।
निष्कर्ष
धामनोद सड़क हादसा भले ही बिना जनहानि के टल गया हो, लेकिन इस घटना ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। समय रहते पुलिस, डायल-112 और NHAI की तत्परता से यातायात बहाल कर दिया गया, लेकिन भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए स्थायी उपाय आवश्यक हैं।




