Dewas में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा शुद्ध एवं ठंडे जल हेतु प्याऊ का शुभारंभ
Dewas (सतवास)। इंदौर-देवास रोड पर स्थित उज्जैन संभाग मंत्री के निवास के बाहर आज भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा आमजन को शुद्ध और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने हेतु प्याऊ का भव्य शुभारंभ किया गया। भीषण गर्मी और जल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह सेवा कार्य शुरू किया गया है। राहगीरों, यात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए यह प्याऊ गर्मी से राहत का एक महत्वपूर्ण स्रोत साबित होगा।
मुख्य अतिथियों और पदाधिकारियों की उपस्थिति
Dewas इस शुभ अवसर पर मुख्य रूप से श्रीमती आशा शर्मा (देवास जिला सह प्रभारी) एवं उज्जैन संभाग मंत्री श्री ज्ञानचंद्र शर्मा उपस्थित रहे। इसके साथ ही जिला अध्यक्ष श्री सतीश खण्डेलवाल, जिला मंत्री श्री महेंद्र गुर्जर और जिला कार्यकारिणी सदस्य श्री चिराग जोशी सहित कई अन्य पदाधिकारी और समाजसेवी भी मौजूद रहे। उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने इस सेवा कार्य की सराहना की और इसे मानवता के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
विधिवत पूजा-अर्चना से शुभारंभ
Dewas कार्यक्रम की शुरुआत जिला अध्यक्ष श्री सतीश खण्डेलवाल द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। पूजा के दौरान दीप प्रज्वलित किए गए और इस प्याऊ की स्थापना को पुण्य कार्य माना गया। श्री खण्डेलवाल ने कहा कि “गर्मी के इस मौसम में आमजन को शुद्ध और ठंडा पानी उपलब्ध कराना मानवता की सेवा है और समाज में सहयोग तथा भाईचारे की भावना को प्रबल करता है।”
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने अपने संदेश में कहा कि “मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है। राहगीरों और जरूरतमंदों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराना पुण्य का कार्य है। हमारा संगठन हमेशा जनकल्याण और समाज के उत्थान के कार्यों में अग्रणी रहा है। इस तरह के सेवा प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं।”
सदस्यों का संयुक्त संदेश
Dewas ट्रस्ट के सदस्य शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता और जीवनलाल जैन (चाय वाले) ने संयुक्त रूप से कहा कि “भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझता है और लगातार जनहित में कार्य कर रहा है। इस प्रकार के सेवा कार्य समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं और लोगों को भी दूसरों की सहायता के लिए प्रेरित करते हैं। प्याऊ जैसी सुविधाओं के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि छोटी-छोटी पहल भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।”
समाज में आवश्यकता और प्रभाव
उपस्थित नागरिकों ने कहा कि गर्मी के मौसम में सार्वजनिक स्थानों पर शुद्ध और ठंडा पानी उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। सड़क किनारे, बस स्टैंड और बाजार क्षेत्रों में ऐसी सुविधाएं न केवल लोगों की जरूरत पूरी करती हैं, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा भी प्रदान करती हैं। प्याऊ की स्थापना ऐसे समय में हुई है जब तापमान चरम पर है, जिससे स्थानीय लोग और राहगीर गर्मी से राहत पा सकेंगे और जल-जनित समस्याओं से बचेंगे।
सकारात्मक संदेश और प्रेरणा
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने यह भी कहा कि समाज में ऐसे संगठन होने से लोग जिम्मेदार और संवेदनशील बनते हैं। युवा पीढ़ी के लिए यह प्रेरणा का स्रोत है, जिससे वे भी समाज के प्रति जिम्मेदार व्यवहार करना सीखते हैं। साथ ही, यह पहल अन्य संगठनों और नागरिकों को भी समाज सेवा के कार्यों में भाग लेने के लिए प्रेरित करती है।
सरकारी और सामाजिक सहयोग की महत्ता
उज्जैन संभाग मंत्री श्री ज्ञानचंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार और समाजिक संस्थाओं का मिलकर कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के सेवा कार्य से न केवल जनसुविधा सुनिश्चित होती है, बल्कि समाज में सहयोग और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है। उन्होंने इस पहल की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
ट्रस्ट की समाजसेवी पहल
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट लगातार शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण और मानव अधिकार जैसे क्षेत्रों में योगदान देता रहा है। प्याऊ की स्थापना भी इसी प्रकार की पहलों में से एक है, जो सीधे तौर पर आमजन की भलाई और राहत के लिए है। इस प्रकार के सेवा कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं और लोगों को सेवा भाव के लिए प्रेरित करते हैं।
निष्कर्ष
Dewas जिले के सतवास में शुद्ध एवं ठंडे जल हेतु प्याऊ की स्थापना भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की मानवता और जनसेवा की भावना का प्रतीक बन गई है। यह सेवा कार्य न केवल लोगों के लिए राहतकारी है, बल्कि समाज में जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और भाईचारे का संदेश भी प्रसारित करता है। गर्मी के इस मौसम में राहगीरों और आमजन के लिए यह प्याऊ जीवनदायिनी साबित होगा और समाज में ट्रस्ट की पहल को प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में याद किया जाएगा।
