Dewas जिले में अवैध शराब बिक्री एवं पेयजल समस्या को लेकर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की सक्रिय पहल
देवास/खातेगांव (मध्यप्रदेश):
Dewas जिले में जनहित से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। हाल ही में ट्रस्ट ने ग्राम पंचायत मालसगौदा एवं ग्राम रेहटी क्षेत्र में व्याप्त अवैध शराब बिक्री और दूषित पेयजल की समस्या को लेकर व्यापक निरीक्षण किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
यह पूरा मामला ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती सामाजिक समस्याओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करता है, जिसने स्थानीय लोगों के जीवन पर गंभीर प्रभाव डाला है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती समस्याओं पर ट्रस्ट की नजर
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का उद्देश्य हमेशा से ही समाज में व्याप्त अन्याय, अव्यवस्था और जनसमस्याओं को प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखना रहा है। इसी कड़ी में ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने देवास जिले के खातेगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मालसगौदा और ग्राम रेहटी का दौरा किया।
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि ग्रामीण स्तर पर लोगों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और उनके समाधान के लिए किस प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता है।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि इन क्षेत्रों में दो प्रमुख समस्याएं अत्यंत गंभीर रूप ले चुकी हैं—पहली अवैध शराब की बिक्री और दूसरी पेयजल में दूषित पानी की मिलावट।
ग्राम पंचायत मालसगौदा में अवैध शराब का कारोबार
मालसगौदा क्षेत्र में ट्रस्ट के पदाधिकारियों को स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री खुलेआम हो रही है। इस अवैध कारोबार के कारण समाज में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, अवैध शराब के कारण न केवल युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है बल्कि कई परिवारों में घरेलू हिंसा और आर्थिक संकट की स्थिति भी पैदा हो रही है। शराब की लत के चलते कई लोग अपनी आय का बड़ा हिस्सा इस नशे की ओर खर्च कर रहे हैं, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है।
इसके अलावा, सामाजिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है और गांव में अशांति की स्थिति बनी हुई है। कई ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पा रही है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

ग्रामीणों से संवाद और आश्वासन
निरीक्षण के दौरान ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से विस्तार से बातचीत की। लोगों ने अपनी समस्याएं खुलकर साझा कीं और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित विभागों तक इन मुद्दों को पहुंचाया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट इस मामले में लगातार निगरानी बनाए रखेगा ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
ग्राम रेहटी में पेयजल संकट की गंभीर स्थिति
निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत बुराड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम रेहटी में एक और गंभीर समस्या सामने आई, जो पेयजल से संबंधित थी।
ग्रामीणों ने बताया कि उनके क्षेत्र में सप्लाई होने वाले पेयजल में नाली का दूषित पानी मिल रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। कई लोगों ने शिकायत की कि इस पानी के सेवन से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और बच्चों तथा बुजुर्गों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ रहा है।
पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में इस तरह की गड़बड़ी ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित कर रही है।
एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया
दोनों गंभीर समस्याओं के निरीक्षण के बाद ट्रस्ट के पदाधिकारी खातेगांव एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम प्रवीण प्रजापति को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि ग्राम मालसगौदा में अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए और ग्राम रेहटी में पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
एसडीएम को स्थिति की पूरी जानकारी दी गई और उनसे प्रशासनिक स्तर पर तुरंत कार्रवाई की मांग की गई।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
एसडीएम प्रवीण प्रजापति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पीएचई विभाग को निर्देशित किया कि ग्राम रेहटी में पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
इसके साथ ही आबकारी विभाग को भी अवैध शराब बिक्री के मामलों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए सूचित किया गया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि दोनों समस्याओं पर शीघ्र और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

ट्रस्ट का उद्देश्य और सामाजिक दृष्टिकोण
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त हर प्रकार की समस्या को प्रशासन के सामने मजबूती से रखना है।
उन्होंने कहा कि चाहे वह अवैध गतिविधियां हों या मूलभूत सुविधाओं की कमी, ट्रस्ट हर स्थिति में जनता के साथ खड़ा रहेगा और समाधान के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में शांति, सुरक्षा और समानता बनाए रखना ट्रस्ट की प्राथमिकता है।
संगठन के अन्य सदस्यों की भूमिका
इस अभियान में ट्रस्ट के कई प्रमुख सदस्य भी सक्रिय रूप से शामिल रहे। इनमें शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता और जीवनलाल जैन (चाय वाले) प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
इन सभी सदस्यों ने संयुक्त रूप से कहा कि ट्रस्ट हमेशा जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है और आगे भी प्रशासन के साथ मिलकर समस्याओं के समाधान में सहयोग करता रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में जागरूकता लाना बेहद जरूरी है, क्योंकि जागरूक नागरिक ही किसी भी परिवर्तन की नींव रखते हैं।
सामाजिक प्रभाव और ग्रामीणों की उम्मीदें
ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा। अवैध शराब पर रोक लगने से सामाजिक माहौल सुधरेगा और पेयजल समस्या का समाधान होने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होंगे।
लोगों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन और ट्रस्ट के संयुक्त प्रयासों से जल्द ही स्थिति में सुधार होगा और गांवों में सामान्य जीवन बहाल होगा।
निष्कर्ष
देवास जिले के मालसगौदा और रेहटी क्षेत्रों में सामने आई समस्याएं ग्रामीण विकास की चुनौतियों को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। अवैध शराब बिक्री और दूषित पेयजल जैसी समस्याएं न केवल सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करती हैं बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करती हैं।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा उठाया गया यह कदम निश्चित रूप से प्रशासन को सक्रिय करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन कितनी तेजी से इन समस्याओं का समाधान करता है और ग्रामीणों को राहत प्रदान करता है।
ट्रस्ट का यह प्रयास समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी का एक उदाहरण है, जो भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
