टोंककलां पटाखा फैक्ट्री विस्फोट स्थल का भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा निरीक्षण, घायलों से मुलाकात
Dewas जिले में हुए भीषण हादसे के बाद ट्रस्ट टीम सक्रिय
Dewas (15 मई 2026, शुक्रवार)।
Dewas जिले के टोंककलां स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की दर्दनाक घटना के बाद भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, जिला देवास की टीम ने घटनास्थल एवं अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। टीम ने घायलों, पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात कर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
इस दुखद घटना में अब तक 3 लोगों की असमय मृत्यु की पुष्टि हुई है, जबकि कई मजदूर घायल हुए हैं और कुछ के लापता होने की सूचना भी सामने आई है। फैक्ट्री में बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत थे, जहां प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अत्यधिक गर्मी और संभावित लापरवाही को विस्फोट का कारण माना जा रहा है।
ट्रस्ट टीम ने किया अस्पताल और घटनास्थल का निरीक्षण
प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष श्री महेश कुमार वर्मा के निर्देशानुसार एवं प्राप्त सूचना के आधार पर जिला अध्यक्ष श्री सतीश खण्डेलवाल के नेतृत्व में टीम ने त्वरित कार्रवाई की। टीम ने सबसे पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया और उसके बाद अस्पतालों में पहुंचकर घायलों की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण दल में जिला अध्यक्ष श्रीमती रविंद्र कौर टुटेजा, जिला मंत्री श्रीमती रंजना राय, जिला उपाध्यक्ष श्री बृजेश शर्मा एवं जिला मंत्री श्री महेन्द्र गुर्जर शामिल रहे।
अमलतास अस्पताल में घायलों से मुलाकात
ट्रस्ट टीम ने अमलतास हॉस्पिटल पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान मरीजों की स्थिति और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली गई। परिजनों ने बताया कि प्रशासन द्वारा निःशुल्क उपचार एवं भोजन की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है, जिससे राहत मिली है।
इसके बाद टीम ने तहसीलदार श्रीमती नितिका पाऊल से मुलाकात कर राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
घायलों की स्थिति और प्रशासनिक जानकारी
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में लगभग 150 मजदूर कार्यरत थे। हादसे में 3 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि 22 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 8 की स्थिति गंभीर बताई गई है और 2 मरीज वेंटिलेटर पर हैं।
गंभीर घायलों में राहुल पासवान और अभिषेक पासवान (निवासी बिहार) शामिल हैं। वहीं अमन पासवान को बेहतर उपचार के लिए इंदौर स्थित एम.वाय. हॉस्पिटल एवं चोइथराम हॉस्पिटल रेफर किया गया है।
फैक्ट्री प्रबंधन और प्रशासन से चर्चा
ट्रस्ट टीम ने फैक्ट्री डायरेक्टर श्री अश्विन तंवर से भी चर्चा की और घटना से संबंधित जानकारी ली। साथ ही नायब तहसीलदार श्री रवि शर्मा से भी संवाद किया गया। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री परिसर में मौजूद सभी स्थानीय महिला एवं पुरुष सुरक्षित हैं, साथ ही 8 से 9 नाबालिग बच्चे भी सुरक्षित पाए गए हैं।
मामले की विस्तृत जांच प्रशासन द्वारा जारी है।

निष्पक्ष जांच और सहायता की मांग
ट्रस्ट ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहे। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए फैक्ट्री सुरक्षा मानकों, वैध लाइसेंसिंग और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की सख्त जांच आवश्यक है।
ट्रस्ट ने कहा कि किसी भी प्रकार की औद्योगिक लापरवाही अस्वीकार्य है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक है। उन्होंने दिवंगत श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी घायलों को सर्वोत्तम उपचार मिले और प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं की गंभीर जांच आवश्यक है।
ट्रस्ट का सामूहिक संदेश
संगठन के पदाधिकारियों शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता एवं जीवनलाल जैन ने संयुक्त रूप से कहा कि मानव जीवन सर्वोपरि है। औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि सभी फैक्ट्रियों की नियमित जांच की जाए ताकि भविष्य में निर्दोष श्रमिकों की जान जोखिम में न पड़े।
निष्कर्ष
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि वह इस दुखद घटना में प्रभावित सभी पीड़ितों और जरूरतमंद परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। ट्रस्ट ने कहा कि ऐसे कठिन समय में किसी भी पीड़ित परिवार को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। संगठन का उद्देश्य केवल घटना की जानकारी लेना ही नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों को वास्तविक सहायता उपलब्ध कराना भी है।
ट्रस्ट ने आश्वासन दिया है कि घायलों के बेहतर उपचार, आवश्यक आर्थिक सहायता और पुनर्वास की दिशा में संबंधित प्रशासन और विभागों से लगातार संवाद किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की सख्त निगरानी और जांच की मांग भी की जाएगी। ट्रस्ट ने कहा कि मानव अधिकारों की रक्षा और पीड़ितों को न्याय दिलाना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और वह इस दायित्व को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाता रहेगा।
दिनांक: 15 मई 2026
