जल झूलनी ग्यारस पर खट्टाली के चारभुजानाथ मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने महिलाओं और श्रद्धालुओं के साथ किया गरबा; महेश पटेल और पूर्व विधायक मुकेश पटेल ने भी किए दर्शन
रिपोर्ट: खलील मंसूरी, अलीराजपुर | दैनिक स्वराज वाणी
खट्टाली। जल झूलनी ग्यारस, जिसे डोल ग्यारस भी कहा जाता है, के अवसर पर खट्टाली स्थित श्री चारभुजानाथ मंदिर में धार्मिक आयोजन हुआ। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और आसपास के गांवों से आए लोगों ने भगवान श्री चारभुजानाथ के दर्शन किए। पूजा-अर्चना के साथ भक्ति गीत और गरबा भी आयोजन का हिस्सा रहे।
मंदिर परिसर में पूरे दिन श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं ने भगवान के समक्ष पूजा कर परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन में मंदिर समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाजजन भी शामिल हुए। भगवान चारभुजानाथ के जयकारों से परिसर गूंजता रहा।
जनप्रतिनिधियों ने किए भगवान चारभुजानाथ के दर्शन
कार्यक्रम में जोबट विधायक सेना महेश पटेल, आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल और अलीराजपुर के पूर्व विधायक मुकेश पटेल पहुंचे। तीनों ने भगवान श्री चारभुजानाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने क्षेत्र में सुख-शांति और खुशहाली की कामना की तथा उपस्थित लोगों को जल झूलनी ग्यारस की शुभकामनाएं दीं।
जनप्रतिनिधियों के मंदिर पहुंचने पर वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने उनसे मुलाकात की। पूजा के बाद वे धार्मिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए। आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं की भागीदारी रही।
विधायक ने महिलाओं के साथ किया गरबा
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं के साथ गरबा किया। भक्ति गीतों की ताल पर महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में गरबा करते हुए पर्व मनाया। विधायक की सहभागिता से कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का उत्साह बढ़ा और अन्य श्रद्धालु भी गरबा में शामिल हुए।
मंदिर में दर्शन और पूजा के साथ हुए इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को एक साथ पर्व मनाने का अवसर दिया। महिलाओं ने गरबा के माध्यम से अपनी सहभागिता दर्ज कराई, जबकि अन्य लोग भक्ति गीतों और जयकारों के बीच आयोजन में जुड़े रहे।
परंपराओं से जुड़ने का अवसर: सेना महेश पटेल
विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि जल झूलनी ग्यारस धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं और समाज में आपसी प्रेम तथा भाईचारे को बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में समाज के सभी वर्गों की भूमिका है।
उन्होंने भगवान श्री चारभुजानाथ से क्षेत्रवासियों के अच्छे स्वास्थ्य, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। साथ ही उपस्थित समाजजन और श्रद्धालुओं को पर्व की बधाई दी।
आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने भी मंदिर में दर्शन-पूजन कर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। पूर्व विधायक मुकेश पटेल ने कहा कि धार्मिक पर्व संस्कृति और सामाजिक एकता से जुड़े होते हैं। उनके अनुसार, ऐसे कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी से परंपराएं आगे बढ़ती हैं।
आसपास के गांवों से भी पहुंचे श्रद्धालु
खट्टाली में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के अलावा आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर समिति के पदाधिकारी, महिलाएं, युवा और समाज के अन्य सदस्य पूजा-अर्चना तथा धार्मिक गतिविधियों में शामिल हुए। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और भगवान चारभुजानाथ के जयकारों का क्रम चलता रहा।
जल झूलनी ग्यारस के इस आयोजन में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन करने के साथ एक-दूसरे से मिलकर पर्व की शुभकामनाएं साझा कीं। पूजा, गरबा और सामूहिक सहभागिता के बीच खट्टाली के श्री चारभुजानाथ मंदिर में पर्व मनाया गया।
