पुष्प श्रृंगार, आरती और 56 भोग के विशेष आयोजन से भक्तिमय होता है मंदिर परिसर
कुक्षी। धार जिले के कुक्षी क्षेत्र के समीप स्थित ग्राम कोलगांव में भगवान श्री खाटू श्याम का प्रसिद्ध मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। “हारे का सहारा, खाटू श्याम हमारा” के जयकारों के साथ यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सुसारी गांव से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर धार्मिक आस्था और भक्ति का ऐसा केंद्र बन गया है, जहां आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु पहुंचकर बाबा खाटू श्याम के दर्शन कर रहे हैं।
मंदिर में लगातार बढ़ रही भक्तों की संख्या क्षेत्र में इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है। महिला और पुरुष श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और बाबा खाटू श्याम से सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हैं। धार्मिक वातावरण, नियमित पूजा-पाठ और विशेष आयोजनों के कारण मंदिर परिसर में हमेशा भक्तिमय माहौल बना रहता है।
दूर-दराज से पहुंच रहे श्रद्धालु
ग्राम कोलगांव स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा अन्य जिलों से भी भक्त दर्शन करने पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा खाटू श्याम के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य पूरी होती है। इसी विश्वास के चलते दिन-प्रतिदिन मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है।
विशेष रूप से एकादशी के अवसर पर मंदिर में भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है। इस दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो जाता है और देर रात तक पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहता है। भक्त बाबा के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं रखते हैं और धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।
हर एकादशी पर होता है विशेष आयोजन
श्री खाटू श्याम मंदिर में प्रत्येक एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। इस अवसर पर बाबा खाटू श्याम का आकर्षक पुष्प श्रृंगार किया जाता है। मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और सुंदर सजावट से सजाया जाता है। बाबा के मनोहारी स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
एकादशी के दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ शाम 7 बजे आरती का आयोजन किया जाता है। इसके बाद रात्रि 12 बजे भी विशेष आरती होती है, जिसमें भक्त बड़ी संख्या में शामिल होकर बाबा के जयकारे लगाते हैं। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा के वातावरण से भर जाता है।
56 भोग का लगाया जाता है महाप्रसादी का भोग
मंदिर में धार्मिक परंपराओं के अनुसार बाबा खाटू श्याम को 56 भोग की महाप्रसादी अर्पित की जाती है। इस विशेष आयोजन में विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार कर बाबा को भोग लगाया जाता है। पूजा के बाद प्रसादी का वितरण श्रद्धालुओं के बीच किया जाता है।
भक्त इस प्रसादी को बाबा का आशीर्वाद मानकर ग्रहण करते हैं। मंदिर में होने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं और धार्मिक कार्यक्रमों का आनंद लेते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विश्वास का केंद्र
कोलगांव का श्री खाटू श्याम मंदिर अब क्षेत्र में धार्मिक पहचान बना चुका है। यहां आने वाले भक्तों को आध्यात्मिक शांति और भक्ति का अनुभव होता है। मंदिर में होने वाले नियमित धार्मिक कार्यक्रमों ने इसे क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल कर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले तक मंदिर में सीमित संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे, लेकिन धीरे-धीरे बाबा खाटू श्याम के प्रति लोगों की आस्था बढ़ती गई और अब यहां बड़ी संख्या में भक्त आने लगे हैं।
भक्ति और सेवा की भावना से जुड़े लोग
मंदिर से जुड़े श्रद्धालु और सेवक लगातार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में जुटे रहते हैं। भक्तों के लिए पूजा व्यवस्था, प्रसादी वितरण और अन्य धार्मिक गतिविधियों का संचालन मिल-जुलकर किया जाता है।
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां का वातावरण बेहद शांत और सकारात्मक है। बाबा के दर्शन करने के बाद उन्हें मानसिक शांति और नई ऊर्जा का अनुभव होता है।
स्थानीय लोगों का बढ़ता जुड़ाव
ग्राम कोलगांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों का मंदिर से विशेष जुड़ाव है। स्थानीय ग्रामीण धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखते हैं।
मंदिर में होने वाले कार्यक्रमों में गांव के लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु भी सहयोग करते हैं। इससे मंदिर की धार्मिक गतिविधियां लगातार आगे बढ़ रही हैं।
क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा
श्री खाटू श्याम मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है। आसपास के छोटे व्यापारियों और स्थानीय लोगों को भी इसका लाभ मिल रहा है। धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के आने से क्षेत्र में रौनक बढ़ जाती है।
मंदिर की बढ़ती प्रसिद्धि को देखते हुए आने वाले समय में यहां और अधिक सुविधाओं के विकास की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।
बाबा खाटू श्याम के प्रति अटूट श्रद्धा
बाबा खाटू श्याम को कलियुग के देवता के रूप में श्रद्धालुओं द्वारा पूजा जाता है। भक्तों का विश्वास है कि बाबा अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं और संकट के समय उनका सहारा बनते हैं।
इसी आस्था के कारण ग्राम कोलगांव स्थित यह मंदिर लगातार श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। यहां होने वाले धार्मिक आयोजन, भव्य आरती और भक्तों की सहभागिता मंदिर की विशेष पहचान बन चुके हैं।
स्थानीय श्रद्धालु आयुष पाटीदार ने बताया कि मंदिर में प्रत्येक एकादशी पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बाबा का पुष्प श्रृंगार, आरती और 56 भोग का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है।
ग्राम कोलगांव का श्री खाटू श्याम मंदिर आने वाले समय में क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। श्रद्धा, भक्ति और सेवा की भावना से जुड़ा यह मंदिर लगातार भक्तों के विश्वास का केंद्र बना हुआ है।
संवाददाता कौशिक पण्डित , मनावर ज़िला धार मध्य प्रदेश
