दिल्ली ब्लास्ट: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने किया इनकार, कहा- ‘कोई वार खाली नहीं जाएगा’
नई दिल्ली, 12 नवंबर 2025: राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए भयानक ब्लास्ट (Delhi Blast) को लेकर पाकिस्तान और भारत के बीच बयानबाजी का सिलसिला बढ़ गया है। इस हमले के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Pakistan Defence Minister Khawaja Asif) ने बयान दिया है कि इस हमले में पाकिस्तान का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत इस घटना का फायदा उठाकर पाकिस्तान को दोषी ठहराने की कोशिश कर रहा है।
ख्वाजा आसिफ ने जियो टीवी के साथ बातचीत में साफ तौर पर कहा,
“कल तक यह केवल गैस सिलेंडर फटने का मामला था। लेकिन भारतीय सरकार ने इसे राजनीतिक और सुरक्षा एजेंडों के लिए भुनाने की कोशिश की। अमित शाह ने मौके पर जाकर इसे बाहरी साजिश बताने का प्रयास किया।”
आसिफ ने आगे कहा कि बाद में इस घटना को दहशतगर्दी (Terrorism) से जोड़ा गया और संभावना जताई कि जल्द ही भारत इस ब्लास्ट को पाकिस्तान से जोड़ सकता है। उन्होंने कहा,
“मुझे हैरानी नहीं होगी अगर अगले कुछ घंटों में भारत हम पर इस ब्लास्ट का आरोप लगा दे।”
पाकिस्तान का स्पष्ट इनकार और युद्ध की कोई इच्छा नहीं
ख्वाजा आसिफ ने यह भी बताया कि पाकिस्तान भारत के साथ किसी भी तरह के युद्ध (India-Pakistan Conflict) में शामिल होने में कोई दिलचस्पी नहीं रखता। उनका कहना था कि पाकिस्तान अपने देश को आर्थिक रूप से मजबूत (Economically Strong Pakistan) बनाने में व्यस्त है और ऐसे ‘गैर-जिम्मेदाराना एडवेंचर’ करने की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा,
“हमारा लक्ष्य अपने देश की आर्थिक प्रगति और स्थिरता है। हमें भारत के साथ किसी प्रकार के युद्ध में पड़ने का कोई इरादा नहीं है।”
हालांकि, ख्वाजा आसिफ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पाकिस्तान के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है, तो उसका जवाब देना उनकी जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा,
“कोई भी वार खाली नहीं जाएगा।”
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आरोप और भारत का खंडन
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Prime Minister Shehbaz Sharif) ने इस मामले में भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि हाल ही में पाकिस्तान में हुए ब्लास्ट के पीछे भारत का हाथ हो सकता है। उनका कहना है कि इन हमलों का मकसद पाकिस्तान को अस्थिर करना है।
इसके जवाब में भारत सरकार ने पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (MEA Spokesperson Randhir Jaiswal) ने 11 नवंबर को कहा,
“पड़ोसी देश के बौखलाए नेतृत्व द्वारा लगाए गए निराधार आरोपों को भारत स्पष्ट रूप से खारिज करता है। भारत का किसी भी आतंकी हमले या हिंसक घटना में कोई हाथ नहीं है।”
दिल्ली ब्लास्ट की जांच और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर प्रभाव
दिल्ली में हाल ही में हुए इस ब्लास्ट ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) और सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता (Security Preparedness) को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। ख्वाजा आसिफ के बयान और भारत सरकार के खंडन के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में दोनों देशों के बीच राजनयिक (Diplomatic) और सुरक्षा संबंध (Security Relations) कैसे प्रभावित होते हैं।
निष्कर्ष
दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। पाकिस्तान का साफ इनकार और भारत का खंडन दोनों ही देशों के बीच सुरक्षा और राजनयिक संबंधों पर गंभीर असर डाल सकते हैं। ख्वाजा आसिफ के बयान में यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान भारत के साथ युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता, लेकिन किसी भी प्रकार की कार्रवाई के जवाब में वे खामोश भी नहीं रहेंगे।
इस घटना ने यह भी साबित किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद (National Security & Terrorism) के मुद्दे पर दोनों देशों की प्रतिक्रिया और बयानबाजी मीडिया और जनता के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि भारत और पाकिस्तान कैसे अपने राजनीतिक और सुरक्षा एजेंडा को संतुलित करते हैं।
