दतिया उपचुनाव परिणाम 2026 LIVE: शुरुआती बढ़त के बाद बदला मुकाबला, कांग्रेस ने बनाई बढ़त, भाजपा पर बढ़ा दबाव
दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना में शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने बढ़त बनाई, लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, मुकाबला बेहद रोमांचक होता गया। बाद के राउंड में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने जोरदार वापसी करते हुए बढ़त हासिल कर ली, जिससे चुनावी मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो गया।
यह उपचुनाव प्रदेश की सत्ता पर कोई असर नहीं डालने वाला है, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा के लिए यह अपनी संगठनात्मक ताकत साबित करने का अवसर है, जबकि कांग्रेस इसे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जनता के भरोसे की परीक्षा मान रही है।
पहले दो राउंड में भाजपा को मिली बढ़त
मतगणना के पहले राउंड में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 4,651 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के घनश्याम सिंह को 3,367 वोट प्राप्त हुए। पहले राउंड में भाजपा को 1,284 वोटों की बढ़त मिली।
दूसरे राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद आशुतोष तिवारी कुल 8,253 वोट के साथ आगे बने रहे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी 7,378 वोट तक पहुंचे। इस चरण में भाजपा की कुल बढ़त 875 वोट रही। वहीं आजाद समाज पार्टी (एएसपी) के उम्मीदवार दामोदर यादव को 3,529 वोट मिले।
इन शुरुआती रुझानों के बाद भाजपा खेमे में उत्साह का माहौल था और पार्टी कार्यकर्ता जीत के प्रति आश्वस्त नजर आने लगे।
तीसरे राउंड में कांटे का हुआ मुकाबला
तीसरे राउंड की मतगणना ने मुकाबले को पूरी तरह रोमांचक बना दिया। भाजपा की बढ़त घटकर महज 139 वोट रह गई। इससे साफ हो गया कि चुनाव एकतरफा नहीं बल्कि बेहद करीबी होने जा रहा है।
इसी दौरान कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने दावा किया कि तीसरे राउंड के बाद वास्तव में कांग्रेस को 33 वोटों की बढ़त मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में भीतरघात के कारण शुरुआती राउंड में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं हो पाया, लेकिन आगे के राउंड में कांग्रेस निर्णायक बढ़त हासिल करेगी।
कांग्रेस ने जताया बड़ी जीत का भरोसा
मतगणना के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि शहरी क्षेत्रों की ईवीएम खुलने के बाद पार्टी की बढ़त लगातार बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता का व्यापक समर्थन मिला है और अंतिम परिणाम में उनकी जीत 12 हजार से अधिक मतों के अंतर से होगी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाताओं ने विकास, स्थानीय मुद्दों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मतदान किया है, जिसका लाभ पार्टी को मिल रहा है।
भाजपा का भरोसा कायम
भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की मेहनत का लाभ पार्टी को मिलेगा। शुरुआती राउंड में मिली बढ़त के आधार पर भाजपा ने अपनी जीत का विश्वास जताया था।
हालांकि बाद के राउंड में कांग्रेस की बढ़त बढ़ने के बावजूद भाजपा नेताओं का कहना है कि अंतिम राउंड तक स्थिति बदल सकती है और परिणाम आने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
पीसी शर्मा ने मतगणना पर रखी नजर
मतगणना के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी दतिया में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रतिनिधि लगातार मतगणना केंद्र पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि मतगणना पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।
उन्होंने विश्वास जताया कि अंतिम परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आएगा।
त्रिकोणीय मुकाबले की भी रही चर्चा
हालांकि मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है, लेकिन आजाद समाज पार्टी (ASP) के उम्मीदवार दामोदर यादव ने भी चुनाव को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास किया। उन्हें लगातार हजारों वोट मिलते रहे, जिससे माना जा रहा है कि उनका प्रदर्शन दोनों प्रमुख दलों के वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि एएसपी को अपेक्षा से अधिक वोट मिलते हैं तो इसका सीधा असर भाजपा और कांग्रेस दोनों के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
राजनीतिक महत्व का चुनाव
दतिया उपचुनाव का परिणाम राज्य सरकार के गठन पर कोई प्रभाव नहीं डालेगा, लेकिन इसे राजनीतिक प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा है। भाजपा के लिए यह अपनी सरकार और संगठन की लोकप्रियता साबित करने की चुनौती है, जबकि कांग्रेस इसे जनता के बीच अपनी वापसी का संकेत मान रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव का असर आगामी नगरीय निकाय और विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी दिखाई दे सकता है।
मतगणना पर टिकी सभी की निगाहें
मतगणना के हर राउंड के साथ तस्वीर बदलती रही। शुरुआती बढ़त भाजपा के पक्ष में रही, लेकिन बाद में कांग्रेस ने वापसी कर मुकाबले को अपने पक्ष में मोड़ दिया। दोनों प्रमुख दलों के कार्यकर्ता मतगणना केंद्र के बाहर लगातार अपडेट लेते रहे और अपनी-अपनी जीत के दावे करते रहे।
अब सभी की निगाहें अंतिम राउंड और आधिकारिक परिणाम पर टिकी हैं। अंतिम नतीजा आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दतिया की जनता ने किस उम्मीदवार पर अपना भरोसा जताया है और कौन इस प्रतिष्ठित उपचुनाव का विजेता बनेगा।
