अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर जिला अस्पताल दमोह में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित हुआ। 289 वृद्धजनों ने स्वास्थ्य जांच और 103 मरीजों ने फिजियोथेरेपी सेवा का लाभ लिया।
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर स्वास्थ्य शिविर, 289 वृद्धजनों ने कराई जांच
जिला अस्पताल दमोह में मिला निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ, 103 मरीजों ने ली फिजियोथेरेपी सेवा
दैनिक स्वराज वाणी
कोमल अहिरवार, जिला ब्यूरो चीफ
दमोह। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर 1 अक्टूबर को जिला अस्पताल दमोह में वृद्धजनों के लिए निःशुल्क विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 289 वृद्धजनों ने पंजीयन कराकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार संबंधी सेवाओं का लाभ लिया। शिविर में पहुंचे वृद्धजनों का सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल एवं डॉ. विशाल शुक्ला ने फूलमाला पहनाकर सम्मान किया।
डॉ. विशाल शुक्ला ने बताया कि राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों की विशेष देखभाल और उनके स्वास्थ्य की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से शिविर आयोजित किया गया। इसमें वृद्धजनों को एक ही स्थान पर विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
डॉ. सुधीर आर्य ने वृद्धजनों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि दैनिक दिनचर्या में सुधार, सुबह समय पर उठना, नियमित चलना-फिरना और संतुलित खान-पान अपनाकर लंबे समय तक स्वस्थ एवं निरोगी जीवन जीने में मदद मिल सकती है।
एक ही स्थान पर मिलीं कई जांच सुविधाएं
डॉ. मनीष संगतानी ने बताया कि शिविर में आने वाले वृद्धजनों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ईसीजी, ब्लड प्रेशर, शुगर, ब्लड टेस्ट, नेत्र परीक्षण, मानसिक स्वास्थ्य जांच, बधिरता एवं श्रवण परीक्षण तथा नाक-कान-गला संबंधी जांच की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. रजनीश गांगरा ने बताया कि डीईआईसी में आयोजित शिविर में हड्डी रोग, स्त्री रोग, सर्जरी संबंधी समस्याओं, हृदय रोग, क्षय रोग और दंत रोग की जांच के साथ फिजियोथेरेपी एवं निःशुल्क दवा वितरण की सुविधा दी गई। दोपहर तक 289 वृद्धजनों ने पंजीयन कराया, जबकि 103 मरीजों ने फिजियोथेरेपी सेवाओं का लाभ लिया।
शिविर के संचालन एवं वृद्धजनों की जांच-उपचार में डॉ. आरिफ खान, डॉ. बहादुर, डॉ. एसएस सूर्यवंशी, डॉ. नितिन सेन, डॉ. प्रीति ठाकुर, डीईआईसी मैनेजर नरेश राठौर, मकसूद खान, तहमीना खान, मिनि शिवा, रीना चंदेल, सावित्री ठाकुर, विमलेश ठाकुर, सुमन राठौर, राजुल चौरसिया, मंजु मस्कोले, संदीप पटेल, नवप्रकाश जैन, शुभम राठौर, अजय अहिरवाल और नरेंद्र रैकवार का विशेष सहयोग रहा।


